CM धामी: विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार से बनेगा विकसित उत्तराखंड | देहरादून साइंस सिटी पर बड़ा ऐलान

0
4

विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार विकसित उत्तराखंड की आधारशिला : मुख्यमंत्री धामी

देहरादून की साइंस सिटी बनेगी नवाचार का केंद्र, स्कूली बच्चों को कराया जाएगा नियमित भ्रमण

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार विकसित उत्तराखंड की मजबूत आधारशिला हैं। राज्य सरकार उत्तराखंड को अनुसंधान, नवाचार और आधुनिक तकनीकी विकास का अग्रणी केंद्र बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विज्ञान को केवल प्रयोगशालाओं और पुस्तकों तक सीमित न रखकर आमजन के जीवन से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने पायनियर समाचार पत्र समूह एवं उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) के तत्वावधान में आईआरडीटी सभागार में आयोजित “Mainstreaming Science, Technology and Innovation for a Prosperous Uttarakhand” कार्यक्रम में यह बात कही।

AI, रोबोटिक्स और ड्रोन तकनीक से बदलेगा उत्तराखंड

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज दुनिया की प्रगति प्राकृतिक संसाधनों से नहीं, बल्कि ज्ञान, विज्ञान, अनुसंधान और नवाचार की क्षमता से तय होती है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर जैसी आधुनिक तकनीकें स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, पर्यटन और आपदा प्रबंधन सहित अनेक क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव ला रही हैं।

उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में नवाचार को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।

युवाओं को जॉब सीकर नहीं, जॉब क्रिएटर बनाना लक्ष्य

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड का युवा प्रतिभा, नवाचार और परिश्रम में किसी से कम नहीं है। जरूरत उन्हें आधुनिक संसाधन, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की है।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने उत्तराखंड की पहली विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति (STIP) लागू की है, जिसका उद्देश्य युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं बल्कि रोजगार सृजित करने वाला (Job Creator) बनाना है।

देहरादून में बन रही देश की पांचवीं साइंस सिटी

मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून में देश की पांचवीं साइंस सिटी का निर्माण तेजी से चल रहा है। यह परियोजना उत्तराखंड को विज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेशभर के स्कूली विद्यार्थियों का नियमित रूप से साइंस सिटी भ्रमण कराया जाए, ताकि बच्चों में वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा और नवाचार की भावना विकसित हो सके।

आधुनिक विज्ञान सुविधाओं का हो रहा विस्तार

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में कई आधुनिक वैज्ञानिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिनमें शामिल हैं—

  • साइंस एंड इनोवेशन सेंटर
  • लैब्स ऑन व्हील्स
  • जीआईएस आधारित डैशबोर्ड
  • डिजिटल लाइब्रेरी
  • पेटेंट इन्फॉर्मेशन सेंटर
  • स्टेम (STEM) लैब्स
  • एआई एवं रोबोटिक्स लैब
  • ड्रोन टेक्नोलॉजी प्रशिक्षण
  • सेमीकंडक्टर एवं प्री-इन्क्यूबेशन लैब्स
  • स्टार्टअप इकोसिस्टम

उन्होंने कहा कि इन पहलों का उद्देश्य उत्तराखंड के युवाओं को अपने ही राज्य में वैश्विक स्तर के अवसर उपलब्ध कराना है।

विकसित भारत-2047 में विज्ञान की अहम भूमिका

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत-2047” संकल्प की आधारशिला विज्ञान, अनुसंधान और तकनीकी नवाचार हैं। डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, नेशनल क्वांटम मिशन और सेमीकंडक्टर मिशन जैसे कार्यक्रम भारत को वैश्विक तकनीकी शक्ति बनाने की दिशा में आगे बढ़ा रहे हैं।

उन्होंने वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, उद्योग जगत और नीति-निर्माताओं से आह्वान किया कि वे विज्ञान और तकनीक को विकास की मुख्यधारा से जोड़कर उत्तराखंड को आत्मनिर्भर, समृद्ध और नवाचार आधारित राज्य बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार विकसित उत्तराखंड की आधारशिला हैं। देहरादून में बन रही देश की पांचवीं साइंस सिटी का स्कूली बच्चों को नियमित भ्रमण कराया जाएगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here