Thursday, February 26, 2026
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2.5 लाख महिलाएं बनेंगी ‘लखपति दीदी

2.5 लाख महिलाएं बनेंगी ‘लखपति दीदी 677.75 करोड़ की वार्षिक कार्ययोजना मंजूर मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में ग्रामीण वेग वृद्धि परियोजना (Uttarakhand REAP) की उच्चाधिकार एवं मार्गदर्शन समिति की बैठक आयोजित हुई।

बैठक में वर्ष 2025-26 की प्रगति रिपोर्ट तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रस्तावित कार्ययोजना एवं बजट का प्रस्तुतीकरण किया गया। समिति ने वर्ष 2026-27 के लिए 677.75 करोड़ रुपये की वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट को मंजूरी प्रदान की। कार्ययोजना के प्रमुख बिंदु

स्वरोजगार (Gramotthan)एवं आजीविका संवर्धन(WomenEmpowerment) आय सृजन गतिविधियों को प्रोत्साहन स्थानीय संसाधन विकास कृषि एवं सहायक गतिविधियों को बढ़ावा(RuralDevelopment) लघु उद्यमों को वित्तीय व प्रशासनिक स्वीकृति

 2.5 लाख ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य

मुख्य सचिव ने वर्ष 2026-27 में 2.5 लाख महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया।

निर्देश दिए गए कि REAP से लाभान्वित महिलाओं को अन्य विभागीय एवं केंद्र/राज्य योजनाओं से जोड़ा जाए और योजनाओं का प्रभावी कन्वर्जेंस सुनिश्चित किया जाए।

महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण के लिए समेकित कार्ययोजना तैयार करने और गहन होमवर्क करने पर विशेष जोर दिया गया।

महिला किसान वर्ष 2026 पर विशेष रणनीति

वर्ष 2026 को अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान वर्ष के रूप में देखते हुए ‘लखपति दीदी’ योजना के अंतर्गत महिलाओं को विशेष वित्तीय, तकनीकी, पूंजीगत एवं संस्थागत सहयोग देने के निर्देश दिए गए।

समान प्रकृति वाले स्वयं सहायता समूहों की पहचान कर उन्हें बेहतर आजीविका अवसर उपलब्ध कराने की रणनीति बनाने पर भी जोर दिया गया।

अनउपयोगी ग्रोथ सेंटर होंगे सक्रिय

मुख्य सचिव ने ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे ग्रोथ सेंटरों की पहचान करने के निर्देश दिए, जिनका समुचित उपयोग नहीं हो रहा है।

इन ग्रोथ सेंटरों को हाउस ऑफ हिमालय के माध्यम से सक्रिय करने की ठोस योजना बनाने को कहा गया, ताकि ग्रामीण उद्यमों को गति मिले और पलायन पर प्रभावी रोक लग सके।

 ग्रामोत्थान परियोजना का उद्देश्य

ग्रामीण उद्यम त्वरण परियोजना (ग्रामोत्थान) राज्य के सभी जनपदों में संचालित की जा रही है, जिसके तहत कृषि, गैर-कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण आधारित लघु उद्यमों को वित्तीय सहायता और प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।

इस वित्तीय वर्ष महिला सशक्तिकरण को केंद्र में रखते हुए आजीविका सुदृढ़ीकरण पर विशेष फोकस किया जा रहा है।

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