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बैडमिंटन कोर्ट पर भविष्य की उम्मीद के रूप में लक्ष्य सेन खेलते नजर आए

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बैडमिंटन कोर्ट पर भविष्य की उम्मीद के रूप में लक्ष्य सेन खेलते नजर आए

देहरादून, उत्तराखंड में खेल आयोजनों से एक नई उम्मीद का सूरज उभरता दिख रहा है। सभी प्रयास कर रहे हैं, लेकिन सफलता वही पा रहा है जिसकी मेहनत सच्ची और कड़ी है। कुछ ऐसा ही जोश खेल में देखने को मिला जब उत्तराखंड के परेड ग्राउंड में बैडमिंटन के पुरुष फाइनल मुकाबले का आयोजन किया गया। इस मैच को देखने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी पहुंचे, जिससे पूरा ग्राउंड तालियों से गूंज उठा और खिलाड़ियों में उत्साह की लहर दौड़ गई।

मुख्यमंत्री ने किया बैडमिंटन प्रतियोगिता का अवलोकन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को परेड ग्राउंड, देहरादून में 38वें राष्ट्रीय खेल-2025 के तहत आयोजित बैडमिंटन प्रतियोगिता का अवलोकन किया। इस अवसर पर उन्होंने विजेता खिलाड़ियों को मेडल पहनाकर सम्मानित किया और विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन भी किया।

38वें राष्ट्रीय खेलों के तहत उत्तराखंड के सूर्यांश रावत और तमिलनाडु के सतीश कुमार के बीच मेन्स सिंगल बैडमिंटन प्रतियोगिता का फाइनल मैच हुआ। इस मैच में तमिलनाडु के सतीश कुमार ने 21/21, 21/17 से जीत हासिल की। मुख्यमंत्री ने सतीश कुमार को गोल्ड मेडल और सूर्यांश रावत को सिल्वर मेडल पहनाकर सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से उनके अनुभव साझा किए

मुख्यमंत्री ने विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों से बातचीत की और 38वें राष्ट्रीय खेलों के अनुभवों के बारे में जानकारी ली। खिलाड़ियों ने उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता की खूब सराहना की।

मुख्यमंत्री के साथ खिलाड़ी खुश दिखे

मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर खिलाड़ी और अन्य वालंटियर बेहद खुश नजर आए। उन्होंने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया।

38वें राष्ट्रीय खेलों का आयोजन राज्य के लिए सौभाग्य की बात

मुख्यमंत्री ने कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेलों का आयोजन हमारे राज्य के प्रत्येक नागरिक के लिए सौभाग्य की बात है। अब हमारा राज्य देवभूमि के साथ-साथ खेल भूमि के रूप में भी जाना जाएगा। उन्होंने कहा कि इन खेलों के आयोजन के दौरान राज्य भर में खेलों की अवस्थापना सुविधाओं का विकास हुआ है। कई खेल मैदानों का निर्माण किया गया है, जिससे भविष्य में खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों से राष्ट्रीय खेलों का अवलोकन करने और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि हम युवाओं को अधिक से अधिक खेलों की ओर प्रोत्साहित करेंगे। राष्ट्रीय खेलों के आयोजन से उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक लोक संस्कृति से देश भर के खिलाड़ी भी परिचित हो रहे हैं।

इस मौके पर विधायक खजान दास, उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद विश्वास डाबर, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

238 मिलियन डॉलर की परियोजना के लिए ऋण समझौते करेगा उत्तराखंड

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मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी द्वारा दिये गए निर्देशों के अनुसार, जल्द ही 238 मिलियन डॉलर की परियोजना के लिए ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।

विगत सोमवार को, मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में सचिवालय में आयोजित यू0यू0एस0डी0ए0 की उच्च स्तरीय स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में, मुख्य सचिव ने यू0यू0एस0डी0ए0, शहरी विकास विभाग से संबंधित विभिन्न प्रस्तावों पर अनुमोदन और दिए गए निर्देशों के पालन के लिए उत्तराखंड शहरी क्षेत्र विकास एजेंसी (यू0यू0एस0डी0ए0) को दिशा-निर्देश दिए। इसके बाद, मंगलवार को यू0यू0एस0डी0ए0 ने वित्त मंत्रालय, भारत सरकार, आवास एवं नगरीय मामलों के मंत्रालय (महुआ), भारत सरकार और केंद्रीय लोक स्वास्थ्य एवं पर्यावरण अभियंत्रिकी संस्थान, भारत सरकार के अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की। इस बैठक में, यूरोपियन निवेश बैंक द्वारा स्वीकृत 238 मिलियन डॉलर के ऋण के संबंध में चर्चा की गई।

सोमवार को मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने यू0यू0एस0डी0ए0 को निर्देशित किया था कि केंद्रीय स्तर पर सभी औपचारिकताओं को शीघ्र पूरा करते हुए ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएं। इसके बाद, मंगलवार को यू0यू0एस0डी0ए0 ने भारत सरकार के महत्वपूर्ण मंत्रालयों, जैसे वित्त मंत्रालय, आवास एवं नगरीय मंत्रालय और केंद्रीय लोक स्वास्थ्य एवं पर्यावरण अभियंत्रिकी संस्थान (सी0पी0एच0ई0ई0ओ0) के उच्चाधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की। इस बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया कि यूरोपियन निवेश बैंक द्वारा स्वीकृत 238 मिलियन डॉलर के ऋण के लिए आगामी महीने में ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इस परियोजना के तहत 80 और 20 के अनुपात में यूरोपियन निवेश बैंक और राज्य सरकार क्रमशः 191 मिलियन डॉलर और 47 मिलियन डॉलर प्रदान करेंगे।

इस परियोजना के तहत रूद्रपुर, सिंतारगंज, पिथौरागढ़ और काशीपुर नगरों में पेयजल और सीवरेज प्रणाली के कार्य किए जाएंगे।

वर्चुअल बैठक में भारत सरकार की ओर से अर्पणा भाटिया, मुख्य सलाहकार, वित्त मंत्रालय, श्रीमती रजनी तनेजा, निदेशक, वित्त मंत्रालय, डॉ. रमाकांत, विशेषज्ञ सलाहकार, महुआ, पंकज गंगवार, अनु सचिव, वित्त मंत्रालय, जी0 हरेन्द्र नारायण, आर्थिक कार्य विभाग और श्री बी0 के0 चौरसिया, विशेषज्ञ सलाहकार, सी0पी0एच0ई0ई0ओ0 उपस्थित रहे। उत्तराखंड की ओर से गौरव कुमार, अपर निदेशक, शहरी विकास विभाग,विनय मिश्रा, अपर कार्यक्रम निदेशक, यू0यू0एस0डी0ए0, और संजय तिवारी, उप कार्यक्रम निदेशक, यू0यू0एस0डी0ए0 उपस्थित थे।

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 Delhi Election Voting

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दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के लिए मतदान जारी है। 13,766 मतदान केंद्रों पर सुबह सात बजे से लेकर शाम छह बजे तक मतदान किया जा रहा है। मतदान केंद्रों के बाहर सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया गया है। दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप), कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपने-अपने प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतारकर मुकाबला किया है। दिल्ली विधानसभा 2025 के लिए मतदान इस समय हो रहा है।

दिल्ली में कई सीटों पर मतदान में काफी तेज़ी देखी जा रही है। विधानसभा चुनाव में दिल्ली की 70 सीटों पर मतदान हो रहा है। बहुमत प्राप्त करने के लिए 36 सीटें आवश्यक हैं। चुनाव में बीजेपी और आप के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर आप सरकार तक के बीच की राजनीतिक लड़ाई को देश और दुनिया ने नजदीकी से देखा है। अब असली तस्वीर के लिए मतदान हो रहा है, जिसके परिणाम 8 फरवरी को घोषित किए जाएंगे।

दिल्ली में मतदान प्रतिशत: सुबह 9 बजे तक 8.10 फीसदी मतदान हुआ है।

  • सेंट्रल दिल्ली: 6.7%
  • पूर्वी दिल्ली: 8.1%
  • नई दिल्ली: 6.51%
  • उत्तर दिल्ली: 7.12%
  • उत्तर-पूर्वी दिल्ली: 10.70%
  • उत्तर-पश्चिमी दिल्ली: 7.66%
  • शाहदरा: 8.92%
  • दक्षिण दिल्ली: 8.43%
  • दक्षिण-पूर्वी दिल्ली: 8.36%
  • दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली: 9.34%
  • पश्चिमी दिल्ली: 6.76%

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सबसे ज्यादा 10.70 फीसदी मतदान हुआ है। जिले की दो विधानसभा सीटों, मुस्तफाबाद और सीलमपुर, पर क्रमशः 12.43% और 11.02% मतदान हुआ है।

दिल्ली मतदान से राजनैतिक दलों की बड़ी धड़कने

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दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के लिए मतदान प्रक्रिया जारी है। कुल 13,766 मतदान केंद्रों पर मतदान हो रहा है, जो सुबह सात बजे से लेकर शाम छह बजे तक चलेगा। मतदान केंद्रों के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप), कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपने-अपने प्रत्याशी मैदान में उतारकर चुनावी समर में अच्छा मुकाबला किया है। अब तक सुबह 9 बजे तक 8.10 प्रतिशत मतदान हो चुका है।

दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने अपनी पत्नी के साथ आर एन मार्ग स्थित सेंट जेवियर्स स्कूल के मतदान केंद्र पर मतदान किया। दिल्ली की मुख्यमंत्री और कालकाजी विधानसभा सीट से आप उम्मीदवार आतिशी ने भी कालकाजी के एक मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला। वहीं, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने कामराज लेन स्थित मतदान केंद्र पर मतदान किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए एक मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला।

दिल्ली की सीएम और कालकाजी विधानसभा सीट से आप उम्मीदवार आतिशी ने मतदान करने से पहले कालकाजी मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने कहा, “मैंने कालका मैया का आशीर्वाद लिया है और मुझे विश्वास है कि दिल्ली के लोग धर्मयुद्ध में काम, सच्चाई और अच्छाई को अपना वोट जरूर देंगे।”

कालकाजी विधानसभा सीट से बीजेपी उम्मीदवार रमेश बिधूड़ी ने कहा, “दिल्ली का विकास एक राष्ट्रीय राजधानी के रूप में होना चाहिए। जैसे आज भारत दुनिया में पहचाना जा रहा है, उसकी राजधानी दिल्ली भी उसी प्रकार की होनी चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी चाहते हैं कि जैसे देश का विकास हो रहा है, वैसे ही दिल्ली का भी विकास हो। इसलिए मैं दिल्ली के सभी भाई-बहनों से अपील करता हूं कि वे दिल्ली के विकास के लिए वोट डालें।”

मुख्यमंत्री ने किया शीतकालीन यात्रा पर आधारित गीत ‘देवभूमि आओ-उत्तराखण्ड आओ’ का पोस्टर का विमोचन

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मुख्यमंत्री ने किया शीतकालीन यात्रा पर आधारित गीत ‘देवभूमि आओ-उत्तराखण्ड आओ’ का पोस्टर का विमोचन

शीतकालीन चारधाम यात्रा हेतु श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों से शीतकालीन प्रवास स्थलों में दर्शन करने की भी की अपील

शीतकालीन चारधाम यात्रा राज्य की आर्थिकी को बढावा देने में भी होगी मददगार-मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित कैम्प कार्यालय में शीतकालीन यात्रा पर आधारित गीत ‘देवभूमि आओ-उत्तराखण्ड आओ’ का पोस्टर का विमोचन करते हुये गीत को यू-ट्यूब पर लांच किया। मुख्यमंत्री ने इस गीत की सराहना करते हुए राज्य सरकार द्वारा इस वर्ष से प्रारम्भ की गयी शीतकालीन यात्रा के प्रचार-प्रसार एवं उत्तराखण्ड की आध्यात्मिक और नैसर्गिक सुंदरता के परिप्रेक्ष्य में भी इस प्रयास को प्रासंगिक बताया।

मुख्यमंत्री ने तीर्थाटन एवं शीतकालीन चारधाम यात्रा हेतु श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों से वर्ष भर उत्तराखण्ड आकर शीतकालीन प्रवासस्थलों में दर्शन करने की अपील करते हुए कहा कि इसके लिये राज्य सरकार द्वारा व्यापक व्यवस्थायें सुनिश्चित की गई हैं। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व चारधाम यात्र ग्रीष्मकाल में ही संचालित होती थी, अब शीतकालीन प्रवास स्थलों पर भी दर्शन की व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शीतकालीन चारधाम यात्रा राज्य की आर्थिकी को बढावा देने में भी मददगार होगी। उन्होंने कहा कि गीत अत्यन्त मधुर है तथा उत्तराखण्ड की नैसर्गिक सुंदरता, अध्यात्म एवं यहाँ के पवित्र धामों व मंदिरों से आम जनमानस को जोड़ते हुए उन्हें देवभूमि उत्तराखण्ड आने को भी यह प्रयास प्रेरित करेगा।

इस गीत को गीतकार व गायक श्री भूपेन्द्र बसेड़ा द्वारा तैयार किया गया है तथा नवोदित संगीतकार श्री ललित गित्यार द्वारा संगीतबद्ध किया गया है। गीत के माध्यम से उत्तराखण्ड में प्रारम्भ की गयी शीतकालीन यात्रा के विशेष महत्व का उल्लेख करते हुये दर्शनार्थियों और पर्यटकों से देवभूमि उत्तराखण्ड आने तथा यहाँ के शीतकालीन प्रवासस्थलों-यथा ज्योर्तिमठ, ऊखीमठ, मुखवा व यमुनोत्री में चारों धामों के दर्शन कर पुण्य अर्जित करने का अनुरोध किया गया है।

इस गीत में उत्तराखण्ड के अन्य तीर्थस्थलों-यथा पंचकेदार, पंचबद्री, पंचप्रयाग, आदि कैलाश, ओम पर्वत, जागेश्वर, बागेश्वर, पूर्णागिरी, ऋषिकेश व हरिद्वार जैसे धामों व तीर्थस्थलों का उल्लेख करते हुये उत्तराखण्ड की नैसर्गिक सुंदरता से भरपूर कौसानी, मुक्तेश्वर, बिनसर, नैनीताल, मसूरी, चकराता व औली आदि स्थलों में आकर कुछ समय बिताने की अपील की गयी है।

गीत के विमोचन के अवसर पर अपर सचिव श्री पन्ना लाल शुक्ल, श्री ब्रदीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के सचिव श्री विजय थपलियाल आदि मौजूद थे।

उत्तराखंड के बाद गुजरात में समान नागरिक संहिता की तैयारी रंजना देसाई होगी अध्यक्ष

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गुजरात में भी अब समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं। गुजरात के गृह मंत्री हर्ष संघवी ने इस बात की जानकारी दी कि यूसीसी समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रंजना देसाई करेंगी। इसके अलावा समिति में सेवानिवृत्त वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सीएल मीना, अधिवक्ता आरसी कोडेकर, पूर्व कुलपति दक्षेश ठाकर और सामाजिक कार्यकर्ता गीता श्रॉफ भी शामिल होंगे।

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में समान नागरिक संहिता लागू करने का उद्देश्य यह है कि सभी नागरिकों को समान अधिकार मिलें। उन्होंने यह भी बताया कि इस समिति को 45 दिनों के भीतर विस्तृत शोध करने और रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।

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गुजरात का यह कदम उत्तराखंड द्वारा समान नागरिक संहिता को लागू करने के बाद आया है, जिसने इस महीने की शुरुआत में इस कानून को अपने राज्य में लागू किया था। उत्तराखंड सरकार के इस कदम से भाजपा को राजनीतिक लाभ मिला था, खासकर दिल्ली विधानसभा चुनावों में। अब गुजरात सहित अन्य राज्य भी इस कानून को लागू करने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।

उत्तराखंड यूसीसी लागू करने वाला पहला राज्य बना था
इस महीने की शुरुआत में उत्तराखंड समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लागू करने वाला पहला राज्य बना था। प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले साल लाल किले से अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में धर्मनिरपेक्ष नागरिक संहिता का उल्लेख किया था।

उत्तराखंड में सामान नागरिक कानून लागू होने के बाद से देश भर में धामी सरकार को राजनैतिक रूप से फायदा मिला है दिल्ली चुनाव में इसका उपयोग किया गया है कई जनसभा में धामी मतदाता के बीच इसको लेकर राजनैतिक रूप से प्रयोग करते रहे बरहाल धामी सरकार के कानून को बल देने के लिए देश के कई राज्य आगे आ रहे है

38वें राष्ट्रीय खेल महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स स्टेडियम में धामी ने देखा ग्राउंड जीरो

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली से देहरादून पहुंचते ही रायपुर स्थित महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स स्टेडियम में 38वें राष्ट्रीय खेलों की तैयारियों और व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भोजन व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया और खिलाड़ियों को भोजन परोसा। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों के साथ बैठकर भोजन भी किया और विभिन्न खेलों में भाग ले रहे राज्यों के खिलाड़ियों से बात की, उनका हौंसला बढ़ाया। उन्होंने शूटिंग रेंज का भी दौरा किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेलों की उत्तराखंड में बेहतरीन शुरुआत हुई है, और राज्य सरकार का उद्देश्य है कि सभी खिलाड़ी देवभूमि उत्तराखंड से अच्छा अनुभव लेकर जाएं। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों और आगंतुकों को हर संभव सुविधा प्रदान करने के प्रयास किए गए हैं और विशेष ध्यान रखा गया है कि हर राज्य के खिलाड़ियों को उनके खानपान के अनुरूप भोजन उपलब्ध कराया जाए।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि वह राष्ट्रीय खेलों की व्यवस्थाओं की हर पल की अपडेट ले रहे हैं और खुद भी विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहे हैं।इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, खेल निदेशक प्रशांत आर्य, और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून अजय सिंह भी उपस्थित थे।

उत्तराखंड में मौसम अलर्ट: ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और बारिश का अनुमान

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उत्तराखंड में मौसम अलर्ट: ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और बारिश का अनुमान

उत्तराखंड के ऊंचाई वाले जनपदों में मौसम ने करवट ले ली है। मंगलवार सुबह से अटल टनल रोहतांग सहित हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों लाहौल-स्पीति, चंबा और किन्नौर के ऊंचाई वाले हिस्सों में बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से 5, 8 और 9 फरवरी को राज्य के विभिन्न स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है।

बर्फबारी और बारिश का अलर्ट

अटल टनल के दोनों छोर पर बर्फबारी के कारण पुलिस प्रशासन ने सैलानियों और आम लोगों को इस दिशा में आवाजाही करने से रोक दिया है। वहीं, प्रदेश के किसान और बागवान, जो सूखे जैसे हालात से परेशान हैं, बारिश की उम्मीद में हैं। बारिश और बर्फबारी से मौसम में ठंडक आएगी, जिससे किसानों को राहत मिलने की संभावना है।

पर्वतीय इलाकों में तापमान में गिरावट

देहरादून सहित कुमाऊं मंडल के पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम में बदलाव देखा जा रहा है, जिससे तापमान में गिरावट आई है। खासकर 3500 मीटर से अधिक की ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश और हल्की बर्फबारी की संभावना बनी हुई है।

आगे का मौसम पूर्वानुमान

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, और बागेश्वर जनपदों में हल्की बारिश के साथ बर्फबारी हो सकती है। 5 फरवरी से मौसम में बदलाव की संभावना है, जिसके बाद 6 फरवरी से शुष्क मौसम रहने की उम्मीद है। इस बीच, मौसम विभाग ने ऊंचाई वाले क्षेत्रों के लिए अलर्ट जारी किया है, जिससे अगले कुछ दिनों तक इन क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी रहेगी।

निष्कर्ष

मौसम में बदलाव से उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और बारिश की संभावना बनी हुई है, जिससे ठंड बढ़ेगी और किसानों को राहत मिल सकती है। राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम की स्थितियों पर नजर रखी जा रही है और यात्रा से पहले प्रशासन द्वारा जारी अलर्ट का पालन करना जरूरी होगा।

खेल वन: राष्ट्रीय खेलों के दौरान पर्यावरण संरक्षण की नई पहल

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खेल वन: राष्ट्रीय खेलों के दौरान पर्यावरण संरक्षण की नई पहल

महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के समीप स्थित वन विभाग की 2.77 हेक्टेयर भूमि अब एक नई पहचान मिलने जा रही है, और इसे खेल वन के रूप में विकसित किया जाएगा। इस पहल के तहत, राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले 1600 खिलाड़ियों के नाम से रूद्राक्ष के पेड़ लगाए जाएंगे। यह कदम उत्तराखंड सरकार की हरित पहल को बढ़ावा देता है, जिसका उद्देश्य खेलों के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा देना है।

ग्रीन गेम्स की पहल

38वें राष्ट्रीय खेलों की थीम “ग्रीन गेम्स” रखी गई है, जो पर्यावरण संरक्षण और स्थायित्व पर जोर देती है। उत्तराखंड सरकार ने इस पहल के तहत कई कदम उठाए हैं, जो न केवल खेलों को बल्कि पर्यावरण को भी सशक्त बनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इस कदम की सराहना खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी की थी, जिन्होंने राष्ट्रीय खेलों के उद्घाटन समारोह में उत्तराखंड सरकार की हरित पहल की सराहना की।

मुख्यमंत्री का उद्घाटन और सुरक्षा व्यवस्था

10 फरवरी को खेल वन का उद्घाटन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा किया जाएगा, और इस अवसर पर राष्ट्रीय खेल सचिवालय द्वारा एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में ग्रीन गेम्स के प्रभावी संदेश को फैलाने का प्रयास किया जाएगा। इस पूरे इलाके को तैयार किया जा रहा है, और तारबाड़ की जा रही है ताकि जब पेड़ लगाए जाएं, तो उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

चैंपियन से प्रेरणा और उनकी धरोहर

खेल वन के लिए तैयार किए गए एक बड़े बोर्ड पर विशेष रूप से यह लाइनें उकेरी जाएंगी: “चैंपियंस इंस्पायर अस, थियर लेगेसी ब्लूम्स इन एवरी ट्री वी प्लांट” (चैंपियंस हमें प्रेरित करते हैं, उनकी धरोहर हर पेड़ में खिलती है)। राष्ट्रीय खेल सचिवालय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमित सिन्हा के अनुसार, यहां लगाए गए प्रत्येक पेड़ से विजेताओं की यादें ताजगी से भरेंगी और उनकी प्रेरणा हमेशा बनी रहेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रेरणा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की प्रेरणा से हम ग्रीन गेम्स की थीम पर राष्ट्रीय खेलों का सफलतापूर्वक आयोजन कर रहे हैं। हमने कई कदम उठाए हैं, जिनसे पर्यावरण संरक्षण का संदेश दूर-दूर तक जाएगा। खेल वन इस कड़ी में एक महत्वपूर्ण कदम है।”

निष्कर्ष

खेल वन का निर्माण न केवल खेलों में पर्यावरणीय पहल को बढ़ावा देगा, बल्कि यह खिलाड़ियों की प्रेरणा और उनके योगदान को भी याद रखेगा। यह पहल खेलों और पर्यावरण संरक्षण दोनों के सामंजस्यपूर्ण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेला: धार्मिक, आध्यात्मिक और विदेशी भाषाओं की किताबों में बढ़ता रुझान

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दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेला: धार्मिक, आध्यात्मिक और विदेशी भाषाओं की किताबों में बढ़ता रुझान

दिल्ली में चल रहे अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेले ने इस साल धार्मिक और आध्यात्मिक पुस्तकों के प्रति बढ़ते रुझान को दिखाया है। रामचरितमानस, भगवद्गीता और वेद-पुराण जैसे धार्मिक ग्रंथों की बिक्री में युवाओं की बढ़ती रुचि देखने को मिल रही है। गीता प्रेस के स्टॉल पर युवा पाठकों की भारी भीड़ जुट रही है, जहां दो रुपये की हनुमान चालीसा से लेकर 1600 रुपये तक की रामायण तक की पुस्तकें खरीदी जा रही हैं। प्रकाशक इन किताबों पर विशेष छूट भी दे रहे हैं, जो अधिक आकर्षण का कारण बन रहा है।

दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेला: धार्मिक, आध्यात्मिक और विदेशी भाषाओं की किताबों में बढ़ता रुझान

इस पुस्तक मेले में महाकुंभ पर लिखी गई किताबों की भी बड़ी मांग रही है। ‘भारत में कुंभ’, ‘वॉइस ऑफ गंगा’, ‘ए विजिट टू कुंभ’ जैसी किताबें विशेष चर्चा में हैं। ये किताबें न केवल धार्मिक महत्व को दर्शाती हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति और आस्था के विविध पहलुओं को भी उजागर करती हैं।

कॉमिक्स और पुरानी यादें

पुरानी यादों को ताजा करने वाली कॉमिक्स भी मेले में बिक्री के मामले में पीछे नहीं हैं। चाचा चौधरी, नागराज, कैप्टन ध्रुव, पंचतंत्र जैसी कॉमिक्स की पुरानी और नई प्रतियां युवाओं और बच्चों में समान रूप से लोकप्रिय हो रही हैं। सोशल मीडिया के युग में जहां डिजिटल कॉमिक्स का चलन बढ़ा है, वहीं इन पारंपरिक कॉमिक्स को एक बार फिर से पसंद किया जा रहा है।

विदेशी भाषाओं की किताबें

विदेशी भाषाओं के प्रति भी युवाओं का रुझान बढ़ा है। जर्मन, फ्रेंच, स्पेनिश, जापानी और कोरियन जैसी भाषाओं को सीखने के लिए किताबों की मांग तेज हुई है। जर्मन भाषा की किताबें ‘हैलो डॉइच’ और स्पेनिश की ‘हाऊ कुल बुक’ खास तौर पर युवाओं के बीच लोकप्रिय हो रही हैं। किताबों पर 20 फीसदी की छूट भी दी जा रही है, जिससे छात्रों को इन भाषाओं को सीखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

साथ ही, हिंदी भाषा सीखने के लिए व्याकरण की किताबें भी उपलब्ध हैं, और अब विदेशी नागरिक भी हिंदी सीखने में रुचि दिखा रहे हैं, जो इस पुस्तक मेले का एक दिलचस्प पहलू है।

निष्कर्ष

अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेला न केवल किताबों की विविधता का प्रतिनिधित्व कर रहा है, बल्कि यह दिखा रहा है कि धर्म, आध्यात्मिकता, और विदेशी भाषाओं के प्रति भारतीयों का रुझान लगातार बढ़ रहा है। धार्मिक ग्रंथों से लेकर विदेशी भाषाओं तक की किताबें, सभी उम्र के पाठकों के बीच अपनी जगह बना रही हैं।