उत्तराखंड के 243 नेशनल मेडलिस्ट खिलाड़ियों को मिल सकती है नौकरी, खेल मंत्री रेखा आर्या ने दिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश
देहरादून। उत्तराखंड सरकार प्रदेश के खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। खेल मंत्री रेखा आर्या ने विधानसभा स्थित अपने कार्यालय में खेल विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को वर्ष 2025 के राष्ट्रीय स्तर के पदक विजेता खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न नौकरी देने संबंधी प्रस्ताव आगामी कैबिनेट बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में खेल मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को उचित अवसर और सम्मान मिलना चाहिए। इसके लिए लगभग 243 नेशनल मेडलिस्ट खिलाड़ियों को खेल अकादमियों, प्रस्तावित खेल विश्वविद्यालय और अन्य विभागों में आउट ऑफ टर्न नौकरी के माध्यम से समायोजित करने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
23 खेल अकादमियों को स्थायी बनाने की तैयारी
रेखा आर्या ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लेगेसी योजना के तहत वर्तमान में अस्थायी रूप से संचालित 23 खेल अकादमियों को स्थायी रूप से संचालित करने के लिए आवश्यक पदों के सृजन संबंधी प्रस्ताव भी तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध होंगी और प्रदेश में खेलों का आधार मजबूत होगा।
अन्य विभागों में कार्यरत खिलाड़ियों की मूल विभाग में तैनाती का प्रस्ताव
खेल मंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि आउट ऑफ टर्न भर्ती के माध्यम से अन्य विभागों में सेवा दे रहे खिलाड़ियों को उनके मूल विभाग में प्रतिनियुक्ति (डेप्यूटेशन) पर तैनात किए जाने संबंधी प्रस्ताव भी तैयार किया जाए, ताकि खिलाड़ियों की प्रतिभा और अनुभव का बेहतर उपयोग किया जा सके।
29 अगस्त को होगा खेल विश्वविद्यालय का शिलान्यास
बैठक में बताया गया कि राष्ट्रीय खेल दिवस (29 अगस्त 2026) के अवसर पर गौलापार में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा प्रस्तावित खेल विश्वविद्यालय का शिलान्यास किया जाएगा। इसके लिए सभी प्रशासनिक और तकनीकी तैयारियों को तेज गति से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
खेल मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को देश की अग्रणी खेल भूमि के रूप में विकसित करना है, जिसके लिए खेल अवसंरचना और खिलाड़ियों के कल्याण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
नई खेल नीति में शामिल होंगे पारंपरिक और पैरा खेल
बैठक में नई खेल नीति को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुरानी खेल नीति की कमियों को दूर करते हुए नई नीति को केंद्र सरकार की खेल नीति के अनुरूप तैयार किया जाए।
नई नीति में पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के साथ-साथ पैरा एथलीट और बौने खिलाड़ियों (ड्वार्फ एथलीट्स) के लिए भी विशेष प्रावधान शामिल किए जाएंगे। इसके अलावा खेल नीति तैयार करने से पहले खिलाड़ियों और आम जनता से सुझाव भी आमंत्रित किए जाएंगे। बेहतर सुझाव देने वालों को सम्मानित करने की भी योजना है।
बैठक में विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, खेल निदेशक दीप्ति सिंह, महाराणा प्रताप खेल परिसर के प्रिंसिपल राजेश ममगाईं, संयुक्त निदेशक खेल अजय अग्रवाल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
