Home Blog Page 83

23 दिसंबर से शुरू होगी मुख्यमंत्री चैंपियंस ट्रॉफी- रेखा आर्या

0

न्याय पंचायत, विधानसभा क्षेत्र, संसदीय क्षेत्र और राज्य स्तरीय, चार चरणों में स्पर्धा

कुल 26 खेल स्पर्धाएं, ट्रॉफी विजेता को मिलेंगे 5 लाख

देहरादून। खेल महाकुंभ इस साल नए प्रारूप में मुख्यमंत्री चैंपियंस ट्रॉफी 2025-26 के नाम से आयोजित किया जाएगा और इसकी शुरुआत 23 दिसंबर से होने जा रही है। गुरुवार को खेल मंत्री रेखा आर्या ने सचिवालय में प्रेसवार्ता के दौरान यह जानकारी दी।

खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि यह प्रतियोगिता न्याय पंचायत, विधानसभा, संसदीय क्षेत्र और राज्य स्तरीय चार चरणों में आयोजित की जाएगी।

प्रतियोगिता के दौरान कुल 26 खेल स्पर्धाएं आयोजित होंगी जिनमें इस बार परंपरागत खेलों को भी जगह दी गई है। चैंपियनशिप का समापन 28 जनवरी को किया जाएगा और इस दिन मुख्यमंत्री चैंपियंस ट्रॉफी के साथ विजेता को ₹5 लाख की धनराशि भी दी जाएगी। चैंपियन का निर्णय उनके द्वारा जीते गए मेडल के आधार पर प्रदान किए गए अंकों के योग से किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त सांसद ट्रॉफी जीतने वाली टीम को 2 लाख और विधानसभा ट्रॉफी जीतने वाली टीम को ₹1 लाख की नगद इनाम धनराशि दी जाएगी।

खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि नेशनल रिकॉर्ड तोड़ने पर खिलाड़ी को ₹1 लाख की अतिरिक्त इनाम राशि दी जाएगी।

खेल मंत्री ने बताया कि चैंपियनशिप के लिए रजिस्ट्रेशन 14 अक्टूबर से शुरू कर दिए गए थे, अभी तक 1 लाख 10 हजार से ज्यादा खिलाड़ी अपना पंजीकरण करा चुके हैं। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 22 दिसंबर तक खुले रहेंगे।

दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए अलग प्रतियोगिता

इसके साथ-साथ प्रदेश के दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए एथलेटिक्स, बैडमिंटन और तैराकी की स्पर्धा अलग से आयोजित की जाएगी। खेल मंत्री ने बताया कि इस श्रेणी के लिए भी रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिए गए हैं।

बिना जूते, ट्रैकसूट ना हो कोई खिलाड़ी
गुरुवार को खेल मंत्री रेखा आर्या ने सचिवालय स्थित एनआईसी कार्यालय में सभी जनपद के जिलाधिकारी के साथ इस आयोजन को लेकर एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की। उन्होंने सभी जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि ट्रायल और खेलों में हिस्सा लेने वाले सभी खिलाड़ी के पास जूते और ट्रैकसूट हो, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने साथ ही सर्दी से खिलाड़ियों का बचाव करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था करने, हर खेल स्थल पर स्वास्थ्य विभाग की टीम को तैनात करने, आवश्यकता पड़ने पर खिलाड़ियों को रात में ठहराने और भोजन आदि की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए।

Dehradun : सेंट ज्यूड चौक पर बस में लगी आग, बाल-बाल बची 40 छात्रों की जान

0

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एक दिल दहला देने वाली घटना हुई, जब शहर के व्यस्त सेंट ज्यूड चौक के पास एक प्राइवेट बस में अचानक आग भड़क उठी। बस में सवार तमिलनाडु के लगभग 40 छात्र उस वक्त घबराहट में आ गए, जब इंजन से घना धुआं निकलने लगा और देखते ही देखते लपटें उठने लगीं।

ये छात्र देश भर की सैर पर निकले एक ग्रुप का हिस्सा थे। वे सुबह हरिद्वार से रवाना होकर देहरादून के मशहूर फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट (एफआरआई) घूमने जा रहे थे। एफआरआई वनस्पति और जंगल से जुड़े शोध के लिए जाना जाता है, जहां पर्यटक और छात्र अक्सर प्रकृति के करीब आने आते हैं। लेकिन रास्ते में यह हादसा हो गया, जो किसी बड़े संकट में बदल सकता था।

बस जैसे ही सेंट ज्यूड चौक के नजदीक पहुंची, इंजन से धुआं उठता दिखा। बस के अंदर धुआं भरते ही छात्रों में हड़कंप मच गया। ड्राइवर ने फौरन समझदारी दिखाते हुए बस को सड़क किनारे रोका। इसी बीच वहां तैनात ट्रैफिक पुलिस के जवान और कुछ राहगीर तुरंत हरकत में आ गए।

ट्रैफिक पुलिस की टीम ने बिना समय गंवाए रेस्क्यू शुरू कर दिया। बस के दरवाजे और खिड़कियां खोलकर एक-एक करके सभी छात्रों को बाहर निकाला गया। दमकल विभाग की गाड़ियां भी जल्दी पहुंचीं और आग पर काबू पाया। अच्छी बात यह रही कि आग ज्यादा फैलने से पहले ही सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

कुछ छात्रों को धुएं से परेशानी हुई, जिसके बाद उन्हें प्राथमिक इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया। लेकिन राहत की बात है कि किसी को गंभीर चोट नहीं आई और सभी छात्र सकुशल हैं।

देहरादून पुलिस और प्रशासन की तारीफ करनी होगी कि उनकी फुर्ती से एक बड़ा हादसा टल गया। छात्रों का ग्रुप अब सुरक्षित है और उनकी आगे की यात्रा जारी रहेगी। ऐसी घटनाएं हमें याद दिलाती हैं कि सड़क यात्रा में सतर्कता कितनी जरूरी है।

पत्रकार पंकज मिश्रा मौत मामला: जर्नलिस्ट अमित सहगल और उनका सहयोगी अरेस्ट, जल्द होगा बड़ा खुलासा

0

देहरादून में वरिष्ठ पत्रकार पंकज मिश्रा की संदिग्ध मौत मामले में पुलिस ने मिश्रा के साथ मारपीट करने वाले अमित सहगल और उसके साथी को अरेस्ट कर लिया है।

पत्रकार पंकज मिश्रा मौत मामले में अमित सहगल और सहयोगी अरेस्ट

देहरादून के दून विहार क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई पत्रकार पंकज मिश्रा की मौत मामले में पुलिस ने मारपीट करने वाले अमित सहगल (51) पुत्र स्वर्गीय अशोक सहगल और पार्थोशील (45) पुत्र मनिंद्रनाथ सील निवासी ईस्ट मुंबई को गिरफ्तार कर लिया है। मृतक के भाई अरविंद ने जान से मारने की नियत से सहगल और उसके साथियों पर मारपीट करने के गंभीर आरोप लगाए थे।

अचेत अवस्था में थे पंकज मिश्रा

घटना 16 दिसंबर की है। पुलिस को सूचना मिली थी कि दून विहार क्षेत्र में किराए पर रहने वाला व्यक्ति अचेत अवस्था में पड़ा है और कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने देखा कि मकान के पीछे वाले कमरे में बेड के पास फर्श पर पंकज मिश्रा मुंह के बल अचेत अवस्था में पड़े थे। उन्हें तत्काल एम्बुलेंस से दून चिकित्सालय ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मौत से एक दिन पहले हुई थी बुरी तरह से मारपीट

16 दिसंबर की रात मृतक के भाई अरविंद मिश्रा, निवासी लखनऊ, अन्य परिजनों के साथ देहरादून पहुंचे और एसएसपी देहरादून से मुलाकात की। परिजनों ने मामले की तहरीर दी। जिसमें उन्होंने बताया कि 15 दिसंबर को कुछ लोग मृतक के घर आए थे, जहां गाली-गलौच, मोबाइल फोन छीनने और जान से मारने की नीयत से मारपीट की। परिजनों का दावा है कि इसी मारपीट के कारण पंकज मिश्रा की मौत हुई है।

देहरादून की टोंस नदी में अंधाधुंध खनन, आपदा से भी नहीं चेते, नदी का बदल दिया स्वरूप

0

खनन के नाम पर नदी का रुख बदला, आसपास की कालोनियों पर मंडराया संकट

सुद्धोवाला क्षेत्र में टोंस नदी पर चल रहा खनन एक बार फिर विवादों में घिर गया है। वर्षाकाल के बाद नदी में खनन सामग्री के चुगान की अनुमति मिलने के बावजूद स्थानीय लोगों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि अनुमति की आड़ में अनियंत्रित खुदान किया जा रहा है और नदी के प्राकृतिक प्रवाह से छेड़छाड़ कर उसका रुख कालोनी की ओर मोड़ा जा रहा है। इससे त्रिलोकपुरम सहित आसपास की बस्तियों पर भविष्य में भारी जान-माल के नुकसान का खतरा गहरा गया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इसी वर्ष मानसून के दौरान टोंस नदी में आई भीषण बाढ़ ने नंदा की चौकी स्थित पुल को ध्वस्त कर दिया था। उस दौरान एक खनन कार्य में लगी ट्रैक्टर-ट्रॉली भी बह गई थी और जनहानि की घटनाएं भी सामने आई थीं। तब भी अवैध और मानकों से अधिक खनन को बाढ़ के विनाश का बड़ा कारण बताया गया था। अब मानसून के बाद खनन की अनुमति मिलते ही बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉली, डंपर और जेसीबी नदी में उतार दिए गए हैं, जिससे मानकों के उल्लंघन के आरोप लग रहे हैं।

हंगामे के बाद प्रशासन मौके पर पहुंचा

बुधवार को स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब त्रिलोकपुरम कॉलोनी के बड़ी संख्या में निवासी नदी के बीच चल रहे खनन कार्य को रुकवाने मौके पर पहुंच गए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सिंचाई विभाग की अनुमति के अनुसार नदी के मध्य भाग में चैनलाइजेशन किया जाना था, लेकिन वास्तविकता में नदी का प्रवाह एक किनारे की ओर मोड़ दिया गया है, जिससे कालोनी सीधे बाढ़ के खतरे की जद में आ गई है। हंगामे की सूचना पर प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और शिकायत की जांच का आश्वासन दिया।

बताया जा रहा है कि उपजिलाधिकारी विकासनगर, सिंचाई विभाग के अधिकारी, पुलिस चौकी झाझरा, ग्राम प्रधान और राजस्व उपनिरीक्षक की मौजूदगी में भी यह सामने आया कि कार्य स्वीकृति के अनुरूप नहीं किया जा रहा है।

जिलाधिकारी से की तत्काल हस्तक्षेप की मांग

त्रिलोकपुरम विकास समिति की ओर से जिलाधिकारी देहरादून को ज्ञापन सौंपकर मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की गई है। समिति के सचिव मुकेश ध्यानी ने बताया कि इस वर्ष नदी का पानी तटबंध से ऊपर होकर कालोनी के कई मकानों तक पहुंच गया था। ऐसे में यदि नदी का रुख इसी तरह बदला गया तो भविष्य में बड़ी आपदा से इनकार नहीं किया जा सकता।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि समिति के पदाधिकारियों ने मौके पर जाकर जेसीबी संचालकों और वहां मौजूद प्रतिनिधियों को नियमों के अनुसार कार्य करने को कहा, लेकिन इसके बावजूद नियमविरुद्ध खनन जारी रहा।

आंदोलन की चेतावनी

कालोनीवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए खनन और चैनलाइजेशन कार्य को तत्काल प्रभाव से स्थगित किया जाए। चेतावनी दी गई है कि यदि जनहित और नियमों के अनुरूप कार्रवाई नहीं की गई तो त्रिलोकपुरम विकास समिति को उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो टोंस नदी एक बार फिर भारी तबाही का कारण बन सकती है।

डोईवाला में बिना नक्शा पास कराए बन रही जामा मस्जिद सील, एमडीडीए ने लिया एक्शन

0

इंतजामिया जामा मस्जिद कमेटी ने नहीं दिया कारण बताओ नोटिस का जवाब, जानबूझकर लटका रहे थे मामला

डोईवाला:

ग्राम पंचायत कुड़ियाल के अंतर्गत कंडोगल थानों में बिना पंजीकरण व नक्शा पास न होने के चलते मस्जिद के प्रथम तल को प्रशासन की टीम ने सील कर दिया। जबकि मस्जिद के निचले भाग में लोगों के रहने के चलते उन्हें कुछ दिनों का समय दिया गया है। प्रशासन की इस इस कार्रवाई की चर्चा क्षेत्र में दिनभर रही।

वहीं पुलिस की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई में किसी प्रकार का विरोध नहीं देखा गया। डोईवाला तहसील के नायब तहसीलदार राजेंद्र सिंह रावत ने बताया कि कंडोगल थानो में संचालित मस्जिद का पंजीकरण व नक्शा पास न होने के कारण मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण में यह मामला विचाराधीन था।

मस्जिद कमेटी की ओर से प्राधिकरण को सूचित किया गया की मस्जिद निर्माण हेतु अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की ओर से आर्थिक सहायता मिली है। परंतु मस्जिद कमेटी की ओर से मस्जिद का मानचित्र, उत्तराखंड मदरसा शिक्षा परिषद देहरादून में पंजीकृत एवं मान्यता प्राप्त तथा मस्जिद वक्फ अभिलेखों में दर्ज होने संबंधित अभिलेख उपलब्ध न कराने के चलते तहसील प्रशासन ने निर्माण व विकास कार्य को अवैध मानते हुए मस्जिद के विरुद्ध सीलिंग के आदेश नोटिस पारित किये।

जिस पर उपजिलाधिकारी अपर्णा ढ़ोडियाल की ओर से आदेश करने के बाद नायब तहसीलदार राजेंद्र सिंह रावत और प्राधिकरण के सहायक अभियंता प्रमोद मेहरा व पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में टीम ने मस्जिद के प्रथम तल को सील कर दिया है। सीलिंग मे प्रथम तल पर निर्मित कमरे, शौचालय, रसोई घर इस सीलिंग की कार्रवाई की जद में आए हैं। कार्रवाई के दौरान रानीपोखरी थानाध्यक्ष विकेंद्र कुमार चौधरी, एमडीडीए की कनिष्ठ अभियंता स्वाति कोहली व मस्जिद कमेटी से जुड़े लोग मौजूद रहे।

भवाली-कैंची धाम मार्ग पर बड़ा हादसा,खाई में गिरी स्कार्पियो_ दो महिलाओं समेत तीन की मौत रेस्क्यू जारी

0

ब्रेकिंग न्यूज़ – उत्तराखण्ड में भवाली से कैंचीधाम मार्ग में पर्यटकों से भरी स्कार्पियो एन कार सड़क के क्रैश बैरियर तोड़कर खाई में गिरने से हुआ दर्दनाक हादसा। दो महिलाओं समेत एक किशोरी की मौत की जानकारी सामने आई है। वाहन में कुल 7 से 8 लोग सवार बताए जा रहे हैं। कोतवाल भवाली के अनुसार सभी लोग बरेली के है निवासी हैं और सवेरे 9:30 बजे हुए हादसे में पहाड़ों की तरफ़ जा रहे थे।

भवाली पुलिस, दमकल विभाग, एस.डी.आर.एफ.और स्थानीय लोग घायलों के रैस्क्यू में जुटे हुए हैं। घायलों को एम्ब्युलेंस की मदद से नजदीकी सी.एच.सी.सेंटर भेजा जा रहा है।

मदरसे से भागे 4 नाबालिग छात्र अंबाला रेलवे स्टेशन पर मिले, किया चौंकाने वाला खुलासा

0

हरिद्वार जिले के पथरी थाना क्षेत्र स्थित अलावलपुर गांव के मदरसे में पढ़ने वाले चार छात्र संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए थे

हरिद्वार: पथरी थाना क्षेत्र के अलावल गांव स्थित मदरसे से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुए चारों बच्चों को पुलिस ने सकुशल ढूंढ लिया है. चारों बच्चे पढ़ाई में मन न लगने से परेशान थे. इसलिए चारों ने मदरसे से भागने की योजना बनाई और ट्रेन में बैठकर अंबाला तक पहुंच गए. सीसीटीवी कैमरों की मदद से पुलिस ने चारों को अंबाला रेलवे स्टेशन से सकुशल ढूंढ और परिजनों के सुपुर्द कर दिया.

मदरसे से भागे थे चार बच्चे: पुलिस के मुताबिक बीती 15 दिसंबर को पथरी थाना क्षेत्र स्थित अलावलपुर गांव के मदरसे में पढ़ने वाले चार छात्रों के लापता होने से हड़कंप मच गया था. पहले तो बच्चों के परिजनों और मदरसा प्रशासन द्वारा चारों की काफी खोजबीन की गई, लेकिन उनका कुछ पता नहीं चल सका. इसके बाद पुलिस से बच्चों को ढूंढने की गुहार लगाई गई. एक परिजन द्वारा पुलिस को तहरीर दी गई कि उनका नाबालिग पुत्र (उम्र 15 वर्ष) अपने अन्य नाबालिग दोस्तों के साथ घर से बिना बताए कहीं चला गया है. शिकायत मिलते ही पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज किया.

बच्चों का पढ़ाई में नहीं लग रहा था मन: प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल द्वारा थाना पथरी पुलिस को तत्काल नाबालिग बच्चों की तलाश हेतु पुलिस टीमों का गठन कर रवाना किया गया. कई पुलिस टीमें बच्चों की तलाश में जुट गईं. गहन पूछताछ एवं जानकारी करने पर ज्ञात हुआ कि चारों नाबालिग एक साथ अलावलपुर स्थित मदरसे में अध्ययनरत थे. पढ़ाई में मन न लगने के कारण बिना बताए निकल गए हैं.

हरिद्वार के मदरसे से भागे बच्चे अंबाला में मिले: लापता हुए बच्चों में एक गुजरात का बच्चा भी शामिल था. बाकी अन्य तीन बच्चे हरिद्वार के पथरी थाना क्षेत्र के निवासी थे. प्रारंभिक जांच में तीनों बच्चों की लोकेशन एथल रेलवे स्टेशन पर दिखाई दी. सीसीटीवी में दिखाई दिया कि चारों एथल रेलवे स्टेशन से ही ट्रेन में सवार होकर चले गए थे. थाना पथरी पुलिस द्वारा मैनुअल पुलिसिंग एवं CCTV कैमरों की सहायता से टीम अंबाला पहुंच गई. चारों नाबालिग बच्चों को अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन से सकुशल अपने कब्जे में ले लिया गया. चारों बच्चों को पथरी थाने लाकर परिजनों के सुपुर्द किया गया.

परिजनों को सौंपे गए बच्चे: पथरी थाना प्रभारी मनोज नौटियाल ने बताया कि-

चारों बच्चों के पास कोई मोबाइल नहीं था. इसलिए लोकेशन के आधार पर उन्हें खोज लाना बड़ी चुनौती थी. लेकिन पुलिस टीम ने सीसीटीवी कैमरों की मदद ली और मैनुअली पूछताछ करते हुए बच्चों की लोकेशन खोज निकाली. चारों बच्चों का पढ़ाई में मन नहीं लग रहा था, इसलिए चारों ने मदरसे से भागने की योजना बनाई थी. चारों बच्चों को सकुशल लाकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है.
-मनोज नौटियाल, थाना प्रभारी, पथरी, हरिद्वार-

हल्द्वानी में ₹23 लाख की साइबर ठगी:RTO चालान के नाम पर भेजी फर्जी फाइल, क्लिक करते ही कारोबारी का फोन हुआ हैक

0

हल्द्वानी में साइबर ठगों ने आरटीओ चालान के नाम पर भेजी गई फर्जी एपीके फाइल के जरिए एक कारोबारी से करीब 22 लाख 93 हजार 855 रुपए की ठगी कर ली। एपीके फाइल इंस्टॉल करते ही पीड़ित का फोन पूरी तरह हैक हो गया और ठगों ने बैंक खाते से लाखों रुपए निकाल लिए। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना पंतनगर में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

हल्द्वानी जज फार्म निवासी उमेश कुमार वार्ष्णेय ने बताया कि उनका बरेली रोड स्थित एक बैंक शाखा में बचत खाता है। 9 दिसंबर को उनके वॉट्सऐप पर आरटीओ चालान के नाम से एक एपीके फाइल आई, जिसे अनजाने में उन्होंने डाउनलोड कर इंस्टॉल कर लिया। इसके बाद उनका फोन हैक हो गया।

14 दिसंबर की शाम को उनके मोबाइल पर लगातार ओटीपी और संदिग्ध मैसेज आने लगे, जिन्हें उन्होंने सामान्य समझकर नजरअंदाज कर दिया। कुछ समय बाद खाते से रुपये कटने के संदेश आने पर उन्हें साइबर ठगी की आशंका हुई। तत्काल उन्होंने बैंक कस्टमर केयर से संपर्क कर खाता लॉक कराया।

21 लाख रुपए की एफडी तुड़वाई

अगले दिन बैंक स्टेटमेंट देखने पर चौंकाने वाला खुलासा हुआ। खाते से जुड़ी 21 लाख रुपए की एफडी को 11 दिसंबर को अज्ञात व्यक्ति ने तुड़वाकर ब्याज सहित 21 लाख 83 हजार 855 रुपए अन्य खाते में ट्रांसफर कर दिए। इसके अलावा खाते में पहले से मौजूद 1 लाख 10 हजार रुपए जोड़कर कुल 22 लाख 93 हजार 855 रुपये की रकम 12 अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए लगभग पूरी तरह निकाल ली गई। यह पूरा लेन-देन 12 से 14 दिसंबर के बीच किया गया।

साइबर क्राइम थाना पंतनगर ने पीड़ित की तहरीर पर मामला दर्ज कर लिया है और पूरे मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक या एपीके फाइल को डाउनलोड न करें और संदिग्ध संदेश मिलने पर तुरंत संबंधित विभाग या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें।

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे अगले 15 दिनों में चालू होगा:मंत्री नितिन गडकरी ने पीएम से मांगा समय, राजधानी में पहुंचने में लगेंगे 2 घंटे

0

दिल्ली और देहरादून के बीच सफर करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा में घोषणा करते हुए कहा कि दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे अगले 15 दिनों में चालू हो जाएगा। एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के लिए पीएम नरेन्द्र मोदी से समय मांगा गया है।

गडकरी ने बताया कि एक्सप्रेसवे के शुरू होने से दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा का समय मौजूदा 6.5 घंटे से घटकर मात्र दो घंटे रह जाएगा। यह 212 किलोमीटर लंबा छह लेन एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे लगभग 12 हजार करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया गया है।

परियोजना को 2020 में मंजूरी दी गई थी

चार खंडों में विभाजित यह एक्सप्रेसवे दिल्ली में दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे (डीएमई) से शुरू होकर शास्त्री पार्क, खजूरी खास, मंडोला में खेकरा स्थित ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (ईपीई) इंटरचेंज, बागपत, शामली और सहारनपुर होते हुए उत्तर प्रदेश से गुजरकर देहरादून तक जाएगा।

परियोजना में पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण का विशेष ध्यान रखा गया है। गणेशपुर से देहरादून तक के हिस्से में वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही के लिए 12 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड बनाई गई है। इसके अलावा छह पशु अंडरपास, हाथियों के लिए दो विशेष अंडरपास, दो बड़े पुल और 13 छोटे पुलों का निर्माण किया गया है।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना को 2020 में मंजूरी दी गई थी, जबकि पीएम मोदी ने दिसंबर 2021 में एक्सप्रेसवे की आधारशिला रखी थी। एक्सप्रेसवे के चालू होने से न सिर्फ यात्रा सुगम होगी, बल्कि उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास को भी नई गति मिलेगी।

दून लायंस के गेंदबाज नारायण परगाई के झटके तीन विकेट

0

दून सुपर किंग ने 21 रनों से विजयी हासिल कर फाइनल में प्रवेश किया

देहरादून, 17 दिसंबर। उत्तरांचल प्रेस क्लब द्वारा आयोजित मंजुल सिंह माजिला क्रिकेट टूर्नामेंट में खेले गए रोमांचक मुकाबले में आज दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में दून सुपर किंग बनाम दून लायंस के बीच खेला गया। दून किंग राइडर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए शानदार प्रदर्शन करते हुए दून लायंस को 21 रनों से परास्त कर फाइनल में पहुंचे।

मुख्य अतिथि देहरादून के दैनिक जागरण के स्थानीय संपादक मनोज झा ने खिलाड़ियों से परिचय लिया व बल्लेबाजी कर खेल का शुभारंभ किया। उन्होंने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल केवल जीत-हार का माध्यम नहीं, बल्कि टीम भावना और नेतृत्व क्षमता का श्रेष्ठ मंच है। उन्होेंने खिलाड़ियों के उज्जवल भविष्य की कामना की और खिलाड़ियों की जुझारू खेल भावना की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इतने रोमांचक मुकाबले युवाओं में खेल के प्रति सकारात्मक ऊर्जा और प्रतिस्पर्धात्मक भावना को बढ़ावा देते हैं। उत्तरांचल प्रेस क्लब द्वारा आयोजित यह क्रिकेट टूर्नामेंट पत्रकारिता जगत के साथ-साथ खेल प्रतिभाओं को भी एकजुट करने का सराहनीय प्रयास है।

उन्होंने उत्तरांचल प्रेस क्लब की पूरी टीम, आयोजन समिति और खेल संयोजक को सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।

उत्तरांचल प्रेस क्लब अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह कण्डारी ने मुख्य अतिथि का स्वागत पुष्पगुच्छ भेंट कर किया। श्री कण्डारी ने फाइनल में पहुंची दोनों टीमों को शुभकामनाएं दीं, साथ ही प्रेस क्लब के सभी खिलाड़ियों के अच्छे प्रदर्शन की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे खेल आयोजनों को निरंतर जारी रखा जाएगा।

दून सुपर किंग ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया और निर्धारित 20 ओवर में 176 रन बनाए। जवाबी कार्यवाही में दून लायंस ने निर्धारित 20 ओवर में 8 विकेट खोकर 155 रन ही बना पाई।

दून सुपर किंग के धातक बल्लेबाज मनीष डंगवाल ने 57 व सोहन परमार ने 47 रन की शानदार पारी खेलते हुए टीम को सही दिशा प्रदान की। वहीं बल्लेबाज मातबर सिंह कण्डारी 14, शैलेन्द्र सेमवाल 11, सुरेन्द्र डसीला 10 रन बनाकर टीम को मजबूती दी। अन्य बल्लेबाजों का भी शानदार प्रदर्शन रहा।

दून लायंस के गेंदबाज नारायण परगाईं ने 3 विकेट, अनिल डोगरा 2, प्रकाश भण्डारी व अभिषेक मिश्रा ने 1-1 विकेट लिए वहीं कप्तान मनोज जयाड़ा ने एक कैच पकड़ा।

लक्ष्य का पीछा करते हुए दून लायंस के बल्लेबाजों में संजय नेगी ने 33 रन, प्रकाश भण्डारी 23, अभिषेक मिश्रा 20, सोबन गुसाईं 16, कप्तान मनोज जयाड़ा व नारायण परगाईं ने 8-8 रन बनाए।
दून सुपर किंग के गेंदबाज कप्तान हर्षमणि उनियाल ने 2 विकेट, दीपक पुरोहित, मातबर कण्डारी, मनीष डंगवाल व सुरेन्द्र सिंह डसीला ने 1-1 विकेट लिए।

खेल निर्णायक अनीस अहमद, आयुष नेगी, प्रियांश नेगी, ने निभाई। कमेंट्री बाक्स में राजेश बहुगुणा, वीके डोभाल व मनमोहन सिंह पंवार ने निभाई।

इस अवसर पर उत्तरांचल प्रेस क्लब महामंत्री सुरेन्द्र सिंह डसीला, खेल संयोजक अभय सिंह कैंतुरा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अभिषेक मिश्रा, कनिष्ठ उपाध्यक्ष सुलोचना पयाल, कोषाध्यक्ष अनिल चन्दोला, संयुक्त मंत्री रश्मि खत्री, संप्रेक्षक शिवेश शर्मा, कार्यकारिणी सदस्य मौ. असद, मनवर रावत, संदीप बडोला, रमन जायसवाल, दीपक बड़थ्वाल, किशोर रावत आदि मौजूद रहे।