राजा का काम बोलता है 60 सीटों पर जीत का दावा हिंदुत्व के नए सशक्त चेहरे पुष्कर सिंह धामी उत्तराखंड के मुख्यसेवक पुष्कर सिंह धामी आज देशभर में हिंदुत्व के नए सशक्त चेहरे के रूप में उभरकर सामने आए हैं। मुख्यमंत्री कार्यकाल में उनके फैसलों और कार्यशैली ने सनातन संस्कृति को मजबूती दी है और हिंदू आस्था के संरक्षण–संवर्धन में उनकी भूमिका को लंबे समय तक याद किया जाएगा।
उत्तराखंड की सियासत अब नए आकार और नए तेवर में ढल रही है। 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए कई सीटों पर समीकरणों का पुनर्गठन तय माना जा रहा है। भाजपा अपनी मिशन मोड प्लानिंग में बदलाव के साथ मैदान में उतर चुकी है।
‘जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार’ अभियान ने लाखों लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया है। कुछ जिलों में परिणाम शानदार रहे हैं, तो कुछ में और अधिक गति की जरूरत साफ दिख रही है—और यही आत्ममंथन भाजपा की रणनीति को धार दे रहा है।
इसी बीच भाजपा नेता सुरेश जोशी का बयान—धामी सरकार के कामकाज के दम पर 60 सीटों पर जीत का दावा—ने सियासी गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। कई नेताओं की नींद उड़ी है, बहस तेज है, और माहौल गरमा गया है।
कहते हैं राजा का काम बोलता है और जनता का मन 2027 में फैसला करेगा। लेकिन सुरेश जोशी की इस “मन की बात” ने फिलहाल उत्तराखंड की राजनीति में जबरदस्त तड़का जरूर लगा दिया है।


