उत्तराखंड पुलिस की समीक्षा: साइबर पुलिसिंग और डिजिटल इन्वेस्टीगेशन मजबूत करने के निर्देश

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उत्तराखंड पुलिस की समीक्षा: साइबर अपराध से निपटने और डिजिटल इन्वेस्टीगेशन मजबूत करने के निर्देश

देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय में पुलिस विभाग के कार्यों की समीक्षा की। बैठक में साइबर अपराध, मानव एवं बाल तस्करी, नारकोटिक्स के खिलाफ कार्रवाई, डिजिटल पुलिसिंग और विवेचना में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने पुलिस अधिकारियों को साइबर पुलिसिंग और डिजिटल इन्वेस्टीगेशन को और मजबूत करने के निर्देश दिए।

मानव और बाल तस्करी पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश

मुख्य सचिव ने मानव एवं बाल तस्करी की रोकथाम के लिए मैदानी क्षेत्रों के साथ पर्वतीय इलाकों में भी प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग तथा पुलिस विभाग के पोर्टल को जल्द इंटीग्रेट करने और API इंटीग्रेशन के माध्यम से दोनों विभागों के डेटा में विसंगति दूर करने के निर्देश दिए।

उन्होंने दोनों विभागों के बीच बेहतर समन्वय के लिए नोडल अधिकारियों की तैनाती भी जल्द करने को कहा।

लापता बच्चों और महिलाओं के लिए बनेगा मजबूत मैकेनिज्म

मुख्य सचिव ने लापता बालिकाओं और नाबालिग बच्चों को ट्रेस करने के लिए डेडिकेटेड टीम और मजबूत मैकेनिज्म विकसित करने के निर्देश दिए। अनट्रेस्ड बच्चों एवं महिलाओं के लिए विशेष अभियान चलाने और विभिन्न विभागों के बीच डेटा शेयरिंग बढ़ाने पर भी जोर दिया।

उन्होंने ऑपरेशन स्माइल का नवीनतम डेटा उपलब्ध कराने तथा मानव एवं बाल तस्करी के मामलों का केस-वाइज विश्लेषण करने को कहा। तस्करी के नेटवर्क और संगठित अपराध की पहचान कर उसकी रोकथाम के लिए मजबूत तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए गए।

मुख्य सचिव ने कहा कि रेस्क्यू के बाद पीड़ितों के पुनर्वास पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। दूसरे राज्यों के साथ समन्वय कर पीड़ितों को उनके अभिभावकों तक सुरक्षित पहुंचाने की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

साइबर पुलिसिंग में बढ़ाई जाएगी मैनपावर

बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए मुख्य सचिव ने साइबर पुलिसिंग की मैनपावर मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने साइबर विशेषज्ञों के साथ बैंकिंग क्षेत्र के विशेषज्ञों को भी व्यवस्था से जोड़ने की आवश्यकता बताई, ताकि साइबर अपराध के मामलों में त्वरित कार्रवाई की जा सके।

उन्होंने एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) के तहत कार्रवाई के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने और NCORD की बैठक में इस संबंध में विस्तृत प्रस्तुतीकरण देने के निर्देश दिए।

विवेचना में तकनीक के इस्तेमाल पर जोर

मुख्य सचिव ने पुलिस इन्वेस्टीगेशन में तकनीक के अधिकाधिक इस्तेमाल की जरूरत बताई। उन्होंने विवेचना अधिकारियों को आवश्यक इन्वेस्टीगेशन किट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

जिन थानों में बड़ी संख्या में एफआईआर दर्ज होती हैं, वहां अलग इन्वेस्टीगेशन विंग खोलने की संभावना पर भी विचार करने को कहा गया। साथ ही e-FIR के रिजेक्शन का विश्लेषण और क्रॉस-वेरिफिकेशन करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने न्यायश्रुति, FSL, मालखाना और Dial 112 को जल्द लाइव करने तथा e-Summons के अधिकाधिक इस्तेमाल को बढ़ावा देने को कहा। ICJS 2.0 साइट्स पर नेटवर्क कनेक्टिविटी की समीक्षा करते हुए कमजोर नेटवर्क वाले क्षेत्रों में बैंडविड्थ और कनेक्टिविटी बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए।

थानों में जब्त वाहनों के निस्तारण के निर्देश

मुख्य सचिव ने कहा कि थानों में बड़ी संख्या में सीज वाहन खड़े रहने से स्पेस की समस्या पैदा हो रही है। उन्होंने जब्त वाहनों के निस्तारण के लिए डिजिटल स्टोरेज व्यवस्था अपनाने के निर्देश दिए।

जनपदों में सीज वाहनों के निस्तारण का अभियान चलाने और इसकी मासिक रिपोर्ट उपलब्ध कराने को भी कहा गया।

मुख्य सचिव ने कहा कि पुलिसिंग को अधिक प्रभावी, तकनीक आधारित और जनोन्मुख बनाने के लिए बेहतर विभागीय समन्वय, डेटा शेयरिंग, आधुनिक तकनीक और जिला स्तर पर मजबूत व्यवस्था विकसित करना जरूरी है।

बैठक में पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, सचिव गृह शैलेश बगौली, एडीजी डॉ. वी. मुरुगेशन, आईजी डॉ. निलेश आनंद भरणे, आईजी सुनील कुमार मीणा, एसएसपी तृप्ति भट्ट और एसएसपी अजय सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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