ऋषिकेश सेवा पखवाड़ा बना जनसेवा का महाअभियान, 20 हजार लोगों की सहभागिता, 3500 से अधिक लाभार्थियों को मिला सीधा लाभ
ऋषिकेश। उत्तराखंड सरकार के ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण : जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के तहत ऋषिकेश के आईडीपीएल ग्राउंड में आयोजित सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम जनसेवा का बड़ा केंद्र बनकर उभरा। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम में 20 हजार से अधिक लोगों ने भाग लिया, जबकि 3500 से अधिक नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं का प्रत्यक्ष लाभ मिला।
कार्यक्रम में पहुंचे नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर राज्यपाल और मुख्यमंत्री का स्वागत किया। साथ ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को उनके सफल पांच वर्षीय कार्यकाल के लिए बधाई भी दी। पूरे आयोजन में जनसहभागिता और सरकारी योजनाओं के प्रति लोगों का उत्साह देखने को मिला।
सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में देहरादून, हरिद्वार और टिहरी जनपदों के विभिन्न विभागों ने एकीकृत प्रयास के तहत आमजन को सेवाएं प्रदान कीं। शिविर का उद्देश्य लोगों की समस्याओं का मौके पर समाधान करना और पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना था।
स्वास्थ्य शिविर में 1000 से अधिक मरीजों की जांच
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण विशाल स्वास्थ्य शिविर रहा, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों ने 1009 मरीजों की जांच और उपचार किया। शिविर में हड्डी रोग, स्त्री रोग, नेत्र, नाक और कान संबंधी बीमारियों के मरीजों को परामर्श और उपचार उपलब्ध कराया गया।
इसके अलावा बच्चों का टीकाकरण, आयुष्मान कार्ड और आभा कार्ड निर्माण, एक्स-रे, रक्त जांच और आयुष चिकित्सा सेवाएं भी प्रदान की गईं। दिव्यांगजनों के लिए प्रमाण पत्र पंजीकरण और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं।
पेंशन स्वीकृति से लेकर दिव्यांग उपकरण वितरण तक
समाज कल्याण विभाग ने शिविर के दौरान विधवा, वृद्धावस्था और दिव्यांग पेंशन के 75 मामलों को मौके पर स्वीकृति प्रदान की। वहीं 280 दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरित किए गए और कई लाभार्थियों को यूडीआईडी कार्ड भी जारी किए गए।
कृषि, उद्यान, उद्योग, डेयरी, मत्स्य, रेशम, पशुपालन और बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े विभागों ने भी 1200 से अधिक लोगों को विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया।
उत्कृष्ट कार्य करने वालों को मिला सम्मान
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले स्वयं सहायता समूहों, उद्यमियों और योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मानित किया। सहकारिता विभाग के पांच स्वयं सहायता समूहों को उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रत्येक को 5 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई।
इसके अलावा कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त कर जापान में रोजगार पाने वाले अल्मोड़ा, देहरादून और टिहरी के तीन युवाओं को भी सम्मानित किया गया। इन युवाओं को लगभग एक लाख रुपये प्रतिमाह के पैकेज पर रोजगार मिला है, जिसे प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणादायी उपलब्धि बताया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य योजनाएं बनाना ही नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। सेवा पखवाड़ा इसी सोच का सशक्त उदाहरण है, जहां शासन सीधे जनता के द्वार तक पहुंच रहा है।

