अंकिता भंडारी हत्याकांड में ‘VIP’ के नाम पर मचे सियासी घमासान के बीच मंत्री सुबोध उनियाल ने विपक्ष को घेरा। जानिए क्या है वायरल वीडियो और सीबीआई जांच की मांग का सच।
देहरादून: उत्तराखंड में तीन साल पुराने अंकिता भंडारी हत्याकांड का जिन्न एक बार फिर बाहर निकल आया है। एक ताजा वायरल वीडियो ने देहरादून से लेकर दिल्ली तक की सियासत में हलचल पैदा कर दी है। कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने आज प्रेस वार्ता कर विपक्ष के आरोपों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि विपक्ष के पास कोई पुख्ता सबूत है तो उसे सामने लाएं, सरकार हर तरह की जांच के लिए तैयार है।
मंत्री उनियाल ने कानून का हवाला देते हुए कहा कि एसआईटी (SIT) की जांच को सत्र न्यायालय से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक सही ठहरा चुके हैं। अदालत ने खुद माना था कि इस मामले में सीबीआई जांच की कोई आवश्यकता नहीं है। सरकार का रुख साफ है कि बिना तथ्यों के केवल राजनीति के लिए पुराने घावों को कुरेदना अनुचित है। उन्होंने कांग्रेस को चुनौती दी कि वे केवल हवा में आरोप न लगाएं।
यह पूरा विवाद पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी के सोशल मीडिया वीडियो के बाद शुरू हुआ। वीडियो में महिला ने अंकिता हत्याकांड में एक ‘वीआईपी गट्टू’ का जिक्र किया है। महिला का दावा है कि ‘गट्टू’ भाजपा का एक बड़ा नेता है और उसके पास घटना की पूरी जानकारी है। इस खुलासे के बाद कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है और 10 दिनों के भीतर सीबीआई जांच की सिफारिश न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने दिल्ली में प्रेस वार्ता कर मामले की निगरानी सुप्रीम कोर्ट के जज से कराने की मांग की। दूसरी ओर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने इसे कांग्रेस की ‘शर्मनाक राजनीति’ करार दिया। भट्ट ने कहा कि जब पुलिस ने सार्वजनिक अपील की थी, तब किसी ने वीआईपी का नाम क्यों नहीं बताया? उन्होंने वायरल वीडियो को छेड़छाड़ वाला और षड्यंत्र का हिस्सा बताया है।
गौरतलब है कि 18 सितंबर 2022 को वनंत्रा रिजॉर्ट की रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई थी। मुख्य आरोपी पुलकित आर्य समेत तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा हो चुकी है। हालांकि, घटना के दिन अंकिता द्वारा अपने मित्र को बताए गए उस ‘वीआईपी’ का रहस्य आज भी अनसुलझा है, जिसे लेकर अब दोबारा राज्य की राजनीति गरमा गई है।
अंकिता हत्याकांड: मंत्री सुबोध उनियाल ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस, बोले- सबूत लाओ, सरकार हर जांच को तैयार
18 सिंतबर, 2022 को वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या कर उसका शव चीला शक्ति नहर में फेंक दिया गया था। उसके बाद तीनों आरोपियों को उम्रकैद की सजा भी मिल चुकी है। लेकिन उस दिन रिजॉर्ट गए वीआईपी के नाम को लेकर सवाल बरकरार था। मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेता पर सवाल उठने पर आज मंत्री सुबोध उनियाल ने पत्रकारवार्ता की।


