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दूसरे की जगह परीक्षा देने वाला सॉल्वर गिरफ्तार, पूछताछ में उगले कई राज, कई लोगों को दिला चुका है सरकारी नौकरी

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देहरादून में आईबीपीएस परीक्षा में दूसरे छात्र की जगह पेपर देने पहुंचा युवक गिरफ्तार. पुलिस की पूछताछ में उगले कई राज.

देहरादून: कोतवाली पटेल नगर पुलिस ने पटेल नगर स्थित परीक्षा केंद्र पर आईबीपीएस की परीक्षा के दौरान फर्जी अभ्यर्थी को गिरफ्तार किया है. आरोपी अब तक फर्जीवाड़ा कर 12 लोगों को सरकारी नौकरी दिला चुका है. पुलिस द्वारा आरोपी को न्यायालय में पेश कर सलाखों के पीछे भेज दिया गया है.
पुलिस अनुसार रविवार को पटेल नगर स्थित आई क्रिएट सॉल्यूशन केंद्र में आईबीपीएस आरआरबी ऑफिसर स्केल-3 की परीक्षा चल रही थी. इसी दौरान आईबीपीएस की डिवीजन हेड सोम बाला ने परीक्षा केंद्र को इनपुट दिया कि एक अभ्यर्थी निवासी बिजनौर का बायोमेट्रिक और फोटो संदिग्ध है. आरोपी ने एडमिट कार्ड पर फोटो बदलकर कई परीक्षाएं दी हैं. केंद्रीय व्यवस्थापक सूरज पाल सिंह रावत ने परीक्षा के बाद आरोपी को पटेल नगर पुलिस को सौंप दिया.
पूछताछ में उगले कई राज: पूछताछ में ऋषि कुमार ने स्वीकार किया कि वह पैसे लेकर दूसरों की जगह परीक्षा देता था और उसने स्वीकार किया कि राजस्थान और बिजनौर के जिन अभ्यर्थियों के लिए उसने परीक्षा दी है, वह वर्तमान में सरकारी नौकरी कर रहे हैं. इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया.

ऋषि कुमार (उम्र 37 साल) ने दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से बीटेक और सिंबोसिस पुणे से एमबीए करने के बाद साल 2016 से 2021 तक 80 हजार रुपए वेतन पर नेशनल इंश्योरेंस कंपनी में अधिकारी के पद पर कार्य किया है. आरोपी कम समय में करोड़पति बनना चाहता था. आरोपी इतना शातिर है कि उसने फोटो मिक्सिंग तकनीकी के जरिए एडमिट कार्ड के साथ छेड़छाड़ कर सिस्टम को बार-बार चकमा दिया है.
चंद्रभान अधिकारी, प्रभारी, कोतवाली पटेल

सार्वजनिक परिसंपत्तियों की मैपिंग में लापरवाही पर सीडीओ सख्त, एक हफ्ते में सभी विभागों को पूरा करने के निर्देश

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जिले में सार्वजनिक परिसंपत्तियों के प्रभावी प्रबंधन को लेकर मंगलवार को मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में समस्त विभागों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सरकारी भूमि, भवन, सड़कों, तालाबों, पार्कों सहित अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों के संरक्षण और अभिलेखीकरण पर विस्तृत चर्चा की गई।
मुख्य विकास अधिकारी ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे अपनी-अपनी परिसंपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड शीघ्र तैयार करें। इसके अंतर्गत प्रत्येक परिसंपत्ति का पॉलीगॉन (सीमा निर्धारण) बनाकर उसे निर्धारित पोर्टल पर अपलोड किया जाए, ताकि परिसंपत्तियों की वास्तविक स्थिति, क्षेत्रफल और लोकेशन स्पष्ट रूप से दर्ज हो सके।

सीडीओ ने कहा कि परिसंपत्तियों का सही और अद्यतन डेटा उपलब्ध होने से अतिक्रमण रोकने, रखरखाव की योजना बनाने और विकास कार्यों को गति देने में मदद मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध ढंग से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए और लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
बैठक में जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी ने जानकारी दी कि जिले के 63 विभागों में से 14 विभागों द्वारा परिसंपत्तियों की मैपिंग का कार्य पूर्ण कर लिया गया है, जबकि 39 विभागों द्वारा यह कार्य प्रगति पर है। वहीं एमडीडीए, उत्तराखंड जल विद्युत निगम, पेयजल निगम, विजिलेंस, उच्च शिक्षा, निदेशालय शहरी विकास, महिला कल्याण सहित कुल 10 विभागों ने अभी तक मैपिंग कार्य प्रारंभ ही नहीं किया है।
मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन विभागों ने अभी तक मैपिंग कार्य प्रारंभ नहीं किया है, वे इसे तत्काल शुरू करें। जिन विभागों की कुछ परिसंपत्तियों की मैपिंग शेष है, वे एक सप्ताह के भीतर कार्य पूर्ण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि परिसंपत्तियों की मैपिंग एवं पोर्टल पर अपलोड होने के बाद यदि किसी प्रकार का अतिक्रमण या निर्माण होता है तो संबंधित विभागाध्यक्ष को सीधे अलर्ट प्राप्त होता है, जिससे समय रहते कार्रवाई कर अतिक्रमण को रोका जा सकता है।
देहरादून जिले में अब तक 4,988 सार्वजनिक परिसंपत्तियों की मैपिंग कर पोर्टल पर अपलोड की जा चुकी है। इनमें से 211 परिसंपत्तियों पर अतिक्रमण संबंधी अलर्ट पोर्टल के माध्यम से जारी हुए हैं। कई मामलों में विभागों द्वारा समय पर कार्रवाई न किए जाने पर मुख्य विकास अधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी अधिकारियों को अलर्ट संदेशों का त्वरित संज्ञान लेने के निर्देश भी दिए।
बैठक में जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, अर्थ एवं संख्याधिकारी शशि कांत गिरी, मुख्य शिक्षा अधिकारी वीके ढ़ौडियाल, जिला पर्यटन अधिकारी वृजेन्द्र पांडेय सहित अन्य सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

देहरादून: खनन में ऐतिहासिक उपलब्धि, धामी सरकार को देश में दूसरा स्थान, केंद्र ने जारी की 200 करोड़ की प्रोत्साहन राशि, फेक नैरेटिव गढ़ने वालों को दिखा आइना

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उत्तराखंड की धामी सरकार को खनन क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्यों के लिए देशभर में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है। केंद्र सरकार द्वारा किए गए मूल्यांकन के बाद राज्य को 200 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि जारी की गई है। इसे खनन नीति के प्रभावी क्रियान्वयन और पारदर्शी व्यवस्था की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
राज्य में खनन के जरिए लगातार राजस्व में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। साथ ही सरकार की सख्त नीतियों और निगरानी तंत्र के चलते अवैध खनन पर भी लगभग पूरी तरह रोक लग गई है। यह उपलब्धि उन लोगों के लिए करारा जवाब मानी जा रही है, जो प्रदेश में अवैध खनन को लेकर फेक नैरेटिव गढ़ने का प्रयास कर रहे थे। खनन निदेशक राजपाल लेघा द्वारा स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि सभी जनपदों में अवैध खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सरकार का साफ लक्ष्य है कि नियमों के तहत अधिक से अधिक खनन गतिविधियों को बढ़ावा देते हुए राजस्व वसूली को अधिकतम स्तर तक पहुंचाया जाए।
सरकार का मानना है कि पारदर्शी व्यवस्था, तकनीकी निगरानी और सख्त प्रवर्तन के चलते आने वाले समय में खनन क्षेत्र से राज्य की अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।

हल्द्वानी: यहां नहर में तैरता मिला नवजात का शव, इलाके में सनसनी, ममता पर उठा बड़ा सवाल

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हल्द्वानी। मोतीनगर क्षेत्र में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब जमरानी नहर में एक नवजात शिशु का शव तैरता हुआ मिला। इस हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया और समाज की संवेदनाओं पर गहरे सवाल खड़े कर दिए।
नहर में शव दिखाई देने पर ग्रामीणों की रूह कांप उठी। लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही कोतवाली हल्द्वानी पुलिस मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद नहर से नवजात का शव बाहर निकाला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए हल्द्वानी भेज दिया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मृतक नवजात बालिका बताई जा रही है। घटना की खबर फैलते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। लोगों में इस अमानवीय कृत्य को लेकर गहरा आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी घटनाएं न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि मानवता को भी शर्मसार करती हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस ममता को जीवन का आधार माना जाता है, उसी ममता का इस तरह कलंकित होना समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है। मासूम की मौत ने हर किसी को भीतर तक झकझोर दिया है।
पुलिस ने मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि नवजात को किसने और किन परिस्थितियों में नहर में फेंका। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोषी को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
यह घटना एक बार फिर समाज से यह सवाल पूछ रही है कि आखिर कब तक मासूम जिंदगियां ऐसी निर्दयता का शिकार होती रहेंगी।

उत्तराखंड में पुलिस आरक्षी भर्ती प्रक्रिया शुरू:हाईकोर्ट से रोक हटने के बाद UKSSSC ने जारी की संशोधित आंसर की

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उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) ने हाई कोर्ट से लगी रोक हटने के बाद पुलिस आरक्षी के 2,000 पदों की भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए लिखित परीक्षा की संशोधित उत्तर कुंजी जारी कर दी है। आयोग ने यह उत्तर कुंजी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड की है।
इसके साथ ही आयोग ने सफल अभ्यर्थियों के अभिलेख सत्यापन की तिथियां भी घोषित कर दी हैं। अभिलेख सत्यापन की प्रक्रिया 12 जनवरी 2026 से शुरू होगी। सत्यापन पूर्ण होने के बाद चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो जाएगा।
3 अगस्त को हुआ था पेपर
आयोग के अध्यक्ष जीएस मर्तोलिया ने बताया कि उत्तराखंड पुलिस विभाग में आरक्षी जनपदीय पुलिस (पुरुष) एवं आरक्षी पीएसी/आईआरबी (पुरुष) के कुल 2000 रिक्त पदों पर सीधी भर्ती के लिए 30 अक्टूबर 2024 को विज्ञापन जारी किया गया था।
भर्ती प्रक्रिया के तहत शारीरिक मापजोख एवं दक्षता परीक्षा का आयोजन 24 फरवरी 2025 से 4 अप्रैल 2025 तक राज्य के 17 विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर किया गया। शारीरिक परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों की लिखित प्रतियोगी परीक्षा 3 अगस्त 2025 को प्रातः 11 बजे से अपराह्न 1 बजे तक आयोजित हुई थी।
आयोग ने शारीरिक दक्षता परीक्षा और लिखित परीक्षा में प्राप्त संयुक्त अंकों के आधार पर श्रेष्ठता क्रम तैयार किया है। कुल 2000 पदों के सापेक्ष 1.5 के अनुपात में 2545 अभ्यर्थियों की श्रेष्ठता सूची जारी की गई है।UKSSSC ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे संशोधित उत्तर कुंजी और अभिलेख सत्यापन से संबंधित सभी सूचनाएं आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित रूप से देखते रहें।

अल्मोड़ा: भिकियासैण के पास निजी बस गहरी खाई में गिरी, 5 से अधिक मौत की सूचना

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अल्मोड़ा जनपद के भिकियासैण क्षेत्र में मंगलवार को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। भिकियासैण-विनायक रोड पर एक निजी कंपनी की बस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे के वक्त बस पहाड़ क्षेत्र से रामनगर की ओर जा रही थी।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके के लिए रवाना हो गईं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पांच से अधिक यात्रियों की मौत की सूचना है.
बस के गहरी खाई में गिरने के कारण रेस्क्यू कार्य में भारी मुश्किलें आ रही हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस के साथ मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य में प्रशासन की मदद शुरू कर दी है। घायलों को निकालने के लिए एम्बुलेंस और अतिरिक्त राहत दल बुलाए गए हैं। फिलहाल प्रशासन द्वारा मृतकों और घायलों की संख्या की पुष्टि की जा रही है। हादसे के कारणों का भी पता लगाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा के पिता तरुण प्रसाद चकमा को तत्काल आर्थिक सहायता स्वीकृत

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पहली किश्त के रूप में रू. 4 लाख 12 हजार 5 सौ का चैक भेजा गया
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा के पिता श्री तरुण प्रसाद चकमा को तत्काल आर्थिक सहायता स्वीकृत करते हुए पहली किश्त के रूप में रूपये 4 लाख 12 हजार 5 सौ की आर्थिक सहायता जारी कर दी गई है। यह धनराशि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 एवं नागरिक अधिकार सरंक्षण अधिनियम-1955 के अन्तर्गत स्वीकृत की गई है।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार पीड़ित परिवार को तुरंत आर्थिक सहायता स्वीकृत किए जाने के लिए यह प्रकरण वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के माध्यम से जिला समाज कल्याण अधिकारी देहरादून को भेजा गया था। इस प्रकरण पर उपजिलाधिकारी विकासनगर एवं पुलिस उपाधीक्षक विकासनगर देहरादून की संयुक्त जांच रिपोर्ट प्राप्त कर जिलास्तरीय समिति की स्वीकृति की प्रक्रिया को तुरंत संपन्न कराते हुए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम-1989 एवं नागरिक अधिकार सरंक्षण अधिनियम-1955 के अंतर्गत उक्त आर्थिक सहायता स्वीकृत करने के साथ ही प्रथम किस्त का चैक एंजेल चकमा की पिता श्री तरुण प्रसाद चकमा को भेज दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की पिता श्री तरुण प्रसाद चकमा से फोन पर बात कर, एंजेल की हत्या पर दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि, इस मामले में पांच आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। जबकि एक अन्य आरोपी पर ईनाम घोषित करते हुए उसे भी गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता देने का भरोसा दिलाते हुए कहा कि इस घटना पर वे व्यक्तिगत तौर पर दुःखी हैं। इस स्थिति में परिवार के दुःख को समझ सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार दोषियों को कड़ी सजा दिलाएगी।

Uttarakhand Weather: अब और बढ़ेगी ठंड आज पहाड़ों में बारिश-बर्फबारी के आसार, घने कोहरे का येलो अलर्ट

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Uttarakhand Weather Update: उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जिले के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश के साथ बर्फबारी होने के आसार हैं।

उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में मंगलवार को मौसम बदलने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार पर्वतीय जिलों में 30-31 दिसंबर को बारिश-बर्फबारी की संभावना है। जबकि मैदानी इलाकों में घना कोहरा छाए रहने का येलो अलर्ट जारी किया गया।

केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जिले के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश के साथ बर्फबारी होने के आसार हैं। उधर मैदानी जिले हरिद्वार, देहरादून, ऊधमसिंह नगर के साथ ही चंपावत, नैनीताल और पौड़ी में घना कोहरा छाया रहेगा। 31 दिसंबर को भी प्रदेश में मौसम का यही हाल रहेगा। इसका सीधा असर प्रदेशभर के तापमान में देखने को मिलेगा।

जमीनी विवाद में आधे घंटे तक हुई फायरिंग, मजदूर की मौत के बाद एक आरोपी गिरफ्तार

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रुद्रपुर: कोतवाली रुद्रपुर क्षेत्र के फाजलपुर महरौला में जमीनी विवाद के दौरान दो पक्षों के बीच हुई गोलीबारी के दौरान हुई मजदूर की मौत मामले में कोतवाली पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी से घटना में इस्तेमाल 315 बोर का लाइसेंसी हथियार भी बरामद कर लिया है. जिसके बाद पुलिस ने आगे की कार्रवाई तेज कर दी है.
दो पक्षों में जमीनी विवाद में चली गोलियों से मजदूर की मौत मामले में रुद्रपुर कोतवाली पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है. आरोपी से घटना में प्रयुक्त 315 बोर की लाइसेंसी शस्त्र बरामद किया है. जिसके बाद पुलिस ने आगे की कार्रवाई की. गौरतलब है कि प्रीत विहार फाजलपुर महरौला निवासी कश्मीर सिंह की घर के पास ही जमीन है. जबकि बगवाड़ा निवासी सिमरनजीत सिंह की भी उनसे सटी हुई जमीन है. दोनों का जमीन को लेकर विवाद चल रहा है, जो न्यायालय में विचाराधीन है. बीते दिन सिमरनजीत सिंह तीनपानी स्थित लेबर अड्डे से 21 मजदूरों को जमीन पर पिल्लर लगाने के लिए ट्रैक्टर ट्राली से खेत में लेकर पहुंचा था.
इस दौरान जब वह मटर के खेत जोतने लगा तो पास में ही रहने वाले कश्मीर सिंह भी मौके पर पहुंच गया और खेत जोतने का विरोध किया लेकिन वह नहीं माने. जिससे दोनों पक्षों में विवाद हो गया और एक दूसरे पर फायरिंग शुरू कर दी. करीब आधे घंटे तक हुई फायरिंग के दौरान दोनों पक्षों के बीच कई राउंड फायरिंग हुई थी. फायरिंग की सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची तो एक व्यक्ति को घायल अवस्था में उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई. मृतक की पहचान कार्तिक पोतदार पुत्र मानिक पोतदार निवासी विरंची, थाना मानपुर, जिला पश्चिम चंपारण (बिहार) के रूप में हुई थी.

पुलिस ने उप निरीक्षक की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने दो मुकदमे दर्ज किए गए. जिसमें से हत्या के प्रयास में एक नामजद और 10 से 12 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी थी. जांच के दौरान कोतवाली पुलिस ने आरोपी सिमरनदीप सिंह पुत्र स्वर्गीय सुखविंदर सिंह निवासी मजार के सामने, बगवाड़ा, थाना रुद्रपुर को बंसल धर्मकांटा के सामने से गिरफ्तार किया गया. आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है. साथ ही मामले की विवेचना जारी है.

Big Breaking:-उत्तराखंड में आवारा कुत्तों का आतंक, महिला पर अचानक झपटे आधा दर्जन कुत्ते; नोचने लगे पैर

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देहरादून के सैय्यद मोहल्ले में आवारा कुत्तों का आतंक जारी है। हाल ही में पांच-छह कुत्तों ने एक महिला बीना कनौजिया पर हमला कर उसे घायल कर दिया, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
स्थानीय लोगों ने नगर निगम से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। नगर निगम ने एबीसी सेंटर की क्षमता बढ़ाने और शिकायत प्रकोष्ठ बनाने का आश्वासन दिया है। शहर में आवारा कुत्तों की समस्या गंभीर बनी हुई है।
देहरादून: दून में आवारा कुत्तों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा। दून के सैय्यद मोहल्ले में आवारा कुत्तों की दहशत बनी हुई है। गलियों में जगह-जगह लेटे आवारा कुत्ते स्थानीय लोगों की जान के दुश्मन बन गए हैं।
सोमवार को पांच से छह कुत्तों ने एक महिला पर हमला कर दिया और गिरने से वह बुरी तरह घायल हो गईं। महिला का जिला अस्पताल में उपचार कराया जा रहा है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि अक्सर कुत्ते महिलाओं और बच्चों पर झपटते हैं और वाहनों के पीछे दौड़ते हैं। उन्होंने नगर निगम से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, बीना कनौजिया सैय्यद मोहल्ले में रहती हैं। सोमवार दोपहर वह अपने घर से निकलीं और गली के मोड़ से गुजरते वक्त वहां सड़क पर लेटे करीब पांच से छह कुत्ते उन पर भौंकने लगे।
उन्होंने कुत्तों को भगाने का प्रयास किया तो कुत्ते हमलावर हो गए और महिला पर झपट पड़े। खुद बचाने के लिए बीना दौड़ीं तो वह सड़क पर गिर गईं। जिससे उनके सिर और हाथ पर काफी चोटें आई हैं।
इसके साथ ही कुत्तों ने उनके कपड़े नोच लिए और पैरों पर भी घाव हो गए। आसपास के लोगों ने कुत्तों को वहां से भगाया और घायल महिला को अस्पताल पहुंचाया। जहां उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। क्षेत्रवासियों ने नगर निगम से मांग की है कि आक्रामक कुत्तों को मोहल्ले से हटाया जाए।
इससे पहले भी करीब दो सप्ताह पूर्व आकाशदीप कालोनी में एक आवारा कुत्ते ने राहगीर पर हमला कर घायल कर दिया था। शहर के विभिन्न क्षेत्रों से इस प्रकार की शिकायतें आ रही हैं। नगर निगम के अधिकारियों ने इस संबंध में तत्काल संज्ञान लेते हुए यथासंभव कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
एबीसी सेंटर की बढ़ाई जा रही क्षमता
नगर निगम के वरिष्ठ पशुचिकित्सा अधिकारी डा. वरुण अग्रवाल ने बताया कि जल्द ही एबीसी सेंटर की क्षमता तीन गुना बढ़ाई जाएगी। वर्तमान में जहां 70 कुत्तों को रखने की व्यवस्था है, उसे बढ़ाकर 200 से अधिक किया जाएगा। इसके साथ ही जल्द कुत्ता शिकायत प्रकोष्ठ और टोल फ्री नंबर भी जारी किया जाएगा, ताकि शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई हो सके।
पोस्टर-बैनर के माध्यम से जनजागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 से अब तक 54 हजार आवारा कुत्तों का बंध्याकरण और टीकाकरण किया जा चुका है। फिर भी शहर में करीब 20 प्रतिशत कुत्तों की नसबंदी अभी शेष है।