HomeDeshसियासत रंग में रंगती उत्तराखंड धामों पर राजनीति

सियासत रंग में रंगती उत्तराखंड धामों पर राजनीति

भाजपा ने मुंबई में निर्माणाधीन बद्रीनाथ मंदिर को लेकर कांग्रेस के संरक्षण और मार्गदर्शन में बनने का गंभीर आरोप लगाया है। पार्टी के प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी ने कहा, यह कांग्रेस का दोगलापन है कि वे दिल्ली में केदार मंदिर पर राजनीति करते हैं और अपनी ही हरदा सरकार के दौरान मुंबई में बद्रीनाथ मंदिर की हुबहू प्रतिकृति बनाने पर कुछ नही बोलते हैं । गोदियाल के समिति अध्यक्ष कार्यकाल से बन रहे इस मंदिर के नाम पर करोड़ों रुपए एकत्र हो रहे हैं, उसपर कार्यवाही के लिए आवाज क्यों नही उठाते हैं ।

पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कोठारी ने मंदिरों धामों के नाम पर कांग्रेस पर भ्रम एवं दोगली राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि भाजपा सरकार की नीति और नीयत दोनों स्पष्ट है। यही वजह है कि दिल्ली में प्रस्तावित श्री केदार नाथ धाम मंदिर पर जनभावनाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री धामी ने वहां तत्काल कार्यवाही की। सरकार ने देश में श्री केदार धाम ही नही, राज्य के सभी पावन धामों के नाम पर संस्था या ट्रस्ट बनाने पर रोक लगाई। बावजूद इसके कांग्रेस नेता इस मुद्दे को लेकर सस्ती राजनीति करने से बाज नहीं आ रहे हैं।

जबकि कांग्रेस की हरीश रावत सरकार में ही 1 फरवरी 2015 को मुम्बई के वसई में श्री बद्री विशाल के मंदिर का शिलान्यास हुआ । उस समय तो आज हल्ला मचाने वाले गणेश गोदियाल ही श्री बद्री केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष थे। तब से लेकर आज तक इस निर्माणधीन मंदिर का उत्तरांचल मित्र मंडल वसई ट्रस्ट, मंदिर के नाम पर श्रद्धालुओं से सैकड़ों करोड़ रुपए एकत्रित कर रहा है। उन्होंने इसके निर्माण को लेकर कांग्रेस पर संरक्षण देने और मार्गदर्शन करने का आरोप लगाया। अन्यथा गोदियाल समेत तमाम कांग्रेसी इस मंदिर निर्माण को लेकर विरोध क्यों नही करते है।

आज तक एक भी शब्द इस निर्माणधीन मंदिर को लेकर कांग्रेसियों का नही बोलना दर्शाता है कि केदारनाथ उपचुनाव को लेकर कांग्रेस सेलेक्टिव पॉलिटिक्स कर रही है । उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा, सिर्फ और सिर्फ तात्कालिक राजनैतिक लाभ के लिए कांग्रेस भगवान के धामों की छवि खराब करने से गुरेज नहीं है ।

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