मां पूर्णागिरि मेला 2026 शुभारंभ | सालभर आयोजन का ऐलान टनकपुर में उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध ऐतिहासिक Maa Purnagiri Mela का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मेले को पूरे वर्ष संचालित करने का लक्ष्य घोषित करते हुए पूर्णागिरि धाम को स्थायी और भव्य संरचनाओं से सुसज्जित करने का संकल्प दोहराया।
मां पूर्णागिरि मेला 2026 का भव्य शुभारंभ, सीएम धामी ने किया सालभर आयोजन का ऐलान
टनकपुर में गूंजा जयकारा: पूर्णागिरि धाम को मिलेगा नया पर्यटन सर्किट
पूर्णागिरि मेला अब 12 महीने? सीएम धामी की बड़ी घोषणा
चम्पावत को मिलेगी नई पहचान, पूर्णागिरि मेले से पर्यटन को बूस्ट
रोपवे, भव्य प्रवेश द्वार और सड़कें… पूर्णागिरि धाम के लिए बड़ी सौगात
पूर्णागिरि धाम को मिलेगा आधुनिक स्वरूप
मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों की घोषणा की, जिनमें शामिल हैं:
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सेलागाड़ से कोटकेंद्री तक संपर्क मार्ग निर्माण
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कालीगूठ–पूर्णागिरि मेला स्थलों का सौंदर्यकरण
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तामली–रूपालीगढ़–सीम मोटर मार्ग निर्माण
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भव्य प्रवेश द्वार निर्माण
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आंतरिक क्षेत्र विकास, विश्राम रोड और पुलिया निर्माण
उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि घोषणाओं पर बिना विलंब कार्य शुरू किया जाए।
आध्यात्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकास
मुख्यमंत्री ने कहा कि Champawat आस्था, संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण है। सरकार का लक्ष्य इसे बुनियादी सुविधाओं से सशक्त कर एक प्रमुख आध्यात्मिक एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना है।
Tanakpur में 240 करोड़ से अधिक लागत से इंटर स्टेट बस टर्मिनल विकसित किया जा रहा है।
रोपवे, पर्यटन सर्किट और कनेक्टिविटी
माँ पूर्णागिरि धाम में रोपवे निर्माण कार्य जारी है। साथ ही आसपास के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों को जोड़कर विशेष पर्यटन सर्किट विकसित किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सालभर आकर्षित किया जा सके।
सरकार संचार व्यवस्था सुदृढ़ करने और यात्रा सुविधाएं बेहतर बनाने पर भी काम कर रही है।
शिक्षा, खेल और स्वास्थ्य में बड़ी परियोजनाएं
मुख्यमंत्री ने जनपद में चल रही प्रमुख परियोजनाओं का उल्लेख किया:
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Soban Singh Jeena University का चम्पावत कैंपस
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55 करोड़ की लागत से साइंस सेंटर निर्माण
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लोहाघाट में 237 करोड़ से महिला स्पोर्ट्स कॉलेज
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50 बेड का क्रिटिकल केयर ब्लॉक
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इंटीग्रेटेड नर्सिंग संस्थान भवन निर्माण
इन परियोजनाओं से शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल के क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलेंगी।
धार्मिक और साहसिक पर्यटन को बढ़ावा
टनकपुर में राष्ट्रीय खेलों के दौरान राफ्टिंग को नई पहचान मिली है। श्यामलाताल झील विकास के लिए 5 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं और क्षेत्र को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्णागिरि मेला राज्य की प्राथमिकता है और स्वच्छता, पेयजल, शौचालय और धर्मशालाओं की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
क्यों खास है यह पहल?
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मेले को 12 महीने संचालित करने का लक्ष्य
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धार्मिक पर्यटन + साहसिक पर्यटन का समन्वय
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मजबूत कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचा
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स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
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रोजगार के नए अवसर
माँ पूर्णागिरि धाम आने वाले समय में उत्तराखंड के प्रमुख आध्यात्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में नई पहचान बना सकता है।


