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देहरादून में अधिवक्ताओं का प्रदर्शन, 2 घंटे सड़क को रखा जाम, चैंबर निर्माण की मांग पर बुलंद की आवाज

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देहरादून में अधिवक्ताओं ने सड़क जाम कर सरकार से चैंबर निर्माण की मांग की. उन्होंने कहा कि बुधवार को प्रदर्शन बड़ा रूप लेगा.

देहरादून: शहर के पुरानी जिला अदालत की खाली जमीन पर चैंबर निर्माण की मांग को लेकर अधिवक्ताओं ने सड़क पर 2 घंटे का सांकेतिक जाम रखा. अधिवक्ताओं ने सरकार को आने वाले समय में प्रदर्शन को और तेज किए जाने की चेतावनी भी दी है.

मंगलवार को देहरादून के अधिवक्ताओं ने जिला जज न्यायालय परिसर में रैन बसेरा बनाए जाने का विरोध किया. बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों का क्या कहना है कि न्यायालय परिसर में वकीलों और अन्य कर्मचारियों की संख्या बहुत अधिक है. जिस कारण उन्हें आमंत्रित की गई भूमि कम पड़ रही है.

बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनमोहन कंडवाल ने बातचीत करते हुए जिला जज न्यायालय परिसर में हरिद्वार रोड स्थित सिविल कंपाउंड पर स्वास्थ्य विभाग की तरफ से प्रस्तावित रैन बसेरा बनाए जाने का विरोध करते हुए कहा कि अधिवक्ता अपनी मांगों को लेकर बुधवार को चरणबद्ध तरीके से आंदोलन करने जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों की सरकारें वकीलों के चैंबर बनाकर देती है, क्योंकि न्यायपालिका और अधिवक्ता एक ही गाड़ी के दो पहिए हैं.

उन्होंने कहा कि देहरादून में 5 हजार अधिवक्ता, पांच हजार टाइपिस्ट और वेंडरों के अलावा कई वादकारियों का कोर्ट आना जाना लगा रहता है. लेकिन उनके लिए परिसर में पर्याप्त जगह तक नहीं है. जिस कारण उन्हें आवंटित भूमि कम पड़ रही है. उन्होंने मांग उठाई कि उन्हें चैंबर निर्माण के लिए अतिरिक्त भूमि आवंटित की जाए. उन्होंने कहा कि जिला जज न्यायालय परिसर में सिविल कंपाउंड हरिद्वार रोड की जमीन भी अधिवक्ताओं को चैंबर निर्माण के लिए मिलनी चाहिए.

मनमोहन कंडवाल ने कहा कि उत्तराखंड आंदोलन से लेकर स्वतंत्रता आंदोलन तक अधिवक्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. यहां के वकीलों ने उत्तराखंड आंदोलनकारियों की निशुल्क पैरवी की है. यहां के अधिवक्ताओं ने उत्तराखंड आंदोलन के समय उत्तर प्रदेश में बंद रहे आंदोलनकारियों को लाने के लिए निशुल्क बसों की व्यवस्था भी की थी. लेकिन सरकार हमारी मांग को अनसुना कर रही है.

बता दें कि सोमवार से अधिवक्ता देहरादून की सड़कों पर सांकेतिक जाम कर प्रदर्शन कर रहे हैं. सोमवार को अधिवक्ताओं ने सुबह 10:30 बजे से 11:30 बजे तक (एक घंटा) का सांकेतिक जाम रखा. जबकि मंगलवार को सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक (2 घंटे) का सांकेतिक जाम किया. अब अधिवक्ताओं ने धीर-धीरे चरणबद्ध तरीके से अपने आंदोलन को बढ़ाने की चेतावनी दी है.

Dharmendra के निधन की खबर निकली झूठी, बेटी एशा देओल ने बताया पिता का ताजा हेल्थ अपडेट

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बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र इन दिनों चर्चा में बने हुए हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर उनके निधन की झूठी खबर तेजी से वायरल हुई, जिसके बाद फैन्स के बीच अफरा-तफरी मच गई। धर्मेंद्र मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती हैं, और उनकी तबीयत को लेकर कई तरह की अफवाहें फैलने लगीं। अब उनकी बेटी और अभिनेत्री एशा देओल ने इन खबरों पर प्रतिक्रिया दी है और पिता की सेहत को लेकर महत्वपूर्ण अपडेट साझा किया है।

बेटी ने क्या कहा

एशा ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए बताया कि उनके पिता बिल्कुल जीवित और स्वस्थ हैं। उन्होंने धर्मेंद्र की मौत से जुड़ी खबरों को साफ तौर पर अफवाह बताया और लोगों से ऐसी झूठी खबरों पर ध्यान न देने की अपील की।

Disclaimer: पूर्व में धर्मेंद्र के निधन से जुड़ी खबर में तथ्यात्मक त्रुटि हुई थी, जिसे सुधार लिया गया है। इस गलती के लिए हमें खेद है। हम हमेशा तथ्यों की सटीकता और सत्यता के लिए प्रतिबद्ध है और अपने पाठकों तक पुष्ट और प्रमाणिक जानकारी पहुंचाने के लिए सदैव तत्पर रहता है।

केन्द्रीय मंत्री जितिन प्रसाद से मिले महाराज

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साइबर क्राइम और साइबर कानून पर हुई चर्चा

देहरादून/नई दिल्ली। प्रदेश पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, पंचायती राज, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद से उनके आवास पर शिष्टाचार भेंट कर उनसे साइबर क्राइम और साइबर कानून पर चर्चा की।

प्रदेश पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, पंचायती राज, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने सोमवार को केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद से उनके नई दिल्ली आवास पर शिष्टाचार भेंट कर उनसे साइबर क्राइम और साइबर कानून पर चर्चा की। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री से हुई चर्चा के दौरान कहा कि आज के डिजिटल युग में साइबर अपराध एक बड़ी चुनौती बन गया है। साइबर अपराधियों के द्वारा कंप्यूटर, नेटवर्क और इंटरनेट के माध्यम से हैकिंग, फिशिंग, मैलवेयर, साइबर स्टॉकिंग और ऑनलाइन धोखाधड़ी जैसे अपराध निरन्तर बढ़ते जा रहे हैं। साइबर कानून वे नियम और विनियम हैं जो साइबर अपराधों को रोकने और उनके लिए दंड देने के लिए बनाए गए हैं। हमें साइबर अपराधों से बचाव के तरीके अपनाने होंगे और साइबर सुरक्षा जागरूकता बढ़ानी होगी।

श्री महाराज ने केन्द्रीय राज्यमंत्री मंत्री से कहा कि साइबर अपराधों के लिए कड़े दंड का प्रावधान होना चाहिए।
इनकी रोकथाम के लिए अभियान चलाने चाहिएं, साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण देना चाहिए ताकि लोग साइबर अपराधों से बचाव के तरीके सीख सकें। साइबर अपराधों के लिए विशेष अदालतें स्थापित करनी चाहिए ताकि मामलों का तेजी से निपटारा हो सके।

CM धामी ने जनता मिलन कार्यक्रम में सुनी जन समस्याएं: अधिकारियों को फीडबैक के साथ ही त्वरित कार्रवाई के दिए निर्देश

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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनसंवाद कार्यक्रम के तहत मंगलवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए लोगों की समस्याएं और शिकायतें सुनीं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता से प्राप्त शिकायतों एवं मांगों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के साथ ही नियमित फीडबैक भी लिया जाए। उन्होंने कहा कि इस अवसर को हमें प्रशासन को जनता के और करीब ले जाने के रूप में इस्तेमाल करना होगा।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य जन समस्याओं का समयबद्ध और संतोषजनक निस्तारण करना है। इसके लिए प्रत्येक विभाग को जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करते हुए जन अपेक्षाओं के अनुरूप सक्रिय और संवेदनशील व्यवहार अपनाना होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जन समस्याओं का त्वरित निस्तारण किया जाए और शिकायत निवारण की प्रक्रिया को और अधिक सरल, पारदर्शी व तकनीकी माध्यमों से सुलभ बनाया जाए।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य की रजत जयंती वर्ष जनभागीदारी और संवाद का अवसर है। इस दौरान जनता से प्राप्त सुझावों और मांगों को नीति निर्माण प्रक्रिया का हिस्सा बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि राज्य के हर नागरिक को विकास योजनाओं का सीधा लाभ जनता को जल्दी मिले। उन्होंने जनता से भी राज्यहित में रचनात्मक सुझाव देने और जनसेवा के प्रयासों में सहभागी बनने का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्रत्येक नीति और निर्णय का मूल उद्देश्य जनता का हित और प्रदेश का समग्र विकास है।

मसूरी में संदिग्ध परिस्थितियों में युवक की मौत, पड़ताल में जुटी पुलिस

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मसूरी में संदिग्ध परिस्थितियों में युवक मृत मिला, जिसके बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है.

मसूरी: पहाड़ों की रानी मसूरी में एक 36 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से क्षेत्र में सनसनी फैल गई. बताया जा रहा है कि युवक पिछले दो दिनों से अपने कमरे से बाहर नहीं निकला था. जब आसपास के लोगों को शक हुआ और कमरे का दरवाजा खोला गया, तो अंदर का नजारा देखकर सबके होश उड़ गए. युवक बिस्तर पर मृत पड़ा था. जिसके बाद स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी. सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. फिलहाल पुलिस घटना की जांच कर रही है. बताया जा रहा है कि युवक यूपी मुजफ्फरनगर का रहने वाला था और यहां किराए पर रह रहा था.

मसूरी में संदिग्ध परिस्थितियों में युवक मृत अवस्था में अपने बिस्तर पर पड़ा मिला. घटना मसूरी क्षेत्र के 12 कैंची क्षेत्र की बताई जा रही है, मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला है, जो यहां किराए पर रह रहा था. स्थानीय लोगों अनुसार, युवक रोजमर्रा के काम से अपना गुजर-बसर कर रहा था. बीते दो दिनों से जब युवक अपने कमरे से बाहर नहीं निकला, तो मकान मालिक और पड़ोसियों को चिंता हुई. जब उन्होंने कमरे को खोला, तो अंदर युवक मृत अवस्था में बिस्तर पर पड़ा मिला. जिसके बाद आनन-फानन में लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी.

सूचना पर मौके पर पहुंची मसूरी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उप जिला चिकित्सालय भेजा, जहां डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम की कार्रवाई की. पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है. फिलहाल मौत के कारणों का स्पष्ट रूप से पता नहीं चल पाया है. मसूरी कोतवाल देवेन्द्र चौहान ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा. कमरे को सील कर दिया गया है और फॉरेंसिक टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया है.

उधर, पुलिस मृतक के परिजनों से संपर्क कर रही है, ताकि उनके बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सके. स्थानीय लोगों में इस घटना के बाद तरह-तरह की चर्चाएं हैं. वहीं पुलिस घटना की हर एंगल से जांच कर रही है.

उपनल कर्मियों की हड़ताल से दून अस्पताल में चरमराई व्यवस्थाएं, OPD के बाद इमरजेंसी में भी लगी लंबी लाइन

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देहरादून: दून अस्पताल में मरीजों की भीड़ ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की कलई खोलकर रख दी. केवल ओपीडी में ही नहीं बल्कि इमरजेंसी में भी लोगों की लंबी-लंबी लाइन देखने को मिली. दून अस्पताल में बिलिंग काउंटर का चार्ज संभाल ही रचना भंडारी ने बताया कि सोमवार को 1776 लोगों का ओपीडी कार्ड बना था जो हर दिन के औसत के अनुसार सामान्य संख्या है, लेकिन कार्ड बनाने और बिलिंग की रफ्तार धीमी होने की वजह से भीड़ ज्यादा लगी.

वहीं दून अस्पताल के मेडिकल सुपरीटेंडेंट आरएस बिष्ट ने बताया कि छुट्टी के बाद अस्पताल खुलता है तो इस तरह के हालात सामान्य सी बात है. उन्होंने कहा कि बीते कुछ दिनों में मौसम में बदलाव हुआ है और लोगों में जुखाम, बुखार के सिम्टम्स अचानक से तेजी से बढ़ें हैं. जिस कारण हॉस्पिटल में लोगों की भीड़ उमड़ी है.

दरअसल, हर सप्ताह के पहले सोमवार के दिन सामान्य तौर पर छुट्टी के बाद दून अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ती है. छुट्टी के बाद जैसे ही दून अस्पताल में ओपीडी खुली तो लोगों की भीड़ आनी शुरू हो गई. दून अस्पताल के तकरीबन 300 ऐसे कर्मचारी हैं जो उपनल के माध्यम से अपनी सेवाएं दे रहे हैं और वो हड़ताल पर थे. दून अस्पताल में पिछले 15 सालों से उपनल सेवाओं से कार्यरत मीना रौंतेला ने बताया कि दून अस्पताल में तकरीबन 300 से 400 लोग उपनल के माध्यम से कार्यरत हैं जो कि हड़ताल पर हैं. उन्होंने कहा कि यदि इतने सारे कर्मचारी एक साथ हड़ताल पर चले जाएं और तो अस्पताल की व्यवस्थाओं का चरमराना लाजिमी है.

दून अस्पताल में तैनात महिला गाइनेकोलॉजिस्ट सरस्वती कांडपाल ने बताया कि दूर अस्पताल ऑप्शनल कर्मचारियों के कंधे पर टिका है और आज यह सारे लोग हड़ताल पर हैं. इसी तरह से सफाई कर्मचारी के रूप में कार्यरत हरिओम ने बताया कि दून अस्पताल में 110 सफाई कर्मचारी उपनाल के माध्यम से लगे हैं जो कि हड़ताल पर हैं, जिससे व्यवस्थाएं बन नहीं पा रही हैं.

उत्तराखंड उपनल महासंघ के प्रदेश मीडिया प्रभारी प्रदीप चौहान ने बताया कि इस प्रदेश को उपनल कर्मचारी चला रहे हैं. उन्होंने बताया कि हर विभाग में 20 से 30 कर्मचारी उपनल से हैं तो कई जगहों पर सैकड़ों की संख्या में उपनल कर्मचारी हैं. उन्होंने बताया कि उत्तराखंड सरकार के कई ऐसे विभाग भी हैं, जहां पर सरकारी कर्मचारी कम और उपनल कर्मचारी ज्यादा हैं. उन्होंने कहा कि यह राज्य के लिए दुखद बात है कि सरकार रजत जयंती मना रही है और मांगों को लेकर उपनल कर्मचारी सड़कों पर हैं.

गोपेश्वर में भीषण सड़क हादसा, पिकअप से टकराई बाइक, दो किशोरों की मौत, 2 घायल

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ब्रह्मसैन बस अड्डे के नजदीक एक मोटरसाइकिल सड़क किनारे खड़े पिकअप वाहन से टकराकर हादसे का शिकार हुई

चमोली: जिला मुख्यालय गोपेश्वर क्षेत्र से बीती रात एक दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है. जानकारी के अनुसार, देर रात थाना गोपेश्वर को जिला चिकित्सालय से सूचना प्राप्त हुई कि बस अड्डा ब्रह्मसैन के पास एक मोटरसाइकिल सड़क किनारे खड़ी पिकअप वाहन से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई.

सड़क किनारे खड़े पिकअप से टकराई मोटर साइकिल: सूचना मिलते ही थाना गोपेश्वर पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची. स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से मोटरसाइकिल सवार चारों घायलों को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय गोपेश्वर पहुंचाया गया.

गोपेश्वर सड़क हादसे में 2 किशोरों की मौत: डॉक्टरों ने उपचार के दौरान दो बच्चों उज्जवल (11 वर्ष) पुत्र महिपाल निवासी ब्रह्मसैन तथा समीर (14 वर्ष) पुत्र कलीराम निवासी ब्रह्मसैन को मृत घोषित कर दिया. वहीं सागर पुत्र संदीप और अमन पुत्र सूर्य भारती, दोनों निवासी ब्रह्मसैन, गंभीर रूप से घायल हैं. उनका उपचार जिला चिकित्सालय गोपेश्वर में चल रहा है.

पुलिस कर रही हादसे की जांच: पुलिस द्वारा तत्काल अस्पताल पहुंचकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई. दोनों मृतकों के शवों को मॉर्चरी में सुरक्षित रखा गया है, जबकि दुर्घटना से जुड़े तथ्यों की विस्तृत जांच की जा रही है.

हादसे से क्षेत्र में शोक की लहर: इस हृदय विदारक हादसे से पूरे ब्रह्मसैन क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क किनारे वाहन खड़े करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और रात्रिकालीन यातायात पर सख्त निगरानी रखी जाए, ताकि ऐसी दुर्घटनाएं दोबारा न हों.

दिल्ली ब्लास्ट : संदिग्ध की तस्वीर आई सामने, पुलवामा से है संदिग्ध का नाता

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राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार शाम लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास खड़ी एक आई-20 कार में हुए भीषण विस्फोट में नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि 19 घायल हैं। घायलों को लोकनायक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक घायल को कश्मीरी गेट ट्रॉमा सेंटर में उपचार मिल रहा है। घटना में आसपास से गुजर रही छह गाड़ियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं, वहीं 20 से अधिक अन्य वाहन वैनलाइज्ड हुए।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि विस्फोट के समय कार में सिर्फ एक व्यक्ति था, जिसकी पहचान डॉ. उमर उ नबी के तौर पर की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक वह जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के कोइल क्षेत्र का रहने वाला था। पुलिस का मानना है कि उसने कथित तौर पर सुसाइड बम के रूप में धमाका अंजाम दिया।

सूत्रों के अनुसार, उमर उ नबी (जन्म–24 फरवरी 1989) पहले अल-फलाह मेडिकल कॉलेज, फरीदाबाद में कार्यरत था। बताया गया है कि वह श्रीनगर के सरकारी मेडिकल कॉलेज से एमडी (मेडिसिन) कर चुका था और जीएमसी अनंतनाग में सीनियर रेजिडेंट के तौर पर सेवाएं देने के बाद दिल्ली आ गया था।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि उमर ने दिल्ली में इस्तेमाल की गई HR26CE7674 नंबर की आई-20 कार लगभग 10 दिन पहले फरीदाबाद के एक व्यक्ति से खरीदी थी। वाहन दो बार पहले भी बेचा जा चुका था। अधिकारियों का मानना है कि मामले में फरीदाबाद और पुलवामा कनेक्शन की कड़ी मजबूत होती दिख रही है।

जांच में यह भी सामने आया है कि उमर कथित तौर पर डॉक्टर आदिल नामक व्यक्ति का करीबी था। दोनों एक एन्क्रिप्टेड टेलीग्राम चैनल से जुड़े कट्टरपंथी समूह से जुड़े होने की आशंका है। वरिष्ठ अधिकारी इस एंगल को भी खंगाल रहे हैं।

घटना के बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल, एनएसजी और केंद्रीय जांच एजेंसियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य संग्रह किए। पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा ने मौके का दौरा कर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को स्थिति की जानकारी दी। इसके बाद अमित शाह ने लोकनायक अस्पताल में घायलों से मुलाकात कर उपचार व्यवस्था का जायजा लिया और फिर घटनास्थल का निरीक्षण किया।

फिलहाल दिल्ली पुलिस सभी संभावित मॉड्यूल, वित्तीय लेनदेन और डिजिटल कनेक्शन की जांच कर रही है।

आबकारी की लेडी इंस्पेक्टर से बच नहीं पाया शराब तस्कर, ब्लिंकिट के डिलीवरी बैग से बोतलों का जखीरा बरामद

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ऋषिकेश का अवैध शराब का व्यापारी ऑनलाइन डिलीवरी कंपनी ब्लिंकिट के बैग में शराब की तस्करी करता था

ऋषिकेश: तीर्थनगरी ऋषिकेश में अवैध शराब की तस्करी के लिए एक चौंकाने वाले नए तरीके का पर्दाफाश हुआ है. तस्कर अब पुलिस और आबकारी विभाग की आंखों में धूल झोंकने के लिए फेमस ऑनलाइन डिलीवरी कंपनियों के बैग का इस्तेमाल कर रहे हैं. हाल ही में आबकारी विभाग की टीम ने एक ऐसे ही मामले का खुलासा किया है, जिसने सबको हैरान कर दिया है.

ब्लिंकिट कंपनी के बैग में बेच रहा था अवैध शराब: बता दें कि आबकारी विभाग की इंस्पेक्टर प्रेरणा बिष्ट को चंद्रेश्वर नगर में अवैध शराब की बिक्री की सूचना मिली. जब टीम ने एक दुकान पर छापा मारा, तो उन्हें वहां ब्लिंकिट कंपनी का एक डिलीवरी बैग दिखाई दिया. टीम ने जांच की तो बैग के अंदर से एक पेटी से ज़्यादा अंग्रेजी शराब के क्वार्टर बरामद हुए.

ऑनलाइन डिलीवरी बैग से देता था पुलिस को झांसा: दुकान संचालक ने पूछताछ में अपना नाम अंकित कुमार बताया. आरोपी अंकित कुमार ने खुलासा किया कि वह पुलिस और आबकारी विभाग की कड़ी निगरानी से बचने के लिए इस हाई-प्रोफाइल तरीके का इस्तेमाल कर रहा था. ऑनलाइन डिलीवरी बैग का उपयोग करने के कारण वह आसानी से पुलिस और लोगों के बीच से गुज़र जाता था और किसी को शक नहीं होता था.

लेडी इंस्पेक्टर ने अवैध शराब व्यापारी को कर लिया अरेस्ट: आबकारी विभाग ने मुकदमा दर्ज करने के बाद अंकित कुमार को गिरफ्तार कर लिया है. इस घटना से यह साफ हो गया है कि अवैध शराब के कारोबारी अपनी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए नए-नए और चौंकाने वाले तरीके अपना रहे हैं.

ब्लिंकिट के बैग में भरी थी अवैध शराब: आबकारी इंस्पेक्टर ने बताया कि-

हमें अवैध रूप से बिक रही शराब की सूचना मिली थी. मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर हमने चंद्रेश्वर नगर में संदिग्ध दुकान पर छापा मारा. वहां पर ब्लिंकिट कंपनी का डिलीवरी बैग रखा था. जब बैग को खोलकर देखा गया तो उसके अंदर से भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब की बोतलें बरामद हुई हैं. आरोपी दुकानदार अंकित कुमार को अरेस्ट कर लिया गया है. शराब के अवैध व्यापारियों और तस्करों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी.
-प्रेरणा बिष्ट, इंस्पेक्टर, आबकारी विभाग-

लगातार हो रहा है विरोध: ऋषिकेश में blinkit का विरोध काफी समय से हो रहा है. ऋषिकेश नगर उद्योग व्यापार मण्डल अध्यक्ष ललित मोहन मिश्रा का कहना है कि इन दिनों ज्यादातर लोग ऑनलाइन खरीदारी करते हैं. ऐसे में कई लोग इसका नजायज फायदा उठाकर गलत कार्यों को अंजाम दे रहे हैं. उन्होंने आबकारी की इस कार्रवाई की जमकर सराहना की है.

रामनगर में ड्रग्स विभाग की छापेमारी, कई संचालक मेडिकल स्टोर बंद कर भागे, 2 को चेतावनी, 1 का लाइसेंस होगा रद्द

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औषधि निरीक्षक अर्चना ने कहा जो मेडिकल स्टोर स्वामी निरीक्षण के दौरान दुकानें बंद कर मौके से फरार हुए हैं, उनके यहां भी छापा पड़ेगा

रामनगर: औषधि सुरक्षा और दवा विक्रय नियमों के उल्लंघन पर नकेल कसते हुए ड्रग्स विभाग की टीम ने सोमवार को रामनगर क्षेत्र में अचानक छापा मार कार्रवाई की. विभाग की इस कार्रवाई से शहर के मेडिकल कारोबारियों में हड़कंप मच गया.

रामनगर में ड्रग्स विभाग की बड़ी कार्रवाई: जानकारी के अनुसार विभाग की टीम ने रामनगर के मोहल्ला गूलरघट्टी इलाके में कई मेडिकल स्टोर्स का निरीक्षण किया. जैसे ही ड्रग्स विभाग की छापेमारी की भनक आसपास के अन्य मेडिकल स्टोर स्वामियों को लगी, कई संचालकों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं और मौके से फरार हो गए.

मेडिकल स्टोर के लाइसेंस के निलंबन की संस्तुति: औषधि निरीक्षक अर्चना ने बताया कि-

आज की जांच में कुल तीन मेडिकल स्टोर्स का निरीक्षण किया गया. निरीक्षण के दौरान एक मेडिकल स्टोर पर गंभीर अनियमितताएं पाई गईं, जिसके चलते उस स्टोर के लाइसेंस निलंबन की संस्तुति विभाग को भेजी गई है. अन्य दो मेडिकल स्टोरों पर भी कुछ कमियां मिली हैं, जिनके लिए संचालकों को स्पष्टीकरण देने के निर्देश जारी किए गए हैं. विभाग इन स्टोर्स से लिखित जवाब प्राप्त करने के बाद आगे की कार्रवाई करेगा.
-अर्चना, औषधि निरीक्षक-

अवैध दवाओं की बिक्री पर छापा: औषधि निरीक्षक अर्चना ने यह भी स्पष्ट किया कि आज की कार्रवाई केवल शुरुआत है, जो मेडिकल स्टोर स्वामी निरीक्षण के दौरान दुकानें बंद कर मौके से फरार हुए हैं, उनके खिलाफ भी जल्द ही छापेमारी की जाएगी. उन्होंने कहा कि विभाग का अभियान आगे भी नियमित रूप से जारी रहेगा, ताकि मानकों के विपरीत दवाओं की बिक्री और अवैध दवा व्यापार पर रोक लगाई जा सके.

मेडिकल स्टोर स्वामियों से गाइडलाइन का पालन करने की अपील: औषधि निरीक्षक ने सभी मेडिकल स्टोर स्वामियों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे सरकार द्वारा निर्धारित गाइडलाइन का पालन करें. दवाओं की खरीद-बिक्री का उचित रिकॉर्ड रखें और प्रमाणित स्रोतों से ही दवाओं की आपूर्ति करें. अर्चना ने यह भी कहा कि यदि किसी भी स्टोर पर बिना वैध लाइसेंस के दवा बिक्री या प्रतिबंधित दवाओं की सप्लाई पाई जाती है, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

छापेमारी का आम लोगों ने किया स्वागत: ड्रग्स विभाग की इस त्वरित कार्रवाई से रामनगर क्षेत्र के मेडिकल कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है. वहीं आमजन ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि इससे नकली और अवैध दवाओं की बिक्री पर अंकुश लगेगा और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी.