रायपुर ब्लॉक में कचरा प्रबंधन को मिला नया बल
देहरादून के रायपुर विकासखंड में ग्रामीण स्वच्छता और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। एसबीआई फाउंडेशन के सहयोग और वेस्ट वॉरियर्स संस्था द्वारा संचालित “Waste No More in Dehradun” परियोजना के तहत कार्यरत पर्यावरण सखियों को कचरा संग्रहण वाहन उपलब्ध कराया गया।
यह पहल 16 ग्राम पंचायतों में संचालित पर्यावरण सखी मॉडल को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे गांवों में घर-घर कचरा संग्रहण और उसके सुरक्षित परिवहन की व्यवस्था मजबूत होगी।
घर-घर कचरा संग्रहण होगा और अधिक प्रभावी
पर्यावरण सखियां पहले से ही ई-लोडर के माध्यम से घरों से सूखा कचरा एकत्रित कर रही थीं। अब नए कचरा संग्रहण वाहन के मिलने से कचरे के संग्रहण, परिवहन और प्रबंधन की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और सुगम हो जाएगी।
इस नई सुविधा से:
- अधिक घरों तक नियमित कचरा संग्रहण सेवा पहुंचेगी।
- कचरे के सुरक्षित परिवहन में सुविधा होगी।
- ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था बेहतर होगी।
- पर्यावरण सखियों की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी।
पर्यावरण सखी मॉडल बना ग्रामीण स्वच्छता की मिसाल
पर्यावरण सखी समूह में 10 स्थानीय महिलाएं शामिल हैं, जो गांव-गांव जाकर सूखा कचरा एकत्रित करती हैं। इसके बाद कचरे को धनौला स्थित केंद्र पर लाया जाता है, जहां उसे 18 से 20 अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित कर पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) की प्रक्रिया के लिए तैयार किया जाता है।
यह मॉडल न केवल ग्रामीण स्वच्छता को बढ़ावा दे रहा है बल्कि स्थानीय महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता का अवसर भी प्रदान कर रहा है।
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने की पहल की सराहना
खंड विकास कार्यालय रायपुर में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता खंड विकास अधिकारी अपर्णा बहुगुणा ने की। कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य वीर सिंह चौहान, ब्लॉक प्रमुख सरोजनी ज्वाड़ी, एबीडीओ मोहन लाल रतूड़ी, ग्राम प्रधान सोनिया थापा तथा अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
सभी वक्ताओं ने पर्यावरण सखियों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि नया कचरा संग्रहण वाहन गांवों में स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को और मजबूत बनाएगा।
स्वच्छ और हरित गांवों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की चुनौती से निपटने के लिए पर्यावरण सखी जैसे मॉडल अत्यंत प्रभावी साबित हो सकते हैं। नए वाहन की सहायता से रायपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायतों में स्वच्छता अभियान को नई गति मिलेगी और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को भी मजबूती मिलेगी।

