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लोनिवि के अधिशासी व सहायक अभियंता निलंबित

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लोनिवि के अधिशासी और सहायक अभियंता सस्पेंड

सड़क की मरम्मत कार्यों में लापरवाही और गलत सूचना देने पर सरकार ने लोनिवि के रानीखेत डिवीजन के प्रभारी अधिशासी अभियंता बिजेंद्र सिंह मेहरा और सहायक अभियंता केके पांडेय को सस्पेंड कर दिया।

शुक्रवार को लोनिवि सचिव डॉ. पंकज पांडे ने इसके आदेश किए। दोनों अभियंताओं को अल्मोडा स्थित मुख्य अभियंता के क्षेत्रीय कार्यालय से अटैच कर दिया गया है। यह कार्रवाई प्रमुख अभियंता की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है। रिपोर्ट में दोनों अभियंताओं को लापरवाही का दोषी माना गया है।

सड़कों की मरम्मत में लापरवाही का आरोप प्रमुख अभियंता की जांच रिपोर्ट पर हुई कार्रवाई

यह है मामलाः अल्मोड़ा में कई सड़कों की मरम्मत होनी थी। दोनों अभियंताओं ने पैच रिपेयर प्लान को वास्तविक आवश्यकता के अनुसार अपडेट नहीं किया। प्रमुख अभियंता की जांच में दोनों अभियंताओं की लापरवाही पाई गई। जांच में दोनों को अधूरी और गलत सूचनाएं देने और कार्ययोजना को भी सही तरीके से संशोधित नहीं करने का दोषी पाया गया

1 दिसंबर से 3 मार्च तक 24 ट्रेनें रद्द, देखिए लिस्ट

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कोहरे की वजह से विज़िबिलिटी कम होने की संभावना को देखते हुए भारतीय रेलवे ने शुरू की तैयारी

देहरादून से चलने वाली कौन सी ट्रेनें रहेंगी रद्द, जान लीजिए

उत्तर भारत में ठंड अपना असर दिखाने लगी है। दिल्ली, यूपी, बिहार, झारखंड और पहाड़ी राज्यों में तापमान लगातार गिर रहा है। कोहरे की वजह से विज़िबिलिटी कम होने की संभावना को देखते हुए भारतीय रेल ने सर्दियों की विशेष तैयारी शुरू कर दी है। इसी क्रम में पूर्व मध्य रेलवे (ECR) ने 1 दिसंबर 2025 से 3 मार्च 2026 तक कुल 24 ट्रेनों को रद्द करने का फैसला लिया है।

रेलवे ने कहा है कि यह निर्णय यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि घना कोहरा ट्रेनों के संचालन को प्रभावित न करे। हर साल की तरह इस बार भी कोहरे वाले तीन महीनों में कई ट्रेनें अस्थायी तौर पर बंद की जा रही हैं।

रद्द की गई 24 ट्रेनों की पूरी सूची (1 दिसंबर 2025 से 3 मार्च 2026)

1. 14112 — प्रयागराज जंक्शन–मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस (1 Dec 2025–25 Feb 2026)

2. 14111 — मुजफ्फरपुर–प्रयागराज जंक्शन एक्सप्रेस (1 Dec 2025–25 Feb 2026)

3. 22198 — वीरांगना लक्ष्मीबाई (झांसी)–कोलकाता एक्सप्रेस (5 Dec 2025–27 Feb 2026)

4. 22197 — कोलकाता–वीरांगना लक्ष्मीबाई (झांसी) एक्सप्रेस (7 Dec 2025–1 Mar 2026)

5. 12327 — हावड़ा–देहरादून उपासना एक्सप्रेस (2 Dec 2025–27 Feb 2026) ⭐

6. 12328 — देहरादून–हावड़ा उपासना एक्सप्रेस (3 Dec 2025–28 Feb 2026) ⭐

7. 14003 — मालदा टाउन–नई दिल्ली एक्सप्रेस (6 Dec 2025–28 Feb 2026)

8. 14004 — नई दिल्ली–मालदा टाउन एक्सप्रेस (4 Dec 2025–26 Feb 2026)

9. 14523 — बरौनी–अम्बाला हरिहर एक्सप्रेस (4 Dec 2025–26 Feb 2026)

10. 14524 — अम्बाला–बरौनी हरिहर एक्सप्रेस (2 Dec 2025–24 Feb 2026)

11. 14617 — पूर्णिया कोर्ट–अमृतसर जनसेवा एक्सप्रेस (3 Dec 2025–2 Mar 2026)

12. 14618 — अमृतसर–पूर्णिया कोर्ट जनसेवा एक्सप्रेस (1 Dec 2025–28 Feb 2026)

13. 15903 — डिब्रूगढ़–चंडीगढ़ एक्सप्रेस (1 Dec 2025–27 Feb 2026)

14. 15904 — चंडीगढ़–डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस (3 Dec 2025–1 Mar 2026)

15. 15620 — कामाख्या–गया एक्सप्रेस (1 Dec 2025–23 Feb 2026)

16. 15619 — गया–कामाख्या एक्सप्रेस (2 Dec 2025–24 Feb 2026)

17. 15621 — कामाख्या–आनंद विहार एक्सप्रेस (4 Dec 2025–26 Feb 2026)

18. 15622 — आनंद विहार–कामाख्या एक्सप्रेस (5 Dec 2025–27 Feb 2026)

19. 12873 — हटिया–आनंद विहार एक्सप्रेस (1 Dec 2025–26 Feb 2026)

20. 12874 — आनंद विहार–हटिया एक्सप्रेस (2 Dec 2025–27 Feb 2026)

21. 22857 — संतरागाछी–आनंद विहार एक्सप्रेस (1 Dec 2025–2 Mar 2026)

22. 22858 — आनंद विहार–संतरागाछी एक्सप्रेस (2 Dec 2025–3 Mar 2026)

23. 18103 — टाटा–अमृतसर एक्सप्रेस (1 Dec 2025–25 Feb 2026)

24. 18104 — अमृतसर–टाटा एक्सप्रेस (3 Dec 2025–27 Feb 2026)

देहरादून से चलने वाली रद्द ट्रेनें — विशेष सूची

निम्न ट्रेनों का सीधा संबंध देहरादून से है, इसलिए उत्तराखंड के यात्रियों को खास ध्यान देना चाहिए:

1. 12328 — देहरादून–हावड़ा उपासना एक्सप्रेस

⏳ रद्द अवधि: 3 दिसंबर 2025 से 28 फरवरी 2026

2. 12327 — हावड़ा–देहरादून उपासना एक्सप्रेस

⏳ रद्द अवधि: 2 दिसंबर 2025 से 27 फरवरी 2026

देहरादून से पूर्वी भारत (कोलकाता–बंगाल–झारखंड) जाने वाले यात्रियों को यात्रा योजना में बदलाव करना पड़ेगा। उपासना एक्सप्रेस देहरादून की कुछ प्रमुख लंबी दूरी की ट्रेनों में से एक है, इसलिए यह रद्द रहना कई लोगों को प्रभावित कर सकता है।

यात्रियों के लिए रेलवे की सलाह

  • अगर आपकी यात्रा 1 दिसंबर 2025 से 3 मार्च 2026 के बीच है, तो अपनी ट्रेन की स्थिति जरूर जांचें।
  • रद्द ट्रेनों के लिए यात्री अन्य उपलब्ध विकल्पों की ओर रुख कर सकते हैं।
  • ई-टिकट का पूरा रिफंड अपने-आप खाते में वापस आ जाएगा।
  • PRS टिकट यात्रियों को काउंटर से रिफंड लेना होगा।

रेलवे ने साफ कहा है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और कोहरे के चलते हादसों से बचने के लिए यह एहतियाती कदम जरूरी है।

अवैध निर्माण या अवैध प्लॉटिंग नहीं की जाएगी किसी भी स्तर पर बर्दाश्त: बंशीधर तिवारी

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मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने राजधानी देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में तेजी से फैल रही अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माण गतिविधियों पर निर्णायक कार्रवाई शुरू कर दी है। गुरुवार को प्राधिकरण की टीमों ने कई स्थानों पर अभियान चलाकर अवैध निर्माणों पर सील लगाई, प्लॉटिंग स्थलों पर ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की और नियमों का उल्लंघन करने वालों को कड़ी चेतावनी दी। इस संयुक्त कार्रवाई को अब तक के सबसे बड़े ऑपरेशनों में से एक माना जा रहा है, जिसमें प्राधिकरण पूरी सख्ती के साथ मैदान में उतरा। यह अभियान राजधानी में तेजी से फैल रही अवैध प्लॉटिंग और निर्माण गतिविधियों पर निर्णायक प्रहार है। आने वाले दिनों में इसी प्रकार की सख्त कार्रवाइयाँ और तेज की जाएँगी।

पहली बड़ी कार्रवाई कैनाल रोड (विकासनगर) स्थित टाइम्स वर्ल्ड स्कूल के सामने की गई, जहां श्री गुरमीत सिंह, डॉ. अमित राणा एवं अन्य भू-स्वामियों द्वारा लगभग 08 बीघा क्षेत्र में बिना किसी स्वीकृत मानचित्र के अवैध प्लॉटिंग, सड़क निर्माण और भूखंडों की मार्किंग की जा रही थी। एमडीडीए की टीम मौके पर पहुंची और अवैध रूप से तैयार की गई सीमांकन रेखाओं और अस्थाई निर्माण को ध्वस्त करते हुए पूरे क्षेत्र को सील कर दिया। प्राधिकरण द्वारा संबंधित धाराओं के तहत कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए स्पष्ट कर दिया गया कि जब तक विधिसम्मत स्वीकृति नहीं मिलती, यहां किसी भी प्रकार की प्लॉटिंग या निर्माण गतिविधि नहीं चलेगी।

 

सेलाकुई के डांडापुरदृहसनपुर क्षेत्र में भी MDDA ने सख्त कार्रवाई की। यहां लगभग 100 बीघा भूमि पर बड़े पैमाने पर अवैध प्लॉटिंग की जा रही थी। टीम ने मौके पर मौजूद निर्माण सामग्री हटवाई, बनाया जा रहा सड़क मार्ग रुकवाया और अवैध सीमांकन को ध्वस्त कर दिया। प्राधिकरण का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर अवैध डेवलपमेंट आम नागरिकों के लिए भविष्य में गंभीर संकट पैदा करता है। इसलिए इस स्थान को “उच्च संवेदनशील श्रेणी” में रखते हुए कड़ी कार्रवाई की गई है।

ए.पी. टावर, मेन चकराता रोड, सेलाकुई में भी MDDA ने बड़ा कदम उठाया है। यहां स्वीकृत मानचित्र से विचलन कर पार्किंग क्षेत्र में दो अवैध दुकानों का निर्माण किया गया था, और चौथे तल पर टिनशेड बनाकर अवैध रेस्टोरेंट संचालित किया जा रहा था। प्राधिकरण ने मौके पर पहुंचकर दोनों दुकानों को सील कर दिया और अवैध रेस्टोरेंट संचालन को तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया। अधिकारियों के अनुसार व्यावसायिक भवनों में पार्किंग में छेड़छाड़ किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी, क्योंकि इससे ट्रैफिक प्रबंधन और सार्वजनिक सुरक्षा प्रभावित होती है।

रानीपोखरी क्षेत्र में श्री मनमोहन सिंह रावत द्वारा स्वीकृत मानचित्र से विचलन कर किए गए निर्माण के मामले में भी ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई है। प्राधिकरण ने पहले जारी किए गए कारण बताओ नोटिस को आगे बढ़ाते हुए अवैध हिस्सों को गिराने का निर्देश दिया। मौके पर पहुंचकर एमडीडीए की टीम ने अवैध निर्माण हटवाया और शेष निर्माण को रोक दिया।

 

MDDA के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने इस व्यापक कार्रवाई पर कहा कि प्राधिकरण जनहित में सख्त रुख अपनाए हुए है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि अवैध निर्माण, मानचित्र विचलन या अवैध प्लॉटिंग किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। तिवारी ने कहा देहरादून का योजनाबद्ध और सुरक्षित विकास हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान आगे भी चलाया जाएगा और जहां भी जरूरत होगी, सीलिंग व ध्वस्तीकरण दोनों किए जाएंगे।

सचिव मोहन सिंह बर्निया ने टिप्पणी करते हुए कहा कि नियमों का उल्लंघन कर बनाई गई कॉलोनियां भविष्य में नागरिकों के लिए बड़ी समस्याएं पैदा करती हैं। इसलिए ऐसे विकास कार्यों पर रोक और कार्यवाही अनिवार्य है। उन्होंने सभी डेवलपर्स व भू-स्वामियों को चेतावनी दी कि वे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही मानचित्र स्वीकृति प्राप्त करें, अन्यथा प्राधिकरण द्वारा कठोर कार्रवाई की जाएगी।

धामी सरकार ने वाहन स्वामियों को दी बड़ी राहत, फिटनेस फीस दरों पर लिया फैसला

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सीएम धामी ने कहा हमारी सरकार जनता के लिए संवेदनशील है. जिसे देखते हुये ये फैसला लिया गया है.

देहरादून: राज्य सरकार ने उत्तराखंड के वाहन स्वामियों को बड़ा राहत देते हुए 15 साल पुराने कमर्शियल वाहनों की फिटनेस फीस को यथावत रखने का निर्णय लिया है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर परिवहन विभाग ने फिटनेस फीस में वृद्धि को आगामी 21 नवंबर 2026 तक के लिए स्थगित कर दिया है. इस संबंध में परिवहन विभाग के सचिव बृजेश संत ने अधिसूचना जारी कर दी है.

परिवहन विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, राज्यपाल ने मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा-65 की उपधारा (2) के खण्ड (ज) के साथ पठित केन्द्रीय मोटरयान नियमावली, 1989 के नियम-81 के तहत प्राप्त प्रदत्त शक्तियों के अधीन भारत सरकार द्वारा नियम 11क के जरिए 15 साल से अधिक पुराने वाहनों के फिटनेस टेस्ट फीस की दरों में किये गये पुनरीक्षण को तत्काल प्रभाव से अगले एक साल यानि 21 नवम्बर, 2026 तक के लिये स्थगित कर दिया गया है. इस दौरान फिटनेस फीस की दरें भारत सरकार द्वारा किये गये उक्त पुनरीक्षण के पहले से चली आ रही प्रक्रिया जारी रहेंगी, लेकिन यह दरें आगामी एक साल के बाद भारत सरकार की ओर से किये पुनरीक्षण अनुसार ही देय होंगी.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा केंद्र सरकार ने हाल ही में 15 साल पुराने कमर्शियल वाहनों की फिटनेस फीस में 10 गुना तक की वृद्धि की गई थी. ऐसे में प्रदेश की जनभावनाओं को देखते हुए राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है कि उत्तराखंड के वाहन स्वामियों पर इसका तात्कालिक बोझ नहीं डाला जाएगा. सीएम ने कहा उत्तराखंड सरकार आमजन के हितों को सर्वोपरि रखते हुए ऐसे निर्णय ले रही है, जिनसे जनता पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े. उन्होंने कहा प्रदेश सरकार हमेशा जनता-जनार्दन की अपेक्षाओं के अनुरूप कार्य करती रहेगी.

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा हमारी सरकार का संकल्प जनता को राहत देना और जनहित में त्वरित निर्णय लेना है. हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा कमर्शियल वाहनों की फिटनेस फीस में की गई वृद्धि को देखते हुए हमने इसे उत्तराखंड में एक वर्ष के लिए स्थगित कर दिया है. इस अवधि में पूर्व निर्धारित फीस ही लागू रहेगी. हम नहीं चाहते कि प्रदेश के वाहन स्वामियों और परिवहन कारोबार से जुड़े लोगों पर अचानक अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़े. आने वाले समय में केंद्र सरकार द्वारा किये जाने वाले पुनरीक्षण के अनुसार ही राज्य में नई दरें लागू की जाएंगी.

सीएम धामी ने कहा हमारी सरकार जनता के लिए संवेदनशील है. गरीब, मध्यम वर्ग, टैक्सी व ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े हजारों लोगों का हित सुरक्षित रखना हमारी प्राथमिकता है. जनहित के निर्णयों में हम किसी भी प्रकार की देरी नहीं होने देंगे.

पौड़ी में जंगली जानवरों की दहशत, आक्रोशित ग्रामीणों ने जाम किया श्रीनगर कोटद्वार एनएच

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ग्रामीणों ने महिला पर हमला करने वाले गुलदार को तुरंत शूट करने की मांग की है.

पौड़ी: जिले में पिछले कुछ महीनों से जंगली जानवरों के हमलों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है. गुलदार के बढ़ते हमलों से ग्रामीण क्षेत्रों में दहशत का माहौल बना हुआ है. खिर्सू विकासखंड में घर के पास घात लगाए गुलदार ने एक महिला को मौत के घाट उतार दिया. जिसके बाद पूरे क्षेत्र में तनाव फैल गया. घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने श्रीनगर–कोटद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर विरोध किया.

महिला की मौत से आक्रोशित ग्रामीण शुक्रवार सुबह बड़ी संख्या में श्रीनगर कोटद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर इकट्ठा हो गए. लोग सड़क पर बैठ गए. विभागीय लापरवाही के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की. ग्रामीणों की प्रमुख मांगें थीं कि हमला करने वाले गुलदार को तुरंत शूट किया जाए. मृतक परिवार को उचित और त्वरित मुआवजा दिया जाए. क्षेत्र में वन विभाग की गश्त बढ़ाई जाए. गांव के आसपास ट्रैप कैमरे, पिंजरे और निगरानी तंत्र को मजबूत किया जाए. विरोध इतना तीव्र था कि करीब दो घंटे तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप रहा. बड़ी संख्या में वाहन दोनों ओर फंसे रहे. जिससे यात्रियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा. प्रदर्शन की सूचना मिलते ही मुख्य विकास अधिकारी पौड़ी मौके पर पहुंचे.

उन्होंने ग्रामीणों से वार्ता कर उन्हें शांत करने का प्रयास किया. सीडीओ ने भरोसा दिलाया कि ग्रामीणों की सभी मांगों को उच्च अधिकारियों तक तुरंत पहुंचाया जाएगा. क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे. घटना को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग की टीम को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं. सीडीओ के आश्वासन के बाद धीरे-धीरे ग्रामीण शांत हुए. जिसके बाद सड़क को यातायात के लिए खोला गया.

डीएफओ पौड़ी अभिमन्यु सिंह ने बताया महिला की मौत की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तुरंत स्थल पर पहुंची. मृतक परिवार को 1 लाख 80 हजार रुपये की अग्रिम मुआवजा राशि जारी की जा चुकी है. गांव के आसपास ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं. जिससे गुलदार की मूवमेंट का पता चल सके. गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा भी लगा दिया गया है. टीम लगातार क्षेत्र में कैंप कर रही है. गांव के आस-पास निगरानी बढ़ा दी गई है. उच्च अधिकारियों से गुलदार को शूट करने की अनुमति मांगी गई है. अनुमति मिलते ही शूटर को उसी समय मौके पर तैनात कर दिया जाएगा.

बता दें पौड़ी जनपद के खिर्सू विकासखंड के अंतर्गत आने वाले कोटी गांव में बीते गुरुवार की शाम एक हृदयविदारक घटना सामने आई. जिसने पूरे क्षेत्र को दहशत और गुस्से से भर दिया. गांव की 62 वर्षीय गिन्नी देवी पर घर से लगभग 300 मीटर दूर घास काटते समय घात लगाए बैठे एक गुलदार ने अचानक हमला कर दिया. हमले में गिन्नी देवी की मौके पर ही मौत हो गई. घटना की पुष्टि होते ही पूरे गांव में शोक के साथ-साथ भय का माहौल फैल गया. ग्रामीणों ने बताया पिछले कुछ महीनों में गुलदार की सक्रियता असामान्य रूप से बढ़ गई है. विभाग को बार-बार शिकायत करने के बावजूद संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई. जिसका परिणाम अब एक जानलेवा घटना के रूप में सामने आया है.

Dehradun: स्मैक बेच रही महिला पुलिस के हत्थे चढ़ी, मुकदमा दर्ज

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Dehradun:उत्तराखंड पुलिस ने देहरादून के नेहरू कॉलोनी क्षेत्र में करीब साढ़े तीन लाख रुपए मूल्य की 11.29 ग्राम स्मैक जब्त करने के बाद मादक पदार्थ की तस्करी कर रही एक संदिग्ध महिला को गिरफ्तार कर लिया। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि सपेरा बस्ती में गश्त के दौरान स्मैक बेचते हुए गिरफ्तार की गई। महिला के कब्जे से 11.29 ग्राम अवैध स्मैक के अलावा करीब 23 हजार रुपए की नकदी भी बरामद हुई है। पुलिस के मुताबिक, संदिग्ध महिला तस्कर की पहचान सपेरा बस्ती की रहने वाली सावली नाथ (30) के रूप में हुई है और उसके खिलाफ स्वापक औषधि एवं मन प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम की धारा 8, 21, 27 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

पुलिस ने बताया कि पूछताछ में आरोपी महिला ने खुलासा किया कि यह स्मैक उसका पति आलम नाथ बरेली से खरीदकर लाया था और उसने इसमें से कुछ स्मैक 23,140 रुपए में बेची थी। पुलिस के मुताबिक, आलम नाथ की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

Dehradun:कार अनियंत्रित होकर क्रैश बैरियर से टकराई,दो युवक घायल

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देहरादून : राजधानी देहरादून में दर्दनाक हुआ है। जहां एक कार अनियंत्रित होकर क्रैश बैरियर से टकराई। हादसे में दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया है।मिली जानकारी के अनुसार यह घटना देहरादून के थानो मार्ग पर हुई। जहां भूमिया मंदिर के पास एक कार हादसे का शिकार हो गई। बताया गया कि कार देहरादून एयरपोर्ट की ओर जा रही थी।

इसी बीच कार कुड़ियाल मोड़ पर सड़क किनारे लगे क्रैश बैरियर से टकरा गई। हादसे के दौरान कार में दो लोग सवार थे।घटना में दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। आनन-फानन में घायलों को हायर सेंटर रेफर किया गया है।

Pride of Uttarakhand: सर्वोच्च सम्मान से नवाजे जाएंगे कैबिनेट मंत्री डा धन सिंह रावत

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सिल्वर एलीफेंट अवार्ड’ से सम्मानित होंगे कैबिनेट मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत

भारत स्काउट्स एंड गाइड का सबसे बड़ा सम्मान है ‘सिल्वर एलीफेंट अवार्ड’

आगामी 26 नवम्बर को उत्तर प्रदेश राजभवन में दिया जायेगा सम्माान

देहरादून,  भारत स्काउट एंड गाइड उत्तराखंड के प्रादेशिक अध्यक्ष व कैबिनेट मंत्री व डॉ. धन सिंह रावत को स्काउट एंड गाइड आंदोलन में उनके उत्कृष्ट योगदान और नेतृत्व के लिए भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान ‘सिल्वर एलीफेंट अवार्ड’ से सम्मानित किया जाएगा। यह पुरस्कार आगामी 26 नवम्बर को उत्तर प्रदेश राजभवन, लखनऊ में आयोजित भव्य समारोह में प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल द्वारा उन्हें प्रदान किया जाएगा।

भारत स्काउट्स एंड गाइड्स द्वारा दिया जाने वाला ‘सिल्वर एलीफेंट अवार्ड’ देश में स्काउट एंड गाइड आंदोलन का सबसे बड़ा सम्मान है। यह पुरस्कार उन व्यक्तियों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने संगठन के विस्तार, चरित्र निर्माण तथा राष्ट्र निर्माण हेतु विशेष योगदान दिया हो।

डॉ. रावत को यह प्रतिष्ठित सम्मान उत्तराखण्ड में स्काउट-गाइड आंदोलन को मजबूत बनाने, इसे व्यापक स्तर पर लागू करने तथा युवाओं में अनुशासन, एकता और देशभक्ति का भाव विकसित करने के उद्देश्य से किये गये उनके प्रयासों के लिये दिया जा रहा है।

अपने कार्यकाल में डॉ. रावत ने प्रदेश के सभी निजी एवं राजकीय शिक्षण संस्थानों में स्काउट एंड गाइड गतिविधियों को अनिवार्य रूप से लागू करने, साथ ही सभी शिक्षण संस्थानों में इसकी इकाइयां स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाये। उन्होंने स्काउट्स एंड गाइड्स की संख्या को बढ़ाकर दो लाख तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित करते हुए संगठन के विस्तार को नई दिशा दी।

इसके अतिरिक्त डॉ. रावत ने स्काउट एंड गाइड के माध्यम से साहसिक गतिविधियों को बढ़ावा देने, राज्य में विभिन्न सामाजिक सरोकार पर आधारित अभियानों के संचालन तथा युवाओं को जिम्मेदार नागरिक के रूप में तैयार करने में विशेष पहल की।

सिल्वर एलीफेंट अवार्ड के लिए चुने जाने पर डॉ. धन सिंह रावत ने भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह संस्था देश के असंख्य युवाओं को एक जिम्मेदार, सक्षम और संवेदनशील नागरिक के रूप में तैयार करने में निरंतर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि स्काउट-गाइड गतिविधियाँ विद्यार्थियों में शारीरिक, बौद्धिक, आध्यात्मिक और सामाजिक क्षमताओं के विकास के साथ-साथ विश्वव्यापी भाईचारे की भावना को भी सुदृढ़ करती हैं।

हल्द्वानी बनभूलपुरा भड़काऊ पोस्ट मामला, एक हिंदूवादी नेता गिरफ्तार, 3 के खिलाफ केस दर्ज

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हल्द्वानी कोतवाली पुलिस ने हिन्दू वादी नेता विपिन पांडे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है

हल्द्वानी: बनभूलपुरा थाना क्षेत्र में 16 नवंबर को हुए बबाल और तोड़फोड़ मामले में सोशल मीडिया में भड़काऊ पोस्ट पोस्ट करने पर हल्द्वानी कोतवाली पुलिस ने तीन हिन्दू वादी नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. जिसमें से एक नेता विपिन पांडे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. अन्य की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम दबिश दे रही है.

बनभूलपुरा थाना क्षेत्र के उजाला नगर क्षेत्र में गौवंशीय पशु का अवशेष मिलने के मामले में हुए बबाल के बाद तोड़फोड़ में 40 से 50 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था. मौके पर पुलिस ने शांति व्यवस्था दुरुस्त की. जांच में जुटी टीम को सोशल मीडिया में घटना को लेकर आपत्तिजनक पोस्ट दिखी. जांच के दौरान टीम को जानकारी मिली कि उक्त पोस्ट यतिन पांडे, विपिन पांडेय एवं अतुल गुप्ता ने की. उन्होंने अपने सोशल मीडिया फेसबुक अकाउंट से अत्यधिक भड़काऊ पोस्ट एवं वीडियो प्रसारित की.

जानकारी की गई तो ज्ञात हुआ कि विपिन पांडेय ने अपने सोशल मीडिया एकाउन्ट फेसबुक से पोस्ट की. ये पोस्ट वायरल की गई. जिस पर लोगों की ओर से तरह-तरह की टिप्पणियां की जा रही हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली है. दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है.

जिसके बाद पुलिस ने मोर्चा संभाला. पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ भड़काऊ पोस्ट करने के मामले में मुकदमा दर्ज किया. हल्द्वानी कोतवाली पुलिस ने हिन्दू वादी नेता विपिन पांडे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. अन्य की तलाश में पुलिस जुटी हुई है. एसपी सीटी मनोज कत्याल ने बताया भड़काऊ पोस्ट करने के मामले में तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया. एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. अन्य की गिरफ्तारी के प्रयास चल रहे हैं.

वन विभाग के फील्ड कर्मचारियों को सरकार का तोहफा, वर्दी भत्ता दोगुना तो धुलाई भत्ता 6 गुना बढ़ा

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वन क्षेत्राधिकारी और उप वन क्षेत्राधिकारियों को तीन साल में एक बार मिलने वाला वर्दी भत्ता 3,000 रुपए कर दिया गया है

देहरादून: उत्तराखंड वन विभाग में फील्ड कर्मचारियों को वर्दी भत्ता और वर्दी धुलाई भत्ता देने का निर्णय लिया गया है. इसके लिए शासन ने आदेश भी जारी कर दिया है. काफी समय से वनकर्मी इसकी मांग कर रहे थे. अब नए साल से पहले उनकी इस मांग को पूरा किया गया है.

उत्तराखंड शासन ने साल के अंत में वन विभाग के फील्ड कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए वर्दी भत्ता और वर्दी धुलाई भत्ते में उल्लेखनीय बढ़ोत्तरी कर दी है. लंबे समय से चली आ रही मांग के बाद शासन ने आदेश जारी कर दिया है, जिसके बाद विभाग के वन क्षेत्राधिकारी और उप वन क्षेत्राधिकारियों सहित कई फील्ड कर्मियों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा. यह निर्णय फील्ड में दिन-रात काम करने वाले वन कर्मियों के मनोबल को मजबूत करने वाला माना जा रहा है.

शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब तक वन क्षेत्राधिकारी और उप वन क्षेत्राधिकारियों को तीन साल में एक बार 1,500 रुपए का वर्दी भत्ता मिलता था. लेकिन नई व्यवस्था में इसे दोगुना करते हुए 3,000 रुपए कर दिया गया है. बढ़ते कार्यभार, कठिन फील्ड परिस्थितियों और यूनिफॉर्म की गुणवत्ता बनाए रखने की जरूरत को देखते हुए वर्दी भत्ते में यह बढ़ोत्तरी लंबे समय से अपेक्षित थी.

इसके साथ ही वर्दी धुलाई भत्ते की दरों में भी बड़ा बदलाव किया गया है. वन क्षेत्राधिकारी और उप वन क्षेत्राधिकारियों को अब तक प्रतिमाह मात्र 45 रुपए धुलाई भत्ता मिलता था. इसे शासन ने बढ़ाकर 300 रुपए प्रतिमाह कर दिया है. वहीं वन दारोगा, वन आरक्षी और जमादार जैसे फील्ड स्तर पर तैनात कर्मचारियों को भी धुलाई भत्ते में बढ़ोत्तरी का लाभ मिलेगा. इन्हें अब तक 30 रुपए प्रतिमाह मिलते थे. नई दर के अनुसार अब 200 रुपए प्रतिमाह दिए जाएंगे.

हालांकि वन दारोगा और वन आरक्षी श्रेणी के कर्मचारियों के वर्दी भत्ते में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इनके लिए पहले की व्यवस्था यथावत रखी गई है. बावजूद इसके वर्दी धुलाई भत्ते में की गई बढ़ोत्तरी को इन कर्मियों ने राहत के रूप में देखा है.

वन विभाग के फील्ड कर्मियों द्वारा लंबे समय से वर्दी और धुलाई भत्ते में बढ़ोत्तरी की मांग उठाई जा रही थी. आखिरकार सरकार ने इस मांग पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए आदेश जारी कर दिए हैं. विभागीय कर्मचारियों ने भी इस फैसले को स्वागत योग्य बताते हुए सरकार का धन्यवाद व्यक्त किया है. नए आदेशों को फील्ड स्टाफ के लिए साल के अंत की बड़ी खुशखबरी के तौर पर देखा जा रहा है.