साहिल लोचव मामले में एफआईआर के बाद गरमाई राजनीति, राहुल गांधी के धरने पर भाजपा का पलटवार

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नई दिल्ली: छात्र आंदोलन के दौरान घायल हुए साहिल लोचव के मामले ने अब राजनीतिक और कानूनी दोनों मोर्चों पर नया मोड़ ले लिया है। करीब एक महीने तक कार्रवाई नहीं होने के आरोपों के बीच कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी खुद पीड़ित छात्र के साथ संसद मार्ग थाने पहुंचे और एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। कई घंटों की मशक्कत के बाद पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।

एफआईआर दर्ज होने के बाद राहुल गांधी ने इसे न्याय की दिशा में पहला कदम बताते हुए कहा कि साहिल लोचव को कथित तौर पर पैलेट लगने की घटना को एक महीना बीत चुका है, लेकिन अब तक उसे न्याय नहीं मिल पाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायत पर कार्रवाई को लगातार टाला जा रहा था। आठ घंटे थाने में डटे रहे राहुल गांधी राहुल गांधी सुबह संसद मार्ग थाने पहुंचे और देर शाम तक वहीं मौजूद रहे।

एफआईआर दर्ज होने के बाद उन्होंने कहा कि यदि देश की राजधानी में एक घायल छात्र को शिकायत दर्ज कराने के लिए इतना संघर्ष करना पड़ता है, तो छोटे शहरों और गांवों में आम लोगों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि साहिल लोचव के शरीर में अभी भी कई छर्रे फंसे हुए हैं और उसकी आंखों को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है। राहुल गांधी ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

भाजपा ने उठाए सवाल राहुल गांधी के इस कदम को लेकर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा नेताओं का कहना है कि नेता प्रतिपक्ष जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को आंदोलनों को सही दिशा देनी चाहिए। पार्टी ने राहुल गांधी के धरने और उसकी राजनीतिक मंशा पर भी सवाल खड़े किए हैं। भाजपा का दावा है कि कांग्रेस इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रही है, जबकि कांग्रेस इसे न्याय और जवाबदेही की लड़ाई बता रही है।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस राहुल गांधी के धरने और साहिल लोचव मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है। एक वर्ग इसे पीड़ित छात्र के लिए न्याय की लड़ाई मान रहा है, जबकि दूसरा वर्ग इसे राजनीतिक रणनीति के तौर पर देख रहा है। एफआईआर दर्ज होने के बाद यह मामला राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और साहिल लोचव को न्याय दिलाने की प्रक्रिया कितनी तेजी से आगे बढ़ती है।

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