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ज्योतिर्मठ स्थिति सेना के अस्पताल में 44 श्रमिकों का चल रहा इलाज, 2 को किया ऋषिकेश एम्स रेफर

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ज्योतिर्मठ स्थिति सेना के अस्पताल में 44 श्रमिकों का इलाज चल रहा है, जबकि 2 को ऋषिकेश एम्स रेफर किया गया है। 44 श्रमिकों में सभी खतरे से बाहर है। उपचार ले रहे श्रमिकों में पिथौरागढ़ के रहने वाले गणेश कुमार ने बताया कि मुझे तो बचने की उम्मीद ही नहीं थी लेकिन सरकार के रेस्क्यू अभियान के कारण आज मैं बिल्कुल सुरक्षित हू।

इसी क्रम में उत्तरकाशी के रहने वाले मनोज भंडारी ने रेस्क्यू अभियान की प्रशंसा की। भारतीय सेना और प्रशासन की प्रशंसा करते हुए कहा कि इतने मुश्किल समय में सरकार ने हमारी बहुत मदद की ।

सेना अस्पताल मे ही उपचार करवा रहे मुरादाबाद के विजयपाल ने बताया कि 28 फरवरी को जब ग्लेशियर से हमारे कंटेनर पर गिरा तो हम घबरा गए लेकिन आर्मी कैंप में हमें सेना ने सुरक्षित रात भर रखा और अगले दिन रेस्क्यू अभियान में हमें सेना के अस्पताल ज्योतिर्मठ में सुरक्षित लाया गया।

इस प्रकार घटना के बाद चलाए गए रेस्क्यू अभियान की घायलों ने सराहना की। सेना के अस्पताल में भर्ती श्रमवीरों ने कहा भारतीय सेना,आई. टी.बी.पी, वायुसेना , एन.डी.आर. एफ, एस.डी.आर.एफ और जिला प्रशासन की ओर से तेजी से चलाए गए रेस्क्यू अभियान के कारण ही वे सुरक्षित हैं। उन्होंने रेस्क्यू अभियान को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित रेस्क्यू में जुटी पूरी टीम का धन्यवाद ज्ञापित किया है।

शिक्षा मंत्री डॉ रावत ने केंद्रीय मंत्री को दी एनईपी-2020 के क्रियान्वयन व अन्य योजनाओं की जानकारी

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स्थानीय संदर्भों को शामिल कर तैयार करें पाठ्य पुस्तकें: धर्मेंद्र प्रधान

बैठक में केंद्रीय मंत्री से की राज्य के समग्र शिक्षा बजट में वृद्धि की मांग

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने उत्तराखंड दौरे के दौरान हरिद्वार में राज्य में एनईपी-2020 के क्रियान्वयन एवं अन्य शैक्षणिक कार्यक्रमों को लेकर प्रदेश के उच्च एवं विद्यालयी शिक्षा विभाग की बैठक ली। प्रदेश के शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत की उपस्थित में हुई इस बैठक में के बिंदुओं पर चर्चा की गई।

सूबे शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने बताया कि प्रदेश भ्रमण पर आये केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज हरिद्वार में उच्च एवं विद्यालयी शिक्षा विभाग की संयुक्त बैठक में विभिन्न कार्यक्रमों एवं गतिविधियों की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने कक्षा 1 से लेकर 12 तक कि पाठ्य पुस्तकों को स्थानीय संदर्भों को समाहित करते हुये तैयार करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। इसके अलावा उन्होंने बाल वाटिका के संचालन को लेकर कुछ जरूरी निर्देश दिये।

डॉ रावत ने बताया कि बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री को राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में चलाये जा रहे सभी कार्यक्रमों के बारे में अवगत कराया गया साथ ही नई शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन की भी विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि शिक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा के बीच उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से राज्य में समग्र शिक्षा के बजट में वृद्धि, वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य की समस्त पाठ्यपुस्तकों एवं राज्य के शिक्षा ढांचे को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के आलोक में संचालित करने का आग्रह किया। इसके अलावा उच्च शिक्षा के तहत दो मॉडल महाविद्यालय एवं टीचर्स ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना का अनुरोध किया। जिस पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री अपनी सकारात्मक स्वीकृति प्रदान की। डॉ रावत ने बताया कि बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने राज्य सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किये जा रहे प्रयासों की सराहना की साथ ही उन्होंने एनईपी-2020 की अनुशंसा के तहत शिक्षा विभाग द्वारा तैयार “हमारी विरासत एवं विभूतियां” पुस्तकों की भी जमकर तारीफ़ की।

बैठक में निदेशक उच्च शिक्षा प्रो अंजु अग्रवाल, संयुक्त निदेश व प्रभारी रूसा प्रो ए एस उनियाल, प्रभारी निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ मुकुल सती, प्रभारी निदेश बेसिक शिक्षा अजय कुमार नौडियाल, एपीडी समग्र शिक्षा कुलदीप गैरोला सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

होली से पहले मिलावटखोरों पर शिकंजा, फूड सेफ्टी विभाग ने जारी की SOP, मिलावटखोरों पर 05 लाख जुर्माना और 06 साल की कैद

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बॉर्डर पर सख्त पहरा, ऑनस्पॉट टेस्ट हो रहे सैंपल, विजिलेंस सेल और सर्विलांस के जरिए सख्त मॉनिटरिंग शुरू :- डा. आर. राजेश कुमार, खाद्य आयुक्त

मिलावटखोरी रोकने के लिए डिकॉय आपरेशन, इंफोर्समेंट और सर्विलांस की भी ली जाएगी मदद :- ताजबर जग्गी

होली पर आम जनता तक शुद्ध और सुरक्षित खाद्य उत्पाद उपलब्ध कराने के लिए खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने प्रदेशभर में मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त अभियान छेड़ दिया है। खासतौर पर दूध, मावा, पनीर और खोया जैसे उत्पादों की जांच की जा रही है। देहरादून, हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर जैसे संवेदनशील जिलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। देहरादून के आशारोड़ी बॉर्डर पर बाहर से आने वाले दूध और उसके उत्पादों की सख्त जांच की जा रही है।

खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त डा. आर राजेश कुमार ने कहा कि इसको लेकर एक विस्तृत SOP जारी कर दी गई है। सम्बंधित अधिकारियों को मिलावटखोरों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया खाद्य सैम्पलों की प्राथमिकता से जांच होगी और दोषी पाए जाने वाले मिलावटखोरों और विक्रेताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए 05 लाख तक जुर्माना और 06 साल तक की कैद हो सकती है। आयुक्त डा. आर राजेश कुमार ने बताया कि खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन प्रदेश भर में मिलावटखोरी को रोकने के लिए लगातार अभियान चलाता है। यह अभियान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत के मार्गदर्शन में चल रहा है। इसके तहत अब होली के मद्देनजर विभाग ने व्यापक कार्ययोजना तैयार की है।

सख्त SOP जारी, नहीं बच पाएंगे मिलावटखोर

फूड सेफ्टी विभाग ने सख्त SOP जारी की है। राज्य के सभी जिलाधिकारियों,
समस्त प्रभारी/अभिहित अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। डॉ आर राजेश कुमार ने कहा SOP में खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम-2006 एवं नियम 2011 के प्राविधानों के अंतर्गत मिलावटी खाद्य पदार्थ निर्माताओं/ थोक विक्रेता/आपूर्तिकर्ता/ फुटकर विक्रेताओं के विरूद्ध सख्त कार्यवाही के लिए कहा गया है। होली के अभियान की अवधि में की गयी प्रवर्तन कार्यावाहियों की समीक्षा की जायेगी। खाद्य कारोबारी जो नियमों का उल्लंघन करते हुये गये एवं जो नियमित रूप से उल्लंघन कर्ता हैं को चिन्हित करते हुये कड़ी कानूनी कार्यवाही की जायेगी। डॉ आर राजेश कुमार ने कहा आदेशों का तत्काल कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करते हुए प्रत्येक कार्य दिवस की गयी कार्यवाही ई-मेल के माध्यम से कार्यालय खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तराखण्ड को अवगत कराई जाएगी। इस विस्तृत SOP में हर पहलू का ध्यान रखा गया है।

प्रदेश के जनपदों को तीन श्रेणियों में बांटा

खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने बताया कि होली को देखते हुए मिलावटखोरों से निपटने के लिए प्रदेश को तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है। ऊधमसिंह नगर, नैनीताल, हरिद्वार, देहरादून, टिहरी और पौड़ी जिलों को एक श्रेणी में शामिल किया गया है। इसके अलावा चम्पावत, बागेश्वर और अल्मोड़ा को एक श्रेणी में बांट गया है। इन जिलों के लिए विभाग ने सचल खाद्य लैब की व्यवस्था की है। ये टीमें त्योहारी सीजन में अचानक कहीं भी छापेमारी कर सैंपलिंग कर सकती हैं।

*डिकॉय आपरेशन, इंफोर्समेंट और सर्विलांस की ली जाएगी मदद

अपर आयुक्त ताजबर जग्गी ने बताया कि मिलावटखोरी रोकने के लिए डिकॉय आपरेशन, इंफोर्समेंट और सर्विलांस की मदद भी ली जाएगी। साथ ही विभाग की ये टीमें उपभोक्ताओं को भी मिलावटी वस्तुओं के बारे में जागरूक करेंगी। अभिसूचना से मिली जानकारी के आधार पर छापेमारी की जाएगी। संभावित विरोध को देखते हुए खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीमें पुलिस प्रशासन का भी सहयोग लेगी। अपर आयुक्त ताजबर जग्गी ने बताया कि उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ और चमोली जिलों में भी यह अभियान चलेगा।

दूध से बने उत्पादों पर पैनी नज़र

दूध से बने उत्पाद और अन्य पदार्थों की सैंपलिंग होगी और इसे लैब में भेजा जाएगा। मानको का अनुपालन न करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत कार्रवाई की जाएगी। बिना लाइसेंस के उत्पाद करने वाले कारोबारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अपर आयुक्त जग्गी ने बताया कि सभी सैंपलों की जांच प्राथमिकता के आधार पर होगी। यदि सैंपल में मिलावट पाई गयी तो मिलावटी वस्तुओं का उत्पादन करने वाले और मिलावटी वस्तुओं की बिक्री करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बॉर्डर इलाकों में भी मिलावटखोरों पर नजर

अपर आयुक्त एवं ड्रग कंट्रोलर ताजबर जग्गी ने बताया कि उत्तर प्रदेश से सटे बॉर्डर इलाकों में भी मिलावटखोरों पर नजर रखी जा रही है। विभाग ने सैंपल टेस्ट वाहनों के जरिए ऑनस्पॉट सैंपल टेस्टिंग की व्यवस्था की है ताकि मिलावट का तुरंत पता लगाया जा सके। ऐसे में मिलावट की गई चीज़ें पहचान में आ जाएंगी।

संयुक्त टीमों के साथ छापेमारी

खाद्य संरक्षा विभाग ने मिलावटखोरों पर शिकंजा कसने के लिए संयुक्त टीमें बनाई हैं ये टीमें जिलों के नोडल अधिकारियों के साथ मिलकर प्रतिष्ठानों में छापेमारी कर रही हैं। विभाग की ओर से विजिलेंस सेल का गठन किया गया है, जो शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई करती है. साथ ही सर्विलांस के जरिए भी मॉनिटरिंग की जा रही है. गौरतलब है कि बड़े स्तर पर होली की मिठाई में ज़हर घोलने वालों पर लगाम लगाई जा रही है।

ऊधम सिंह नगर-हरिद्वार में सबसे ज्यादा सैंपलिंग

अपर आयुक्त ताजबर जग्गी ने बताया कि सबसे ज्यादा शिकायतें ऊधम सिंह नगर और हरिद्वार जिलों से मिलती हैं। इन जिलों में विशेष चेकिंग अभियान चलाकर खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग की जा रही है। सभी जिलों में फूड इंस्पेक्टर लगातार प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर रहे हैं. आमतौर पर त्योहारों के दौरान मिठाई समेत कई खाद्य पदार्थों में मिलावट का खेल शुरु हो जाता है। इसको ध्यान में रखते हुए हम इस बार बड़े स्तर पर पूरे प्रदेश में ऐसी कार्रवाई को अंज़ाम दे रहे हैं, जिससे प्रदेश में मिलावटखोरों का अस्तित्व ही खत्म हो जाए।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड जनजातीय महोत्सव-2025 कार्यक्रम में किया प्रतिभाग, जनजातीय शोध संस्थान के ढाँचें को स्वीकृति प्रदान करने की घोषणा

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उत्तराखंड आदि गौरव सम्मान पुरस्कार-2025 से सम्मानित हुए लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी एवं किशन महीपाल।

मुख्यमंत्री जनजाति रोजगार उत्कर्ष योजना के संचालन के लिये प्रतिवर्ष 1 करोड रुपए की धनराशि की जाएगी प्रदान।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को परेड ग्राउंड देहरादून में राज्य जनजातीय शोध संस्थान द्वारा आयोजित उत्तराखंड जनजातीय महोत्सव – 2025 कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड आदि गौरव सम्मान पुरस्कार – 2025 से लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी एवं किशन महीपाल को सम्मानित किया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने जनजातीय शोध संस्थान के सफल संचालन हेतु जनजातीय शोध संस्थान के ढाँचें को स्वीकृति प्रदान करने एवं जनजातीय युवक-युवतियों को आत्मनिर्भर बनाने तथा रोजगार की दिशा में काम करने हेतु मुख्यमंत्री जनजाति रोजगार उत्कर्ष योजना के संचालन के लिये प्रतिवर्ष 1 करोड रुपए की धनराशि प्रदान की जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने देशभर के विभिन्न जनजाति समाज द्वारा बनाए गए उत्पादों पर आधारित स्टालों का भी अवलोकन किया। उन्होंने जनजातीय शोध संस्थान द्वारा किए गए कार्यों पर आधारित लघु फिल्म का भी अवलोकन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजाति महोत्सव, प्रदेश के सांस्कृतिक वैभव और जनजातीय परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन का उत्सव एंव जनजातीय परंपराओं को जीवंत रखने का प्रयास है। ऐसे आयोजनों से हमें जनजातीय समाज की समृद्ध परंपराओं को देखने, समझने और उनसे प्रेरणा लेने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा उत्तराखंड की भूमि प्राकृतिक सौंदर्य के साथ समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए भी जानी जाती है। हमारे राज्य में मुख्य रूप से थारू, भोटिया, जौनसारी राजी एवं बुक्सा जनजातियाँ निवास करती हैं, जिनकी परंपराएँ, लोककला, हस्तशिल्प, लोकगीत, नृत्य और खानपान हमारी संस्कृति को अद्वितीय पहचान देते हैं। उन्होंने कहा राज्य सरकार, उत्तराखंड में आदिवासी समाज के विकास के लिए रात-दिन कार्य करती रहेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार, उत्तराखंड के आदिवासी एवं जनजातीय समुदाय के कल्याण और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान के अंतर्गत उत्तराखंड के 128 जनजातीय गांवों का चयन किया गया है। चयनित गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य में 4 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय कालसी, मेहरावना, बाजपुर व खटीमा में संचालित हो रहे हैं, जिसमें जनजातीय समुदाय के छात्रों को निशुल्क शिक्षा एवं हॉस्टल की सुविधा प्रदान की जाती है। जनजातीय समाज के बच्चों को प्राईमरी स्तर से स्नातकोत्तर स्तर तक छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। शैक्षिक उत्थान एवं विकास हेतु सरकार द्वारा वर्तमान में 16 राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। जनजाति के शिक्षित बेरोजगार युवक-युवतियों को तकनीकी शिक्षा प्रदान करने हेतु प्रदेश में तीन आई.टी.आई. संस्थानों का संचालन किया जा रहा है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग की निःशुल्क व्यवस्था भी की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातियाँ, प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करके जीवन जीने की प्रेरणा, पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के लिए भी महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्त्व में देश में जनजातीय समाज के उत्थान के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया, जिससे पूरे देश में आदिवासी समाज की संस्कृति और योगदान को सम्मान मिला है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में प्राचीन परम्पराओं का खोया हुआ वैभव भी पुनः स्थापित भी किया जा रहा है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में आदिवासी समाज के समग्र विकास के लिए धरातल पर नूतन प्रयोग किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के विकास के लिए दिए जाने वाले बजट को 3 गुना बढ़ाया गया है। जनजातीय समाज को एकलव्य मॉडल स्कूल, प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान, वन धन योजना, प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन, विभिन्न पशुपालन और कृषि संबंधित योजनाओं के माध्यम से मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा भगवान बिरसा मुंडा से प्रेरणा लेकर राज्य सरकार भी उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने हेतु कार्य कर रही है। प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून एवं देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता कानून लागू किया है। यूसीसी से सभी जनजातीय समाज के लोगों को बाहर रखा गया है।

इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी, मेयर श्री सौरभ थपलियाल, विधायक सविता कपूर, सचिव नीरज खैरवाल, अपर सचिव गौरव कुमार, निदेशक जनजाति कल्याण संजय सिंह टोलिया, लोक गायक किशन महीपाल एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

पानी के निकासी के लिए कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी मैदान में, मंत्री के अधिकारियों को निर्देश, कहा- समाधान कर मुझे बताएं

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काबीना मंत्री गणेश जोशी ने पानी की निकासी की समस्या के लिए नगर निगम और जिला प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिये कि पानी की निकासी का स्थायी समाधान कर अतिशीघ्र मुझे बताया जाए। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक कहा कि अब इस कार्य के लिए मैं न तो चिट्टी लिखूंगा और न ही फोन करुंगा।

बताते चले कि देहरादून के न्यू कैंट रोड़ में हाथीबड़कला स्थित काली मंदिर के पास बारिश के कारण नाले से क्षेत्रवासियों और राहगिरों को अत्यधिक दिक्कत हो रही थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले बरसात में इस नाले का पानी कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के आवास में भी घुस गया था, जहां रात्रि को ही नगर निगम द्वारा बड़ी मशक्कत के बाद पानी को खाली किया गया। गत दिवस मंदिर पहुंचे कैबिनेट मंत्री से मंदिर के पुजारी ने फिर यह समस्या बताई, जिसके बाद मंत्री ने शनिवार को जिला प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों के साथ मौके का निरीक्षण किया और तत्काल समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के बाद मंत्री गणेश जोशी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक कर समस्या के स्थायी समाधान को लेकर चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाकर जल्द से जल्द कार्ययोजना तैयार करने और समस्या का स्थायी निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान मंत्री ने न्यू कैंट रोड़ सड़क चौड़ीकरण को लेकर भी अधिकारियों को निर्देशित किया। मंत्री ने कहा कि जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के लिए सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और जनता की सुविधा के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त नमामि बंसल, अपर जिलाधिकारी जयभारत सिंह, उपजिलाधिकारी कुमकुम जोशी, लोनिवि के अधीक्षण अभियंता मुकेश परमार सहित कई विभागीय अधिकारीगण एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

प्रशिक्षित महिलाओं को बांटी सिलाई और जड़ी बूटी उत्पादन किट

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विकास नगर के बरोटीवाला में शनिवार को महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली सैकड़ो महिलाओं को सिलाई मशीन और जड़ी बूटी उत्पादन किट का वितरण किया। इसके साथ ही क्षेत्र की पात्र महिलाओं को महालक्ष्मी किट का वितरण भी किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन बरोटीवाला में पौष्टिक ग्राम उद्योग संस्था के तत्वाधान में किया गया था। इस संस्था ने महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की योजना के अंतर्गत करीब 220 महिलाओं को सिलाई व जड़ी बूटी उत्पादन का प्रशिक्षण दिया है।

किट वितरण कार्यक्रम में विभागीय मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की यह छोटी सी शुरुआत है लेकिन इसके बड़े परिणाम सामने आएंगे। रेखा आर्या ने कहा कि जब तक आधी आबादी का विकास नहीं होता है तब तक प्रदेश का विकास भी संभव नहीं है। उन्होंने कहा की खेती किसानी हमारे खून में है लेकिन प्रशिक्षण में महिलाओं को जो तकनीकी कौशल प्राप्त हुआ है उससे उन्हें अपनी आजीविका कमाने में आसानी होगी। इस अवसर पर मंत्री ने प्रतिभागी महिलाओं से प्रशिक्षण के दौरान उनके अनुभव को भी जाना।

इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेंद्र कुमार, आयोजक संस्था की सचिव अमिता मेहतो समेत सैकडो ग्राम वासी भी उपस्थित रहे।

लैंड जिहाद और डेमोग्राफी चेंज की कोशिश पर रोक लगायेगा भू कानून: महाराज

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सशक्त भू कानून को कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने लैंड जिहाद और देवभूमि की डेमोग्राफी बदलने की मंशा पर रोक लगाने वाला बताया है। प्रदेश की महान जनता, जंगल जमीन सुरक्षित करने वाले इस ऐतिहासिक कदम में हमारे साथ खड़ी है।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार द्वारा लाया यह भू कानून संशोधन अधिनियम प्रदेशवासियों की आकांक्षा की पूर्ति करने वाला है। उन्होंने दावा किया कि इस कानून के धरातल पर उतरने के बाद कोई भूमाफिया राज्य की जमीनों की तरफ गलत निगाह से नहीं देख सकता है। राज्य के लोगों को विशेषकर, पहाड़ की चिंता थी कि बड़े पैमाने पर बाहरी लोगों ने अवैध तरीकों से जमीनों को कब्जाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनके दर्द को महसूस किया और सरकार गठन के साथ ही उच्च स्तरीय कमेटी गठित की। जिसमें सभी प्रभावित पक्षों से विस्तृत चर्चा की और विशेषज्ञों एवं कानूनी जानकारों से राय मशवरा किया। उसके बाद तैयार ड्राफ्ट को विधेयक के रूप में हम कैबिनेट से पास कर सदन में लेकर आए। इसे कानूनी अमलीजामा पहनाने के लिए हमने सभी संवैधानिक प्रक्रियाओं का पालन किया, जिसमें विपक्ष को भी सदन में अपनी राय देने का समय दिया गया।

महाराज ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, जिस विधेयक को सदन में सर्वसम्मिति से पास किया गया, वह बाहर आते ही उनके लिए खराब कैसे हो गया। दरअसल कांग्रेस दोहरी राजनीति करती है और उनका रवैया बार बार साबित हो चुका है।

केबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा की मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार स्पष्ट कर चुकी है कि यह राज्य के संसाधनों और स्वरूप को बचाने की सिर्फ ठोस शुरुआत है। आगे कोई भी सकारात्मक सुझाव आयेगा उस पर गंभीरतापूर्वक विचार किया जाएगा। इस मुद्दे पर हमारा उद्देश्य स्पष्ट है राज्य में भूमि का संरक्षण और संवर्धन के लिए भू कानून में सुधार की गुंजाइश हमेशा बनी है।

उन्होंने कहा, इससे पूर्व सीएम के निर्देश पर पूर्ववर्ती भू कानून का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्यवाही शुरू कर दी गई थी। ऐसे में जब हजारों एकड़ भूमि को माफियाओं के कब्जे से मुक्त कराया गया था तो भी सबसे अधिक पीड़ा विपक्ष को हुई थी। वही लोग अब भू कानून को लेकर झूठ, भ्रम और अफवाह फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन प्रदेश की महान जनता पीएम मोदी एवं सीएम धामी पर भरोसा करती है, लिहाजा जंगल और जमीन सुरक्षित रखने के ऐतिहासिक इस कदम में भी वह हमारे साथ मजबूती से खड़ी है।

पीएम मोदी के उत्तरकाशी दौरे से सीएम के शीतकालीन यात्रा प्रयासों को मिलेगी तीव्र गति

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भाजपा ने पीएम मोदी के उत्तरकाशी दौरे को सीएम के शीतकालीन यात्रा प्रयासों को तीव्र गति देने वाला बताया है। 6 मार्च को होने वाले इस एक दिवसीय कार्यक्रम में पीएम मुखबा में मां गंगा की पूजा के साथ हर्षिल जनसभा को भी संबोधित करेंगे।

इस दौरे को लेकर प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा, मोदी जी का आना प्रदेशवासियों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं है। क्योंकि सभी जानते हैं, देवभूमि प्रधानमंत्री जी के दिल में बसता है। यही वजह है कि वह उत्तराखंड का चहुमुखी विकास कराने के साथ, प्रदेश के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक प्रतिष्ठा में वृद्धि के लिए स्वाभाविक ब्रांड एंबेसडर बनकर कार्य करते हैं। इससे पूर्व श्री केदारनाथ धाम और श्री बद्रीनाथ धाम पहुंच कर उन्होंने चार धाम यात्रा को रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचाया है। और इसी क्रम में जब मुख्यमंत्री ने शीतकालीन यात्रा को प्रारंभ किया तो पीएम ने उसको बढ़ावा देने के लिए अनेकों मंचों पर उसकी चर्चा की है। उनका यह दौरा प्रदेश की आर्थिकी को नई मजबूती देने और इस यात्रा को विश्व पटल पर बड़ी पहचान देने वाला साबित होगा।

वहीं कार्यक्रम की जानकारी देते हुए, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने बताया कि खराब मौसम के कारण पूर्व में रद्द हुए दौरे के तत्काल बाद पुनः 6 मार्च को प्रधानमंत्री जी आ रहे हैं। जिसमें वह सुबह 8 बजे ज्योलीग्रांट हवाई अड्डे पहुंचकर उत्तरकाशी हर्षिल के लिए प्रस्थान करेंगे। वहां एक जनसभा को संबोधन के उपरांत वे मां गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा में उनकी पूजा अर्चना करेंगे। उसी दिन दोपहर 1.30 पर पीएम दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे।

साथ ही बताया कि मोदी जी के आने की सूचना से प्रदेश विशेषकर गंगा यमुना घाटी में अभूतपूर्व उत्साह का माहौल है। सभी को इस बात का अहसास है कि उनका मां गंगा और यमुना के उद्गम जनपद में होना, क्षेत्र की पहचान में चार चाँद लगाएगा। उनका यहां से दिया संदेश उत्तरकाशी को विश्व पर्यटन मानचित्र के शीर्ष पर स्थापित करेगा। उनके आने से चार धाम यात्रा और शीतकालीन यात्रा में रिकॉर्ड वृद्धि होना निश्चित है। जिससे यहां की आर्थिकी पर पड़ने वाला सकारात्मक प्रभाव, स्थानीय रोजगार और व्यापार को फलने फूलने में मददगार साबित होगा।

सड़क निर्माण के कार्य कर रहे श्रमिकों को सुरक्षित स्थानों पर भेजें- सीएम

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मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने शनिवार सुबह बदरीनाथ क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने बताया कि वहां पर अत्यधिक बर्फबारी हो रही है तथा 06 से 07 फीट तक बर्फ जमा है। उन्होंने आने वाले दिनों में हिमस्खलन की संभावना के दृष्टिगत जिन स्थानों में श्रमिक कार्य कर रहे हैं, वहां से उन्हें सुरक्षित स्थानों पर भेजने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास को एवलांच की संभावनाओं के दृष्टिगत एडवाइजरी जारी करने को कहा।

जल्द बहाल की जाए संचार व्यवस्था-मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि भारी बर्फबारी के कारण जिन गांवों से सम्पर्क नहीं हो पा रहा है, उनसे तुरंत सम्पर्क किया जाए। प्रशासन की टीम को वहां भेजा जाए और उन्हें जिन चीजों की आवश्यकता हो, तुरंत भेजी जाएं। यह सुनिश्चित किया जाए कि वहां राशन, दवाइयों के साथ ही अन्य जरूरी सामग्रियों की उपलब्धता है। उन्होंने बदरीनाथ क्षेत्र में संचार व्यवस्था, फोन तथा इंटरनेट को तुरंत बहाल करने और जिन क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बाधित हो गई है, वहां सेटेलाइट फोन भेजने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने जिन गांवों में बिजली बाधित है, वहां जल्द विद्युत व्यवस्था को बहाल करने के निर्देश दिए हैं।

औली के रिसोर्ट में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजें

अत्यधिक बर्फबारी के कारण हिमस्खलन की संभावनाओं के मद्देनजर औली, हर्षिल आदि अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों के विभिन्न रिसार्ट में रह रहे सैलानियों को सुरक्षा के दृष्टिगत सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाएगा। माननीय मुख्यमंत्री ने सैलानियों से अगले तीन दिन इन क्षेत्रों में यात्रा न करने की अपील की है। साथ ही स्थानीय प्रशासन को सुरक्षा के दृष्टिगत सभी जरूरी एहतियात बरतने के निर्देश दिए हैं।

अलकनंदा में पानी जम रहा, मा0 मुख्यमंत्री ने रेकी के निर्देश दिए

मुख्यमंत्री ने बताया कि हवाई सर्वेक्षण के दौरान उन्हें यह आभास हुआ कि भारी बर्फबारी के कारण अलकनंदा नदी जम सी गई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रेकी कर इसकी जांच की जाए कि कहीं इससे कोई खतरा तो नहीं हैघ् उन्होंने विशेषज्ञ संस्थानों को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने तथा यदि कोई खतरे की स्थिति हो तो तुरंत सुरक्षात्मक कदम उठाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने एरियर सर्वे, मैनुअल सर्वे तथा सेटेलाइट सर्वे कर जल्द रिपोर्ट देने को कहा है।

रेस्क्यू अभियान की स्वयं निगरानी कर रहे मा0 मुख्यमंत्री

माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी विगत दिवस से लगातार रेस्क्यू अभियान की स्वयं निगरानी कर रहे हैं। माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं। दिनांक 28 फरवरी 2025 को दो बार माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र का भ्रमण किया गया। शुक्रवार रात को भी मा0 मुख्यमंत्री ने कंट्रोल रूम पहुंचकर इस पूरे अभियान की समीक्षा की। वहीं शनिवार को घटनास्थल का हवाई सर्वेक्षण करने के उपरांत मा0 मुख्यमंत्री सीधे कंट्रोल रूम पहुंचे और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा की।

संचार व्यवस्था क्यू.डी.ए से की जा सकती है बहाल-रिद्धिम

बैठक में आईजी एसडीआरएफ रिद्धिम अग्रवाल ने बताया कि जिन स्थानों में संचार सेवाएं बाधित हो गई हैं, वहां क्यू.डी.ए ;क्विक डिप्लायमेंट एंटीनाद्ध स्थापित कर संचार व्यवस्था को बहाल किया जा सकता है। मा0 मुख्यमंत्री ने इस दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाने के निर्देश दिए। रिद्धिम अग्रवाल ने बताया कि एसडीआरएफ द्वारा बर्फ के कारण अवरुद्ध मार्गों को खोलने का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है।

युद्धस्तर पर संचालित है रेस्क्यू अभियान, कंट्रोल रूम से हो रही मॉनीटरिंग

आज दिनांक 01 मार्च 2025 को वायु सेवा का एक एम.आई.-17 हेलीकॉप्टर, तीन चीता हेलीकॉप्टर, उत्तराखण्ड सरकार के 02 हेलीकॉप्टर, एम्स ऋषिकेश से एक एयर एंबुलेंस राहत एवं बचाव कार्य में लगाए गए हैं। माननीय मुख्यमंत्री जी ने आवश्यकता पड़ने पर और अधिक हेलीकॉप्टर लगाए जाने के निर्देश दिए हैं। शनिवार को दोपहर 03 बजे तक माणा/बद्रीनाथ से रैस्क्यू किये गये लोगों में से 29 लोगों को हैलीकाप्टर के माध्यम से जोशीमठ लाया गया, जिनका उपचार आर्मी हास्पिटल में किया जा रहा है।

राहत एवं बचाव कार्य में बद्रीनाथ में लगभग 200 लोग कार्य कर रहे हैं। इनमें आपदा प्रबंधन सेना, आइ.टी.बी.पी. बी0आर0ओ0, एन0डी0आर0एफ, एस0डी0आर0एफ, जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, वायु सेवा यूकाड़ा, अग्निशमन विभाग, खाद्य विभाग, द्वारा लगातार कार्य किया जा रहा है।माणा स्थित आर्मी बेस कैम्प के पास आर्मी हैलीपैड़ को तैयार कर लिया गया है। बद्रीनाथ स्थित आर्मी हैलीपैड़ पर 6-7 फीट बर्फ है जिसे हटाये जाने की कार्यवाही की जा रही है। बद्रीनाथ के पास बर्फबारी के कारण अभी भी 5-6 कि0मी0 रास्ता बंद है, जिसे खोलने के लिए युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री के निर्देशन में आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा सभी के साथ समुचित समन्वय किया जा रहा है। लगातार राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के माध्यम से नियमित तौर पर पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है तथा सभी विभागों के आपसी समन्वय से युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य किया जा रहा है। लामबगड़ से आगे कई स्थानों पर रास्ता बंद होने के कारण रैस्क्यू टीमों को घटना स्थल पर जाने में परेशानी हो रही है।

मुख्यमंत्री के प्रभावी नेतृत्व, कुशल मार्गदर्शन एवं प्रबन्धन में सभी विभाग पूरी निष्ठा, समर्पण तथा प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं। राहत टीमें पूरे उत्साह के साथ ग्राउण्ड जीरो पर राहत और बचाव कार्यों को संचालित कर रही हैं।

05 श्रमिकों की तलाश के लिए युद्धस्तर पर जारी है अभियान

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50 श्रमिकों का रेस्क्यू, मा0 मुख्यमंत्री ने किया घटनास्थल का हवाई सर्वेक्षण

प्रधानमंत्री ने फोन पर मुख्यमंत्री से की बात, हर संभव मदद का भरोसा दिया

दिल्ली से जीपीआर रडार मंगवाई, कंटेनरों को ढूंढने में मिलेगी मदद

माणा के पास हिमस्खलन की चपेट में आए 17 अन्य श्रमिकों का शनिवार सुबह रेस्क्यू कर लिया गया है। उन्हें सेना के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है। अब तक कुल 50 श्रमिकों का रेस्क्यू किया जा चुका है। माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं इस रेस्क्यू अभियान की मॉनीटरिंग कर रहे हैं। शनिवार को सुबह माननीय मुख्यमंत्री ने घटनास्थल का हवाई सर्वेक्षण किया और ज्योतिर्मठ में राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की। माननीय मुख्यमंत्री ने बताया कि 05 श्रमिकों की खोजबीन के लिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू अभियान संचालित किया जा रहा है।

शनिवार को घटनास्थल का निरीक्षण कर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सीधे यूएसडीएमए स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचे और शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रेस्क्यू अभियान को लेकर चर्चा की। उन्होंने बताया कि राहत और बचाव दलों ने सराहनीय कार्य करते हुए अब तक 50 लोगों का रेस्क्यू कर लिया है। हिमस्खलन में फंसे 05 और श्रमिकों की खोजबीन के लिए युद्धस्तर पर अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भी फोन पर रेस्क्यू अभियान को लेकर अपडेट लिया और हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी श्रमिकों की सुरक्षित निकासी के लिए चिंतित हैं और नियमित अपडेट ले रहे हैं। उन्होंने केन्द्र सरकार द्वारा प्रदान किए जा रहे सहयोग के लिए माननीय प्रधानमंत्री, गृह मंत्री तथा रक्षा मंत्री जी का आभार जताया।

उन्होंने बताया कि 05 कंटेनरों को ट्रेस कर श्रमिकों को सुरक्षित निकालने में राहत और बचाव दलों को सफलता मिली है। अत्यधिक बर्फ होने के कारण 03 कंटेनर ट्रेस नहीं हो पा रहे हैं। आर्मी, आईटीबीपी द्वारा इन कंटेनरों का पता लगाने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। कंटेनरों की तलाश के लिए आर्मी के स्निफर डाग्स की तैनाती की गई है। आर्मी की 03 टीमों द्वारा सघन पेट्रोलिंग की जा रही है। दिल्ली से सेना की जीपीआर रडार ;ग्राउण्ड पेनीट्रेशन रडारद्ध मंगवाई गई है, जो बर्फ के अंदर कंटेनरों को ट्रेस करने में मदद करेगी।

उन्होंने बताया कि घायल श्रमिकों के इलाज के लिए सभी व्यवस्थाएं की गई हैं। माणा और ज्योतिर्मठ में सेना के अस्पताल में घायल श्रमिकों का उपचार किया जा रहा है। एम्स ऋषिकेश और श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के साथ ही स्थानीय सीएचसी और पीएचसी को एलर्ट पर रखा गया है। इस अवसर पर सलाहकार समिति, आपदा प्रबन्धन विभाग के उपाध्यक्ष विनय कुमार रुहेला, डीजीपी दीपम सेठ, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, सचिव शैलेश बगौली, सचिव पंकज कुमार पाण्डेय, आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, सचिव आपदा प्रबन्धन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन, जीओसी उत्तराखण्ड सब-एरिया मेजर जनरल प्रेम राज, आईटीबीपी के आईजी संजय गुंज्याल, आईजी एसडीआरएफ रिद्धिम अग्रवाल, पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र राजीव स्वरूप, यूएसडीएमए के एसीईओ क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, वित्त नियंत्रक अभिषेक आनंद, जेसीईओ ओबैदुल्लाह अंसारी आदि मौजूद थे।