मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना: अगले साल से 15 दिन पहले शुरू होगा उत्सव, 4,480 स्टॉलों से 12.50 करोड़ की बिक्री
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में ‘मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना’ के तहत स्वयं सहायता समूहों (SHG) द्वारा लगाए गए स्टॉलों का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने महिला समूहों द्वारा तैयार राखियों और स्थानीय उत्पादों का अवलोकन किया तथा प्रदेश के सभी जनपदों से वर्चुअल माध्यम से जुड़ी महिलाओं से संवाद भी किया।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अगले वर्ष से रक्षाबंधन से 15 दिन पहले ‘मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव’ की शुरुआत की जाएगी और इसे पखवाड़े के रूप में आयोजित किया जाएगा, ताकि महिला स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पादों की बिक्री के लिए अधिक समय और बेहतर बाजार मिल सके।
95 विकासखंडों में लगे 4,480 स्टॉल
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2023 में शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य महिलाओं द्वारा तैयार स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराना है। पिछले तीन वर्षों में प्रदेश के 95 विकासखंडों में 4,480 स्टॉल लगाए गए, जिनके माध्यम से लगभग 12.50 करोड़ रुपये के उत्पादों की बिक्री हुई है।
उन्होंने कहा कि आज उत्तराखंड में 70 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं, जिनसे 5.20 लाख से अधिक ग्रामीण परिवार जुड़े हुए हैं। इन समूहों को मजबूत बनाने के लिए हजारों ग्राम संगठन और सैकड़ों क्लस्टर स्तर के संगठन भी कार्य कर रहे हैं।
3 लाख से अधिक महिलाएं बनीं ‘लखपति दीदी’
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों का सकारात्मक परिणाम यह है कि प्रदेश की 3 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना ही लक्ष्य नहीं है, बल्कि उन्हें स्थायी बाजार और पहचान भी उपलब्ध कराई जा रही है।
‘सशक्त बहना बाजार’ की दिशा में कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब योजना का विस्तार करते हुए इसे ‘सशक्त बहना बाजार’ के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। इसके तहत महिला समूहों के उत्पादों को पर्यटन स्थलों, चारधाम यात्रा मार्गों, रेलवे स्टेशनों, एयरपोर्ट और होटल-रिसॉर्ट तक पहुंचाने की योजना है।
उन्होंने बताया कि राज्य में 49 ग्रोथ सेंटर, 17 सरस सेंटर, 33 नैनो पैकेजिंग यूनिट और 8 बेकरी यूनिट स्थापित की जा चुकी हैं। साथ ही यात्रा मार्गों पर 110 बिक्री केंद्र संचालित किए जा रहे हैं।
‘वोकल फॉर लोकल’ को मिल रहा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने सचिवालय के अधिकारियों और कर्मचारियों से महिला समूहों के स्टॉलों से खरीदारी करने की अपील करते हुए कहा कि यही ‘वोकल फॉर लोकल’ की वास्तविक भावना है। स्थानीय उत्पादों को अपनाकर हम मातृशक्ति के परिश्रम और हुनर का सम्मान करने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर सकते हैं।
महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए सरकार प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। राज्य सरकार भी महिलाओं को रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया गया है और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए समान नागरिक संहिता (UCC) जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। सरकार मातृशक्ति के सम्मान, सुरक्षा, स्वाभिमान और आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

