Wednesday, February 11, 2026
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दीपावली: आत्मनिर्भरता और स्वदेशी गर्व का पर्व

Deepawali 2025 wokal for lokal दीपावली केवल रोशनी और उल्लास का त्योहार नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और स्वाभिमान का प्रतीक भी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने गृह क्षेत्र खटीमा में ‘स्वदेशी अपनाओ’ अभियान के अंतर्गत पारंपरिक मिट्टी के दीयों और स्थानीय उत्पादों की खरीदारी कर ‘वोकल फॉर लोकल’ का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि इस दीपावली स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों और स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दें। इससे न केवल आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को बल मिलेगा, बल्कि गांवों और कस्बों की अर्थव्यवस्था को भी नई ताकत मिलेगी।

उन्होंने कहा, “जब हम अपने गांव-कस्बों में बने दीये या स्वदेशी वस्तुएँ खरीदते हैं, तो हम केवल एक उत्पाद नहीं खरीदते, बल्कि किसी परिवार की आजीविका, मेहनत और उम्मीद का सम्मान करते हैं।”

मुख्यमंत्री धामी ने यह भी बताया कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के “वोकल फॉर लोकल” और “आत्मनिर्भर भारत” जैसे अभियानों को ज़मीनी स्तर पर साकार करने के लिए लगातार प्रयासरत है। स्वदेशी वस्तुओं की खरीद से स्थानीय कुटीर उद्योग, शिल्प और महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रत्यक्ष लाभ मिलता है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की हस्तकला, पारंपरिक उत्पाद, मिट्टी के दीये, जैविक और पहाड़ी खाद्य सामग्री न केवल राज्य में बल्कि देश-विदेश में भी अपनी विशिष्ट पहचान बना रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि इस दीपावली संकल्प लें कि अपने घर की सजावट और रोशनी केवल स्वदेशी उत्पादों से करें, ताकि किसी और घर में भी खुशियों के दीये जल सकें। “हमारी हर छोटी-सी खरीद किसी परिवार के लिए उम्मीद की किरण बन सकती है,” उन्होंने कहा।

अंत में, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समस्त प्रदेशवासियों को दीपावली, धनतेरस और भैयादूज की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं और कामना की कि यह पर्व सभी के जीवन में खुशियाँ, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा लेकर आए।

इस मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, व्यापारी, महिला समूहों की सदस्याएं और आम नागरिक उपस्थित रहे।

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