हल्द्वानी। नैनीताल व कैंची धाम के साथ ही मुक्तेश्वर में भी पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अक्सर यहां पर जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। इसकी वजह से पर्यटकों को आवागमन में असुविधाओं का सामना करना पड़ता है। यहां रिसार्ट व होटल हैं। धार्मिक दृष्टि से चौली की जाली से लेकर प्रसिद्ध शिव मंदिर है।
खूबसूरत पहाड़ और सेब के बागान हैं। पर्यटकों की इस समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को आइवीआरआइ की खाली पड़ी 500 स्क्वायर मीटर की भूमि के लिए अनुरोध किया है। सीएम की इस पहल पर पर्यटन विभाग ने 400 वाहनों की पार्किंग बनाने के लिए प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
नैनीताल, कैंची धाम के बाद अब मुक्तेश्वर भी कुमाऊं के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में तेजी से उभर रहा है। चारों ओर फैली हरियाली, हिमालयी दृश्य, सेब के बागान, चौली की जाली और प्राचीन शिव मंदिर पर्यटकों को लगातार आकर्षित कर रहे हैं।
बढ़ती लोकप्रियता के साथ यहां पर्यटकों की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है, लेकिन सीमित सड़कें और पार्किंग की कमी चुनौती बनी हुई है। पर्यटन सीजन के दौरान अक्सर जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। इसकी वजह से पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। पर्यटकों की इस गंभीर समस्या के समाधान की दिशा में राज्य सरकार ने पहल तेज कर दी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर मुक्तेश्वर स्थित आइवीआरआई (भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान) की खाली पड़ी लगभग 500 स्क्वायर मीटर भूमि को पार्किंग के लिए उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। इस भूमि पर करीब 400 वाहनों की पार्किंग विकसित की जा सकती है, जिससे मुक्तेश्वर आने वाले पर्यटकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।


