देहरादून, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) देहरादून की पहल पर नारी निकेतन, केदारपुरम में निवासरत महिलाओं और बालिका निकेतन की बालिकाओं के लिए विशेष हेयर ग्रूमिंग एवं पर्सनल केयर क्लास का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों में आत्मसम्मान, आत्मविश्वास, व्यक्तिगत स्वच्छता और आत्मनिर्भरता की भावना को प्रोत्साहित करना था।
यह कार्यक्रम जिला जज एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरीश कुमार गोयल के निर्देशन तथा सचिव सीमा डुंगराकोटी के मार्गदर्शन में IBI International, देहरादून (पूर्व नाम इंडिया ब्यूटी इंस्टीट्यूट) के सहयोग से आयोजित किया गया।
173 प्रतिभागियों को मिला प्रशिक्षण
कार्यक्रम के दौरान नारी निकेतन की 155 संवासिनियों और बालिका निकेतन की 18 बालिकाओं को हेयर ग्रूमिंग, हेयर कटिंग, आइब्रो ग्रूमिंग और व्यक्तिगत स्वच्छता से जुड़ी उपयोगी जानकारी एवं सेवाएं प्रदान की गईं।
IBI International की लगभग 35 सदस्यीय विशेषज्ञ और छात्र टीम ने प्रतिभागियों को व्यक्तिगत साज-सज्जा और स्वच्छता से संबंधित प्रशिक्षण दिया। इस दौरान महिलाओं और बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
आत्मविश्वास और गरिमापूर्ण जीवन की दिशा में पहल
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम का उद्देश्य केवल सौंदर्य संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि महिलाओं और बालिकाओं में आत्मसम्मान, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास को मजबूत करना भी है।
प्राधिकरण द्वारा समय-समय पर समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के लिए विधिक सहायता के साथ-साथ स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक कल्याण से जुड़ी गतिविधियां भी आयोजित की जाती हैं। यह कार्यक्रम भी उसी श्रृंखला का हिस्सा रहा।
“हर महिला को सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार”
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सीमा डुंगराकोटी ने कहा कि नारी निकेतन में रहने वाली प्रत्येक महिला को सम्मान, आत्मविश्वास और गरिमा के साथ जीवन जीने का अधिकार है।
उन्होंने कहा,
“ग्रूमिंग केवल बाहरी व्यक्तित्व तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मविश्वास, आत्मसम्मान और मानसिक प्रसन्नता से भी जुड़ी होती है। महिलाओं और बालिकाओं के चेहरे पर मुस्कान लाने तथा उनमें आत्मविश्वास विकसित करने की दिशा में यह एक सार्थक प्रयास है।”
IBI International ने दिया सहयोग
कार्यक्रम में IBI International के निदेशक कृष्णा रावत तथा प्रशिक्षक काजल रंसवाल, सूरज कटारिया और सानिया चौहान सहित पूरी टीम ने स्वैच्छिक सहयोग दिया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने इस सामाजिक पहल में योगदान के लिए संस्था का आभार व्यक्त किया।
प्राधिकरण ने कहा कि समाज के विभिन्न संस्थानों और संगठनों की सहभागिता से ही एक संवेदनशील, समावेशी और गरिमापूर्ण समाज का निर्माण संभव है।

