उत्तराखंड सरकार रजिस्ट्री प्रक्रिया को पेपरलेस बनाने जा रही है, साथ ही वर्चुअल रजिस्ट्री की सुविधा भी प्रदान की जाएगी। इस सुधार के लिए चरणबद्ध तरीके से पूरी व्यवस्था को पेपरलेस किया जाएगा, जिसमें पेपरलेस रजिस्ट्रेशन, आधार प्रमाणीकरण और वर्चुअल रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को लागू किया जाएगा। इसके लिए उत्तराखंड ऑनलाइन दस्तावेज रजिस्ट्रीकरण नियमावली 2025 का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है।
प्रदेश सरकार ने रजिस्ट्री प्रक्रिया को पेपरलेस बनाने का निर्णय लिया है, जिससे लोगों को वर्चुअल रजिस्ट्री कराने की सुविधा भी मिलेगी। वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के मुताबिक, इस संबंध में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कैबिनेट से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद यह सुविधा जनता को उपलब्ध हो जाएगी।
इस नई व्यवस्था से रजिस्ट्री प्रक्रिया में हो रहे फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि अभी तक प्रदेश में स्टाम्प एवं निबंधन विभाग के तहत रजिस्ट्री के बाद दस्तावेजों को स्कैन कॉपी के रूप में कार्यालय में संरक्षित किया जाता था। इस नई प्रक्रिया को मई से लागू किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार पारदर्शिता को बढ़ाने और कार्यप्रणाली को अधिक जनसुलभ बनाने के लिए डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर रही है। इसी कड़ी में अब जमीनों की रजिस्ट्री प्रक्रिया को पेपरलेस किया जा रहा है, जिससे लोगों को अपने स्थान से ही ऑनलाइन रजिस्ट्री करने की सुविधा मिलेगी और कागज की खपत भी कम होगी, जो पर्यावरण को भी लाभकारी होगा।
उत्तराखंड में राष्ट्रीय खेलों के आयोजन से देश के विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों ने देखी देवभूमि उत्तराखंड की संस्कृति: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री द्वारा 38 वें राष्ट्रीय खेलों में सोमवार को टनकपुर के बूम में राफ्टिंग (डेमो स्पोर्ट) प्रतियोगिता का किया गया समापन
देवभूमि में राष्ट्रीय खेल के आयोजन से चंपावत के पर्यटन को मिलेगी नई पहचान, जिससे चंपावत को आदर्श जनपद बनने में लगेंगे चार चांद
टनकपुर को एक बड़े राफ्टिंग के हब के रूप में विकसित किया जाएगा मुख्यमंत्री धामी।
38 वें राष्ट्रीय खेलों के अंतर्गत चंपावत जिले के शारदा नदी में राफ्टिंग (डैमो) प्रतियोगिता का आयोजन सम्पन्न हुई। अंतिम दिन सोमवार को विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। प्रथम बार रात्रि में राफ्टिंग प्रतियोगिता का आयोजन कर विश्व रिकॉर्ड बनाया गया। समापन समारोह पर बतौर मुख्य अतिथि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती गीता धामी ने रात्रि में आयोजित राफ्टिंग प्रतियोगिता का अवलोकन किया तथा विश्व रिकॉर्ड के साक्षी बने। मुख्यमंत्री एवं श्रीमती गीता धामी ने समापन समारोह में विभिन्न प्रदेशों से आए विजेता प्रतिभागियों को मैडल प्रदान का सम्मानित किया।
उत्तराखंड में राफ्टिंग के क्षेत्र में ऋषिकेश के साथ-साथ टनकपुर शारदा क्षेत्र भी अब विकसित हो गया है। यहां लगातार राफ्टिंग हो रही है जिससे पर्यटन विकास बढेगा।
कार्यक्रम क्षेत्र (ग्राम उचौलिगोठ) के दो युवाओं की वाहन दुर्घटना में मृत्यु हो जाने के कारण राफ्टिंग प्रतियोगिता का समापन कार्यक्रम सादगी पूर्वक सपन्न हुआ। सभी सांस्कृतिक कार्यक्रमों को निरस्त किया गया। मृतकों की आत्मा की शांति के लिए 2 मिनट का मौन रखा गया। मुख्यमंत्री ने वाहन दुर्घटना में मृत दोनों व्यक्तियों के प्रति अपनी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए दुःख जताया।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सीमांत क्षेत्र में भारत नेपाल सीमा देवभूमि के साथ ही वीर भूमि भी है जहां देवों का वास होता है और यहां के प्रत्येक घर से सेना को सैन्य बलों में अपनी सेवा देकर देश की रक्षा में योगदान यहां के लोग कर रहे हैं। राष्ट्रीय खेलों के आयोजन से अब यह भूमि खेल भूमि के रूप में भी स्थापित हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 38 वें राष्ट्रीय खेलों में हमारे राज्य के खिलाड़ियों ने मैडल प्राप्त कर अपना बेहतर स्थान बना लिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का कहना है 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का होगा उसके अनुरूप आज उत्तराखंड राज्य हर क्षेत्र में आगे बढ़ा है। उन्होंने कहा टनकपुर के मां शारदा ने जन्म जन्मांतर अपना आशीर्वाद यहॉं के लोगों को दिया है,आने वाले समय में यहॉं राफ्टिंग से अनेक प्रकार से यहॉं के लोगों को लाभ मिलने के साथ ही माँ शारदा का आशीर्वाद मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने नशा मुक्त उत्तराखंड का जो संकल्प लिया है। उन्होंने कहा निश्चित रूप से यहॉं राष्ट्रीय खेलों के अंतर्गत खेलों के आयोजन हेतु जो मूलभूत सुविधाएं राज्य में स्थापित हो गई है। उन सुविधाओं का लाभ हमारे युवाओं को खेलों के क्षेत्र में आगे ले जाएगा। मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि राष्ट्रीय खेलों का आयोजन हमारी देवभूमि उत्तराखंड में होना बेहद गौरव और सौभाग्य की बात है। साथ ही राष्ट्रीय खेलों में राफ्टिंग (डेमो स्पोर्ट) प्रतियोगिता का चंपावत में होना और भी अधिक गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि इन खेलों के जरिए चंपावत का पर्यटन के क्षेत्र में विकास होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का होगा। उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है को देश भर में पहचान मिली है। इसके अलावा देवभूमि में राष्ट्रीय खेल के आयोजन से चंपावत के पर्यटन को नई पहचान मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने विजेता टीमों को पदक पहनाकर सम्मानित किया तथा उनका उत्साहवर्धन किया। समापन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चंपावत में आयोजित राफ्टिंग (डेमो स्पोर्ट) प्रतियोगिता के आयोजन से जनपद को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान मिलेगी।
उन्होंने कहा कि देव भूमि उत्तराखंड को खेल भूमि बनाने के लगातार प्रयास हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ने भी विभिन्न प्रतियोगिताओं में अपना परचम लहराया है। उन्होंने आए सभी प्रतिभागियों को बधाईयां और शुभकामनाएं प्रेषित की। साथ ही उन्होंने कहा को प्रतिभागी मेडल प्राप्त नहीं कर सके उनको भी मायूस नहीं होना है, बल्कि निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान सभी का धन्यवाद ज्ञापित करते जिलाधिकारी नवनीत पांडे ने कहा कि चंपावत के टनकपुर में देशभर से राफ्टिंग प्रतिभागी आए हैं, सभी ने अपना अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। उन्होंने सभी विजेताओं बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर चंपावत में राष्ट्रीय खेल की प्रतियोगिता होने से जनपद की पहचान में वृद्धि होगी तथा इसका लाभ यहां के लोगों को मिलेगा।
इस अवसर पर एशियन फैंसिंग एसोशिएशन के महासचिव राजीव मेहता, राज्य ओलंपिक संघ के महासचिव डीके सिंह,प्रशासक जिला पंचायत ज्योति राय,ब्लॉक प्रमुख रेखा देवी,अध्यक्ष नगर पालिका टनकपुर विपिन कुमार,चंपावत प्रेमा पाण्डे,बनबसा रेखा देवी,खटीमा रामू जोशी, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह,अपर जिलाधिकारी जय वर्द्धन शर्मा समेत विभिन्न जनप्रतिनिधि, अधिकारी तथा खेल प्रबंधन के अधिकारी, गणमान्य नागरिक समेत स्थानीय जनता एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।
भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) द्वारा आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की घेराबंदी चुनाव के बाद भी जारी है। दरअसल, भाजपा ने सोमवार को उपराज्यपाल को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि ‘शीश महल’ के साथ विलय की गई अन्य सरकारी संपत्तियों को रद्द किया जाए। प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि ‘शीश महल’ का विस्तार चार सरकारी संपत्तियों को मिलाकर किया गया है। यह बंगला भाजपा के लिए एक बड़ा राजनीतिक हथियार बना था, जिसका इस्तेमाल पार्टी ने हालिया विधानसभा चुनावों में अरविंद केजरीवाल पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के लिए किया था।
हमारा मुख्यमंत्री इस बंगले में नहीं रहेगा सचदेवा ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि उनकी पार्टी सरकार बनाती है, तो यह निर्णय लिया जाएगा कि इस बंगले का उपयोग कैसे किया जाएगा। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उनका मुख्यमंत्री इस बंगले में नहीं रहेगा। यह बंगला 2015 से अक्टूबर 2024 तक अरविंद केजरीवाल का आधिकारिक निवास था, लेकिन मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद केजरीवाल ने इसे खाली कर दिया था।
बंगला जांच के दायरे में है भा.ज.पा. के नवनिर्वाचित विधायक और पूर्व विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि भाजपा का मुख्यमंत्री बंगले में नहीं रहेगा क्योंकि यह बंगला कथित अनियमितताओं के कारण जांच के दायरे में है। उन्होंने यह भी कहा कि इस बंगले के आसपास की भूमि का उपयोग सरकारी आवासों के निर्माण और अन्य आधिकारिक कार्यों के लिए किया जाएगा।
दो साल तक भाजपा ने चलाई मुहिम भा.ज.पा. ने ‘शीश महल’ के निर्माण को लेकर अरविंद केजरीवाल पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और इस मुद्दे पर दो साल तक अभियान चलाया। भाजपा का कहना है कि केजरीवाल ने इस बंगले का पुनर्निर्माण गलत तरीके से कराया और कोरोना काल में इस पर अत्यधिक खर्च किया। महंगे पर्दे, फर्नीचर और अन्य वस्तुओं को लगाने के आरोप लगाए गए। उपराज्यपाल को लिखे पत्र में भाजपा ने यह भी दावा किया कि केजरीवाल ने पड़ोसी सरकारी संपत्तियों पर अवैध कब्जा करके इस बंगले को आलीशान ‘शीश महल’ में बदल दिया। Uttarakhand Dehradun India Breaking News Latest Hindi News Indian Tourist Places Top Tourist Kedarnath Mansuri Badrinath Nainital
26 फरवरी 2025 महाशिवरात्रि फाल्गुन मास हिंदू पंचांग के अनुसार विशेष दिन हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि मनाई जाती है। इस वर्ष, महाशिवरात्रि 26 फरवरी 2025 को होगी। शास्त्रों में इसे शिव-पार्वती के मिलन का दिन माना जाता है।
कहा जाता है कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था, और इसी कारण यह दिन उनकी वैवाहिक वर्षगांठ के रूप में मनाया जाता है। हरिद्वार और उज्जैन जैसे स्थानों पर महाशिवरात्रि का पर्व बड़े धूमधाम से मनाया जाता है, जहां शिव जी और माता पार्वती की झांकियां पूजा पंडालों और धार्मिक स्थलों से निकाली जाती हैं। ज्योतिषियों के अनुसार, यह दिन भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने और उनकी पूजा करने के लिए सर्वोत्तम है। इस दिन शिवजी को एक लोटा जल और बेलपत्र अर्पित करने से साधक की सभी इच्छाएं पूरी होती हैं और जीवन में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।
24 फरवरी 2025 – विजया एकादशी फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को विजया एकादशी का व्रत रखा जाता है। इस दिन व्रत रखने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
26 फरवरी 2025 – महाशिवरात्रि महाशिवरात्रि, हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। यह दिन भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का दिन है। महाशिवरात्रि का व्रत रखने से सभी इच्छाएं पूरी होती हैं और समृद्धि मिलती है।
27 फरवरी 2025 – फाल्गुनी अमावस्या फाल्गुन मास की अमावस्या 27 फरवरी को है। इस दिन विशेष रूप से शिव योग और धनिष्ठा नक्षत्र का संयोग बन रहा है, जो इस दिन को और भी पवित्र बना देता है। पितरों को श्रद्धांजलि अर्पित करने और दान-पुण्य करने के लिए यह दिन उपयुक्त है।
7 मार्च 2025 से होलाष्टक की शुरुआत होलाष्टक, होली के आठ दिन पहले शुरू होता है और होलिका दहन तक चलता है। इस दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं किए जाते। इस वर्ष होलाष्टक 7 मार्च से 13 मार्च तक रहेगा।
13 मार्च 2025 – होलिका दहन 13 मार्च को फाल्गुन शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि और पूर्णिमा की रात को होलिका दहन होगा। यह दिन विशेष रूप से बुराई के खिलाफ अच्छाई की जीत का प्रतीक होता है।
14 मार्च 2025 – होली 14 मार्च को होली का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन लोग एक-दूसरे को रंग और गुलाल लगाकर, गले मिलकर और मिठाई खिलाकर इस खुशियों से भरे पर्व का आनंद लेते हैं।
ममता कुलकर्णी ने हाल ही में किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर की पदवी से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने बताया कि उन्हें इस पद पर नियुक्ति से कुछ विवाद उत्पन्न हुए थे, और यह विवाद उन्हें लेकर काफी गहरा हो गया था। ममता ने अपने इस्तीफे में कहा कि वह हमेशा साध्वी रहेंगी, और उन्होंने इस विवाद के कारण पद से हटने का फैसला लिया।
ममता कुलकर्णी, जो 25 साल से साध्वी जीवन जी रही हैं और बॉलीवुड को छोड़ चुकी हैं, ने यह भी कहा कि उन्हें महामंडलेश्वर बनाए जाने के बाद कुछ लोगों को आपत्ति थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अपना साध्वी जीवन जारी रखेंगी और इस पद से सम्मान मिलने के बावजूद उनका मानना है कि उनकी तपस्या और साधना में कोई भी उनकी बराबरी नहीं कर सकता।
इससे पहले, उन्हें और लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी को किन्नर अखाड़े के संस्थापक अजय दास ने निष्कासित कर दिया था, और इस पर सोशल मीडिया में काफी विवाद हुआ था। अजय दास ने यह भी कहा कि अब अखाड़े का पुनर्गठन किया जाएगा और जल्द ही नए आचार्य महामंडलेश्वर की घोषणा की जाएगी।
इस विवाद के बीच ममता कुलकर्णी ने कहा कि उनका सम्मान 25 साल की कठिन साधना और तपस्या का परिणाम था, और पद पर उनके नियुक्त होने के बाद आक्रोश और विवाद ने उन्हें बहुत कष्ट पहुंचाया। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग उनसे नाराज हैं, उनके बारे में ज्यादा बात करना वह उचित नहीं समझतीं।
यह घटनाक्रम किन्नर अखाड़े के भीतर और बाहर के कई विवादों को जन्म दे रहा है, जिससे यह साबित होता है कि धर्म, समाज और आध्यात्मिकता से जुड़े मामलों में कुछ भी साकारात्मक बदलाव लाना आसान नहीं होता।
गंगा मां और मेरी मां…त्रिवेणी संगम पर सीएम धामी ने मां को लगवाई डुबकी, इच्छा पूरी कर हुए भावुक
भगवान के बाद अगर किसी का बड़ा दर्जा दिया गया है तो है माँ जिसकी ममता छाँव में पलकर हर कोई बड़ा होता है प्रयागराज में माँ को आस्था की डुबकी लगवाने वाले उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी संगम तट पर माँ को महाकुंभ गंगा में त्रिवेणी संगम पर स्नान करवाने के बाद भावुक हुए सीएम धामी ने कहा कि मैं इस क्षण को बयां नहीं कर सकता हूं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने त्रिवेणी संगम में मां को स्नान कराकर उनकी इच्छा पूरी की। सीएम धामी और उनकी पत्नी गीता धामी दोनों ने मिलकर मां को स्नान कराया। गंगा में डुबकी लगाने के बाद उन्होंने कहा कि यह मेरे जीवन के उन अमूल्य और भावुक क्षणों में से एक है, जिन्हें शब्दों में पिरोना संभव नहीं।
सोमवार को सीएम धामी परिवार के साथ प्रयागराज महाकुंभ पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि त्रिवेणी संगम के पुण्य सलिल में मां को स्नान कराने का सौभाग्य मिला। वेदों, शास्त्रों और पुराणों में उल्लेखित है कि कोई भी जीव माता के ऋण से कभी उऋण नहीं हो सकता क्योंकि माता ही वह प्रथम स्रोत हैं, जिनसे हमारा अस्तित्व जुड़ा हुआ है।
माता का स्नेह अनंत, उनकी ममता अपरिमेय और उनका आशीर्वाद अक्षुण्ण होता है। इस दिव्य क्षण में अनुभव हुआ कि माँ केवल जन्मदात्री ही नहीं बल्कि सजीव तीर्थ हैं, जिनकी सेवा और सम्मान से जीवन के समस्त पुण्य फलीभूत होते हैं। यह भावपूर्ण क्षण मेरे लिए सनातन संस्कृति, परंपरा और मातृभक्ति का सजीव स्वरूप बनकर हृदयपटल पर सदैव अंकित रहेगा।
पतितपावनी माँ गंगा, माँ यमुना एवं माँ सरस्वती के परमपवित्र दिव्य त्रिवेणी संगम में महाकुंभ-2025 के अलौकिक एवं पुण्यदायी कालखंड में सपरिवार स्नान का परम सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस अविस्मरणीय क्षण में पवित्र जलराशि से अभिसिक्त होकर आध्यात्मिक शुद्धि एवं दिव्यता का अद्वितीय अनुभव प्राप्त हुआ। तीर्थराज प्रयाग की पुनीत धरा पर ईश्वर से समस्त प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि एवं राज्य की उन्नति के लिए प्रार्थना की।
महाकुंभ शताब्दियों से अपनी अक्षुण्णता बनाए रखते हुए सनातन धर्म की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्ता के माध्यम से कोटि जनों को धर्म व संस्कृति से जोड़ता आ रहा है। यह केवल आध्यात्मिक चेतना ही नहीं अपितु राष्ट्रीय एकता, अखंडता और विश्व बंधुत्व का प्रतीक है जो मानवता को नैतिक मूल्यों एवं विश्व मंगल की ओर प्रेरित करता है।
महाकुंभ आस्था संगम पर मुख्यमंत्री धामी ने परिवार संग किया स्नान उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी परिवार संग महाकुम्भ में पहुंचे धार्मिक आस्था के संगम में उन्होंने परिवार संग आस्था की डुबकी लगाई महाकुंभ मेले के दौरान त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान किया। पवित्र स्नान के बाद उन्होंने पूजा-अर्चना की दोपहर बाद धामी प्रयागराज से उत्तराखंड वापिसी करेंगे
रविवार को राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी परिवार संग प्रयागराज कुम्भ पहुंचे थे सोमवार को सोशल मीडिया के माध्यम से उनकी तस्वीरें माँ को महाकुंभ में स्नान कराते हुए तस्वीरें वायरल हुई थी इस दौरान धामी ने प्रयागराज में लगाए गए प्रयागराज स्थित उत्तराखण्ड मंडपम में आयोजित भजन संध्या में सम्मिलित हुआ। कार्यक्रम में भक्ति भाव से ओत-प्रोत ऊर्जा से मन अभिभूत हो गया और एक अलग आत्मिक शांति की अनुभूति हुई। इस दौरान ‘उत्तराखण्ड मंडपम’ में बनाए गए श्री यमुनोत्री धाम, श्री गंगोत्री धाम, श्री केदारनाथ धाम, श्री बदरीनाथ धाम, श्री जागेश्वर धाम, श्री गोल्ज्यू देवता व नीब करौरी बाबा की भव्य प्रतिकृतियों का अवलोकन किया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने महाकुंभ के दौरान प्रयागराज के त्रिवेणी संगम में पवित्र डुबकी लगाई। संगम में स्नान के बाद उन्होंने पूजा-अर्चना भी की। यह अवसर महाकुंभ मेले के दौरान श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण पल था।
राष्ट्रपति के संग इस अवसर पर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी मौजूद थे। इससे पहले, राष्ट्रपति मुर्मू ने संगम के पास प्रवासी पक्षियों को दाना भी खिलाया, जो एक प्रतीकात्मक और आध्यात्मिक पहल थी।
महाकुंभ में उनके आगमन पर प्रयागराज के महापौर उमेश चंद्र गणेश केसरवानी ने उन्हें महानगर की चाबी भेंट कर स्वागत किया, जो एक सम्मानजनक परंपरा थी। इस मौके पर श्रद्धालुओं की भी भारी भीड़ उमड़ी रही थी, और महाकुंभ के धार्मिक महत्व को और बढ़ाया गया।
उत्तराखंड में 38 नेशनल गेम्स का समापन हल्द्वानी के गौलापार स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय खेल परिसर में होने वाले समापन कार्यक्रम को संगीत से सजाने के लिए बॉलीवुड सिंगर सुखविंदर, कुमाऊनी अभिनेत्री श्वेता महारा और दिगारी ग्रुप अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
38वें राष्ट्रीय खेलों का जितना भव्य आगाज हुआ, उसका समापन भी उतना ही भव्य और यादगार बनाने की तैयारी है। जिस तरह से उत्तराखंड के खिलाड़ी विभिन्न प्रतिस्पर्धांओं में अभूतपूर्व प्रदर्शन कर रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड बना रहे हैं, उसे देखते हुए समापन समारोह में खिलाड़ियों को विशेष सम्मान देने की तैयारी है। विजेता खिलाड़ियों की यादों को संजोने और प्रेरक बनाने के लिए एक स्क्रीन प्ले (गेम्स रीकैप) होगा, जिसमें आयोजन शुरू होने से लेकर अंत तक की गतिविधियों की झलक होगी। समारोह में गृहमंत्री अमित शाह मुख्य तौर पर उपस्थित रहेंगे।
उत्तराखंड में गेम्स करवाने वाली पुष्कर सिंह धामी सरकार देश भर में खेलो को लेकर राज्य के उभरते खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मंच इस आयोजन से देती नज़र आ रही है आयोजन की मेजबानी से उत्तराखंड में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देहरादून में इसका शुभारम्भ कर चुके है मोदी ने कहा था उत्तराखंड में खेलो इंडिया के माध्यम से सरकार खिलाड़ियों को बेहतर माहौल देने में कामयाब रही है
हल्द्वानी के गौलापार स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय खेल परिसर में होने वाले समापन कार्यक्रम को संगीत से सजाने के लिए बॉलीवुड सिंगर सुखविंदर, कुमाऊनी अभिनेत्री श्वेता महारा और दिगारी ग्रुप अपनी प्रस्तुतियां देंगे। कार्यक्रम में गृहमंत्री शाह के अलावा सीएम पुष्कर सिंह धामी, भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा और खेल मंत्री रेखा आर्या का संबोधन रहेगा।समापन कार्यक्रम में योगासन और मलखंब की विशेष प्रस्तुतियां रखी गई हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समापन समारोह के लिए व्यापक व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए हैं।
15 हजार से ज्यादा लोग करेंगे शिरकत खेल मंत्री आर्या ने बताया कि खेलों के पूरे आयोजन के दौरान आम जनता ने सक्रियता से भागीदारी निभाई। समापन समारोह में भी आमजन शामिल रहेंगे। इसके लिए स्टेडियम में 15 हजार से ज्यादा लोगों की बैठने की व्यवस्था की जा रही है। मुख्य कार्यक्रम शुरू होने से पहले कुमाऊनी अभिनेत्री श्वेता महारा और दिगारी ग्रुप की प्रस्तुतियां होंगी। औपचारिक आयोजन समाप्त होने के बाद बॉलीवुड सिंगर सुखविंदर प्रस्तुतियां देंगे।
अगले मेजबान राज्य को सौंपा जाएगा फ्लैग समापन समारोह में राष्ट्रीय खेलों का फ्लैग अगले मेजबान राज्य को सौंपा जाएगा, हालांकि अगला मेजबान राज्य कौन रहेगा, इसका फैसला भारतीय ओलंपिक संघ को करना है, जिसकी अभी घोषणा होनी बाकी है। उत्तराखंड को गोवा से फ्लैग मिला था।
ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर निर्देश खेल मंत्री आर्या ने बताया कि शुभारंभ कार्यक्रम में कुछ वजहों से यातायात जाम की समस्या उतपन्न हुई थी, उसके अनुभव से सबक लेते हुए गौलापार स्टेडियम के आसपास ट्रैफिक के इंतजाम दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं।रेखा आर्या, खेल मंत्री ने बताया आमतौर पर राष्ट्रीय खेलों के समापन समारोह का कार्यक्रम औपचारिक मात्र होता है, लेकिन जिस तरह से हमारे खेलों का भव्य आयोजन और खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन रहा, वैसे ही समापन भी यादगार बनाएंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज प्रयागराज में आयोजित ‘समानता के साथ समरसता’ कार्यक्रम में भाग लिया, जो आचार्य शिविर, सेक्टर-09, गंगेश्वर मार्ग पर आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में उत्तराखंड राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने के लिए मुख्यमंत्री को संतों द्वारा अभिनंदन किया गया। संतों ने पुष्पमाला पहनाकर मुख्यमंत्री का सम्मान किया और उन्हें आशीर्वाद दिया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी संतों का धन्यवाद अर्पित करते हुए कहा कि महाकुंभ के शुभ अवसर पर संतों का आशीर्वाद प्राप्त करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के विकास की ओर बढ़ते हुए, समान नागरिक संहिता को लागू करने को एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
मुख्यमंत्री ने 2022 विधानसभा चुनाव से पहले किए गए वादे को याद करते हुए बताया कि उत्तराखंड सरकार ने अपने पहले मंत्रीमंडल की बैठक में ही समान नागरिक संहिता के लिए एक समिति का गठन किया था, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य में इसे सबसे पहले लागू किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि समान नागरिक संहिता लागू होने के बाद अपराधों जैसे श्रद्धा वाकर हत्या जैसी घटनाओं को रोका जा सकेगा, और अब बेटियों के साथ कोई अपराध नहीं कर पाएगा।
आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज ने उत्तराखंड को एक दिव्य स्थान बताया और मुख्यमंत्री धामी को सभी संतों का प्रिय बताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का छोटा राज्य होने के बावजूद, इसने देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता लागू कर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया।
स्वामी चिदानंद मुनि महाराज ने भी मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखंड ने अपने नेतृत्व में UCC लागू करके भारत माता का मान बढ़ाया है। इस कार्यक्रम में कई अन्य संतगण और श्रद्धालु भी मौजूद थे।