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केदारनाथ पहुंचे फिल्म अभिनेता मिलिंद सोमन

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चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। इसी उत्साह के बीच 13 जून को अभिनेता और मॉडल मिलिंद सोमन भी ट्रैकिंग के जरिए केदारनाथ धाम पहुंचे फिल्म अभिनेता और मॉडल मिलिंद सोमन अपनी पत्नी के साथ चौमासी, खाम बुग्याल, भैरवनाथ और हथनी कोल ट्रैक होते हुए करीब 30 किलोमीटर की ट्रेकिंग कर केदारनाथ पहुंचे। वहां उन्होंने बाबा केदार के दर्शन किए।

केदारनाथ यात्रा और ट्रैकिंग के दौरान के फोटो और वीडियो उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किए, जिससे उनके इस यात्रा का पता चला।

मिलिंद सोमन ने पोस्ट में लिखा कि खड़ी चढ़ाई चढ़ते वक्त जो थकान महसूस हो रही थी, वह बाबा केदार के दर्शन के साथ ही दूर हो गई। उन्होंने केदारनाथ की अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता की भी खूब सराहना की।

पंचायत चुनाव की डेट फाइनल दो चरण में होंगे चुनाव ये रही चुनावी तिथि

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पंचायत चुनाव की डेट फाइनल दो चरण में होंगे चुनाव ये रही चुनावी तिथि
देहरादून उत्तराखंड में पंचायत चुनाव अगले महीने जुलाई में होंगे चुनावी कार्यक्रम जारी करते हुए मुख्य चुनाव अधिकारी सुशील कुमार ने बताया की उत्तराखंड में पंचायत चुनाव को लेकर तैयारी पूरी हो चुकी है रिंग रोड में मीडिया को जानकारी देते हुए बताया की पंचायत चुनाव पूरी तरफ पारदर्शी करवाए जायेगे इस बार नए मतदाता भी मतदान करेंगे

दो चरण में चुनाव होंगे जारी हुआ चुनावी कार्यक्रम उत्तराखंड में कुल 77499 ग्राम प्रधान,55600 ग्राम पंचायत सदस्य ,2974 छेत्र पंचायत ,358 जिला पंचयत सदस्य चुने जायेगे आगामी २३ जून को जिला निर्वाचन अधिकारी सूचना जारी करेंगे उत्तराखंड में पहला चरण दस जुलाई तो दूसरा चरण 15 जुलाई को होगा चुनाव परिणाम 18 जुलाई को आएगा

पंचायत चुनाव को लेकर नामांकन पत्र 25 जून से 28 जून तक भरे जायेगे नामांकन पत्र की जांच 29 जून से 1जुलाई तक होगी दो जुलाई को नाम वापसी होंगे पहले चरण का चुनाव सिम्बल 3 जुलाई को किया जायेगा

हरिद्वार को छोड़ राज्य के शेष 12 जिलों में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर अब सभी की नजरें राज्य निर्वाचन आयोग पर टिकी हैं।

यद्यपि, पंचायतों आरक्षण के विषय पर 23 जून को हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई पर भी सरकार की नजर रहेगी। पंचायत चुनाव के दृष्टिगत सरकार के स्तर से अब सभी प्रकिया पूर्ण हो चुकी हैं। पूर्व में ग्राम पंचायतों के परिसीमन व पुनर्गठन, क्षेत्र व जिला पंचायतों के प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन और पंचायतों में मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण का कार्य पूर्ण हो गया था।

चारधाम यात्रा 2025: केदारनाथ हेली सेवा मानसून और हादसे के बाद स्थगित, कंपनियां 22 जून को लौटेंगी

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चारधाम यात्रा 2025: केदारनाथ हेली सेवा मानसून और हादसे के बाद स्थगित, कंपनियां 22 जून को लौटेंगी

देहरादून/केदारनाथ | 21 जून 2025
उत्तराखंड में जारी चारधाम यात्रा के अंतर्गत केदारनाथ धाम के लिए संचालित हेलीकॉप्टर सेवाएं मानसून की दस्तक और हालिया हादसे के बाद ठप हो गई हैं। अब स्थिति को देखते हुए 22 जून (रविवार) से सभी हेली कंपनियां केदारघाटी से लौट जाएंगी

सेवाएं 2 मई से शुरू हुई थीं, 15 जून को हादसा

  • यात्रा की शुरुआत 2 मई से हुई थी।
  • डीजीसीए और यूकाडा ने 9 हेली कंपनियों को उड़ान की अनुमति दी थी:
    • थंबी एविएशन
    • हिमालयन हेली एविएशन
    • ग्लोबल वेक्ट्रा
    • एरौ
    • क्रिस्टल
    • आर्यन हेलीएविएशन
    • ट्रांस भारत
    • पवन हंस हेली
  • 2 मई से 14 जून तक कुल 56,044 यात्रियों ने हेलिकॉप्टर से केदारनाथ की यात्रा की, जिनमें से 54,209 श्रद्धालु लौट चुके थे।

लेकिन 15 जून को आर्यन हेली कंपनी के एक हेलिकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने से पायलट समेत सात लोगों की मौत हो गई। इसके बाद डीजीसीए ने तत्काल प्रभाव से दो दिन की रोक लगाई, जो अब तक बरकरार है।

मौसम भी बना बाधा, हेलीपैड पर पसरा सन्नाटा

हादसे के बाद से लगातार छह दिनों तक कोई भी हेलिकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका। इस दौरान:

  • 5400 से अधिक यात्रियों के टिकट रद्द कर दिए गए।
  • केदारनाथ और केदारघाटी के विभिन्न हेलिपैडों पर सन्नाटा पसरा रहा।
  • अब मानसून की सक्रियता के चलते हेलिकॉप्टर उड़ानों के लिए अनुकूल मौसम नहीं है।

22 जून से कंपनियां केदारघाटी से हटेंगी

बढ़ते जोखिम को देखते हुए निर्णय लिया गया है कि:

22 जून (रविवार) से सभी हेली ऑपरेटर्स केदारघाटी से हटेंगे।

हालांकि, यदि मौसम में सुधार होता है और नियमों के अनुरूप अनुमति मिलती है, तो भविष्य में पुनः सेवाएं शुरू हो सकती हैं

निष्कर्ष: यात्रियों के लिए क्या मायने रखता है?

  • जिन यात्रियों ने हेलिकॉप्टर टिकट बुक कर रखे थे, उनके रिफंड की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
  • श्रद्धालुओं को सलाह दी जा रही है कि वे स्थल मार्ग से यात्रा की योजना बनाएं और मौसम अपडेट पर निगरानी रखें।
  • प्रशासन ने सड़क मार्ग और पैदल यात्रा मार्ग पर व्यवस्थाएं और सुरक्षा बढ़ा दी हैं।

उत्तराखंड में 11वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस: भव्य आयोजन और नई ‘योग नीति’ का शुभारंभ

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उत्तराखंड में 11वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस: भव्य आयोजन और नई ‘योग नीति’ का शुभारंभ

देहरादून/भराड़ीसैण | 21 जून 2025 उत्तराखंड ने 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को उत्साह, गरिमा और सांस्कृतिक गौरव के साथ पूरे प्रदेश में मनाया। हिमालय की गोद में बसे इस आध्यात्मिक राज्य के हर कोने में योग की दिव्यता और एकात्मता का अनुभव हुआ — फिर चाहे वो भराड़ीसैण की ठंडी हवाएं हों या केदारनाथ की पवित्र भूमि

मुख्यमंत्री धामी ने भराड़ीसैण में किया योग, जारी की ‘उत्तराखंड योग नीति’

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कर्णप्रयाग के भराड़ीसैण में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जहाँ उन्होंने 800 से अधिक लोगों के साथ सामूहिक योग किया।
इस आयोजन में उन्होंने राज्य की नई योग नीति का अनावरण किया — जो उत्तराखंड को योग और आयुष के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायक अनिल नौटियाल, योग गुरु पद्मश्री स्वामी भारत भूषण, और अनेक देशों के राजनयिक उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने स्कूली बच्चों के साथ बातचीत कर योग के प्रति उनके उत्साह की सराहना की।

राष्ट्रपति मुर्मू ने देहरादून में किया सामूहिक योग

राजधानी देहरादून पुलिस लाइन में आयोजित योग सत्र में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की विशेष उपस्थिति ने आयोजन को अभूतपूर्व गरिमा प्रदान की। उनके साथ राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) गुरमीत सिंह और कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने भी योगाभ्यास किया।

इस आयोजन में सैकड़ों प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिसमें पुलिस, एनसीसी कैडेट्स, छात्र-छात्राएं और आमजन शामिल रहे।
राष्ट्रपति की मौजूदगी में देहरादून में योग का यह आयोजन प्रेरणादायक और उत्साहवर्धक रहा।

मुख्यमंत्री ने क्या कहा?

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया के माध्यम से संदेश दिया:

“योग भारत की गौरवशाली परंपरा का अमूल्य उपहार है, जो न केवल शरीर को सुदृढ़ करता है बल्कि मन को भी संतुलित करता है। उत्तराखंड की धरती सदियों से योग और अध्यात्म की साधना भूमि रही है, अब इसे हम वैश्विक योग हब बनाएंगे।”

उत्तराखंड: योग और अध्यात्म की अंतरराष्ट्रीय पहचान

उत्तराखंड की सरकार ने हाल के वर्षों में योग, आयुष और वेलनेस टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए कई नीतिगत कदम उठाए हैं। योग नीति-2025 के माध्यम से सरकार का लक्ष्य है:

  • योग प्रशिक्षकों को प्रोत्साहन
  • अंतरराष्ट्रीय योग केंद्रों की स्थापना
  • स्कूल-कॉलेजों में योग को अनिवार्य बनाना
  • ग्रामीण क्षेत्रों में योग सत्रों का नियमित आयोजन
  • योग आधारित रोजगार और पर्यटन का विस्तार

निष्कर्ष:
11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर उत्तराखंड ने एक बार फिर साबित किया कि वह योग, अध्यात्म और भारतीय संस्कृति का सच्चा प्रतिनिधि है। राष्ट्रपति की उपस्थिति, मुख्यमंत्री की पहल और जनसामान्य की सहभागिता ने इस आयोजन को एक ऐतिहासिक उपलब्धि बना दिया।

भराड़ीसैंण (गैरसैंण): अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या पर सांस्कृतिक और आध्यात्मिक सौहार्द का अनुपम संगम

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भराड़ीसैंण (गैरसैंण): अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या पर सांस्कृतिक और आध्यात्मिक सौहार्द का अनुपम संगम

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2025 की पूर्व संध्या पर भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में एक भव्य और ऐतिहासिक आयोजन हुआ, जिसमें विभिन्न देशों के राजदूतों, उच्चायुक्तों और सुप्रसिद्ध योगाचार्य पद्मश्री स्वामी भारत भूषण जी ने भाग लिया। इस अवसर पर सभी अतिथियों को उत्तराखंडी टोपी और प्रतीक चिन्ह भेंट कर परंपरागत सम्मान के साथ देवभूमि उत्तराखंड में स्वागत किया गया।

सांस्कृतिक विरासत का अद्भुत प्रदर्शन

कार्यक्रम की विशेषता रही उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति का जीवंत प्रदर्शन।

  • नंदा देवी राजजात यात्रा की झलक,
  • झोड़ा-छपेली और नाटी जैसे पारंपरिक लोकनृत्य,
    इन प्रस्तुतियों ने देश-विदेश से आए अतिथियों को उत्तराखंड की सांस्कृतिक गहराई से अवगत कराया।

राजदूतों व उच्चायुक्तों ने उत्तराखंड की सांस्कृतिक विविधता, अध्यात्म, पारंपरिक जीवनशैली और योग परंपरा की सराहना की। यह आयोजन उत्तराखंड की सांस्कृतिक कूटनीति का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा है।

योग की वैश्विक राजधानी बनने की ओर

कार्यक्रम में यह भी रेखांकित किया गया कि कैसे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रयासों से वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में 177 देशों ने योग दिवस को मान्यता दी। उत्तराखंड, जो न केवल योग की पौराणिक भूमि है बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा और प्राकृतिक शुद्धता से भरपूर है, को योग की वैश्विक राजधानी के रूप में विकसित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार का यह स्पष्ट उद्देश्य है कि उत्तराखंड को आयुष और योग का वैश्विक केंद्र बनाया जाए — ताकि विश्व भर के साधक यहां आकर मानसिक और शारीरिक शांति प्राप्त कर सकें।

उत्तरकाशी में दर्दनाक हादसा: दीवार गिरने से एक ही परिवार के चार लोगों की मौत

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उत्तरकाशी में दर्दनाक हादसा: दीवार गिरने से एक ही परिवार के चार लोगों की मौत

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के राजस्व ग्राम ओडाटा स्थित मोरा तोक गुजर बस्ती में शुक्रवार देर रात एक हृदयविदारक हादसा हुआ। देर रात करीब दो बजे गुलाम हुसैन के घर की दीवार अचानक गिर गई, जिससे पूरा परिवार मलबे में दब गया।

हादसे में गुलाम हुसैन (26), उनकी पत्नी रुकमा खातून (23), तीन वर्षीय बेटा आबिद और 10 माह की बेटी सलमा की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही राजस्व विभाग, एसडीआरएफ और पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया।

यह हादसा भारी बारिश और जर्जर दीवार की वजह से होने की आशंका जताई जा रही है। मृतकों के शव मलबे से निकाल लिए गए हैं और पोस्टमार्टम की कार्रवाई जारी है।

प्रशासन ने परिवार की मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया है और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने व सहायता सुनिश्चित करने की बात कही है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने देहरादून में NIEPVD छात्रों से की संवाद-सभा जन्मदिवस पर गाना सुनकर भावुक हुई

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने देहरादून में NIEPVD छात्रों से की संवाद-सभा राष्ट्र्रीय दृष्टिहीन सशक्तिकरण संस्थान (NIEPVD) बच्चो ने जन्मदिवस पर गाना सुनकर भावुक हुई
देहरादून: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के जन्मदिवस पर बच्चो ने उनके जन्मदिवस पर गए गीत सुनकर भावुक हो गई राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने देहरादून के राष्ट्र्रीय दृष्टिहीन सशक्तिकरण संस्थान (NIEPVD) में विशेष संवाद किया, जिसमें संस्थान के दृष्टिहीन और विशेष आवश्यकता वाले छात्र‑छात्राओं ने भाग लिया।

इस शैक्षिक संवाद का उद्देश्य था छात्रों की शैक्षणिक, सामाजिक और तकनीकि चुनौतियों को समझना और उन्हें प्रेरित करना। छात्रों ने बातचीत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सॉफ्टवेयर आधारित शिक्षा, स्वरोजगार, और शैक्षिक सुविधाओं सहित कई महत्वपूर्ण विषय उठाए।

राष्ट्रपति मुर्मु ने छात्रों को सशक्त बनाने और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए अतिरिक्त कदम उठाने का आश्वासन दिया। उन्होंने संस्थान की तकनीक‑आधारित योजनाओं, समावेशी शिक्षा और कैरियर तैयारियों की सराहना की, और भविष्य में ऐसी पहलों में और सहयोग देने का भरोसा व्यक्त किया।

इन ज़िलों के बदले डीएम 24 पीसीएस अफसरों का तबादला

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उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार ने पंचायत चुनाव से पहले प्रशासनिक तंत्र को सुदृढ़ करने के मकसद से एक बड़ा फेरबदल किया है। इसमें प्रमुख रूप से तीन जिलों—पौड़ी, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारियों के साथ लगभग 24 पीसीएस अफसरों का स्थानांतरण शामिल है।

प्रमुख फेरबदल:

  • जिलाधिकारियों (DMs):
    • पौड़ी, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग के DMs को नई जिम्मेदारियाँ सौंपी गईं। उत्तरकाशी ज़िले के नए डीएम प्रशांत आर्य,पौड़ी स्वाति भदौरिया,प्रतीक जैन को रुद्रप्रयाग का जिलाधिकारी बनाया गया है. मनीष कुमार को चंपावत की जिम्मेदारी दी गई है.
  • PCS अधिकारियों के तबादले:
    • करीब 23–24 PCS अधिकारी स्थानांतरित किए गए, जिनमें कई जिलों के एडीएम और डिप्टी कलेक्टर शामिल हैं। उदाहरण के तौर पर:
      • शिव कुमार बरनवाल को पिथौरगढ़ से बाल संरक्षण आयोग, देहरादून तैनात किया गया।
      • कृष्ण कुमार मिश्रा देहरादून में एडीएम बनाए गए।
      • प्यारे लाल शाह को उत्तरकाशी का एडीएम नियुक्त किया गया।
      • अनिल गर्ब्याल पौड़ी में एडीएम बनाए गए।
      • सौरभ असवाल को हरिद्वार में डिप्टी कलेक्टर नियुक्त किया गया।

चुनावी प्रक्रिया के पहले प्रशासनिक नियंत्रण को सुदृढ़ करने के लिए यह फेरबदल आवश्यक माना जा रहा है।

  • नई तैनातियों के साथ जिम्मेदारियों और जवाबदेही का संतुलन बनाए रखने की रणनीति अपनाई गई है।

उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारी तेज, 21 जून को जारी हो सकती है अधिसूचना

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उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारी तेज, 21 जून को जारी होगी अधिसूचना

देहरादून: उत्तराखंड में हरिद्वार जिले को छोड़कर बाकी 12 जिलों में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। पंचायती राज निदेशालय ने आज पंचायतों का अंतिम आरक्षण प्रस्ताव तैयार कर इसे उत्तराखंड शासन और राज्य निर्वाचन आयोग को सौंप दिया है। अब शासन की ओर से 21 जून को चुनाव संबंधित अधिसूचना जारी की जाएगी, जिसके साथ ही प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी।

दो चरणों में हो सकते हैं चुनाव, मतदान संभावित रूप से 15 और 17 जुलाई को

सूत्रों के अनुसार, त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव दो चरणों में आयोजित किए जाएंगे। मतदान की संभावित तिथियाँ 15 और 17 जुलाई तय की गई हैं। संपूर्ण चुनावी प्रक्रिया 28 से 30 दिनों के भीतर पूर्ण कर ली जाएगी, यानी कि 20 जुलाई तक चुनाव संपन्न हो सकते हैं।

आरक्षण की विस्तृत व्यवस्था

ग्राम पंचायत प्रधान के 7817 पदों में से:

  • एसटी के लिए: 226 पद
  • एससी के लिए: 1467 पद
  • ओबीसी के लिए: 1250 पद
  • अनारक्षित पद: शेष पद

इसके अलावा, 50% से अधिक सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं।

ब्लॉक पंचायत प्रमुख के 89 पदों में से:

  • एसटी के लिए: 3 पद
  • एससी के लिए: 18 पद
  • ओबीसी के लिए: 15 पद

जिला पंचायत अध्यक्ष के 12 पदों में:

  • एसटी के लिए: 0 पद
  • एससी के लिए: 2 पद
  • ओबीसी के लिए: 2 पद
  • अनारक्षित: 9 पद
  • महिलाओं के लिए आरक्षण: 50% से अधिक

यह पहली बार है जब ट्रिपल टेस्ट फार्मूले के आधार पर आरक्षण रोस्टर तय कर चुनाव कराए जा रहे हैं। सभी 13 जिलों में प्रथम चक्र के तहत आरक्षण लागू किया गया है।

शासन-प्रशासन पूरी तरह तैयार

पंचायती राज सचिव चंद्रेश यादव ने बताया कि सभी जिलाधिकारियों की ओर से आरक्षण प्रस्तावों का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है और यह अब राज्य निर्वाचन आयोग व शासन को सौंपा जा चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव अधिसूचना बहुत जल्द जारी होगी।

29 जुलाई को मनाई जाएगी नाग पंचमी, शिव और नाग देवता की पूजा से मिलेगा विशेष फल

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29 जुलाई को मनाई जाएगी नाग पंचमी, शिव और नाग देवता की पूजा से मिलेगा विशेष फल

देहरादून: श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाने वाला पावन पर्व नाग पंचमी इस वर्ष मंगलवार, 29 जुलाई 2025 को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाएगा। इस दिन भगवान शिव और नाग देवताओं की विधिवत पूजा का विशेष महत्व है।

नाग पंचमी का धार्मिक महत्व

पुराणों के अनुसार नाग पंचमी के दिन सांपों की पूजा कर उन्हें दूध, फूल, चंदन और अक्षत अर्पित किए जाते हैं। यह परंपरा धर्म, करुणा और प्रकृति के संतुलन का प्रतीक मानी जाती है। साथ ही, इस दिन देवाधिदेव महादेव की आराधना करने से भक्तों को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।

कालसर्प दोष निवारण का उत्तम अवसर

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में कालसर्प दोष है, तो नाग पंचमी का दिन उस दोष को शमन करने के लिए अत्यंत प्रभावशाली माना गया है।
इस दिन विशेष पूजन, मंत्र जाप और उपाय करके इस दोष के नकारात्मक प्रभाव को कम किया जा सकता है। कहा जाता है कि इस दिन नागों को दूध पिलाने और शिवलिंग पर जल चढ़ाने से संपत्ति, संतान और करियर संबंधी बाधाएं दूर होती हैं