रोजगार की तलाश में उत्तराखंड से गुजरात गए एक युवक की शेर के हमले में दर्दनाक मौत हो गई। घटना की खबर जैसे ही पिथौरागढ़ जिले के गणाईगंगोली क्षेत्र में स्थित उसके गांव धारी धुमलाकोट पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार और ग्रामीणों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मृतक की पहचान 31 वर्षीय प्रकाश चंद्र भट्ट पुत्र हरगोबिंद भट्ट के रूप में हुई है। प्रकाश रोजगार के सिलसिले में गुजरात में रह रहे थे, जहां शेर के हमले में उनकी जान चली गई। इस दुखद घटना ने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है।
परिवार पर लगातार टूट रही हैं विपत्तियां
प्रकाश के भाई ललित भट्ट ने बताया कि परिवार पहले ही कई दुखद घटनाओं का सामना कर चुका है। दो वर्ष पहले एक अन्य भाई का असमय निधन हो गया था और अब प्रकाश की मौत ने परिवार को फिर से गहरे संकट में डाल दिया है। चार भाइयों वाले परिवार में अब केवल दो भाई ही शेष रह गए हैं।
ललित गांव में मजदूरी कर परिवार का सहयोग करते हैं, जबकि बड़े भाई भूपेश भट्ट चंडीगढ़ में निजी नौकरी करते हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर बताई जा रही है।
15 साल पहले मां का निधन, अब बेटे को खोने का गम
परिवार की मुश्किलें यहीं खत्म नहीं होतीं। करीब 15 वर्ष पहले प्रकाश की मां का भी निधन हो चुका था। वृद्ध पिता हरगोविंद भट्ट गांव में मजदूरी कर किसी तरह परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। जवान बेटे की मौत की खबर मिलने के बाद पिता और बुजुर्ग दादी मोहनी देवी गहरे सदमे में हैं। ग्रामीण लगातार परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं।
आर्थिक सहायता की उठी मांग
गांव के पूर्व प्रधान जोगा राम ने राज्य सरकार से मृतक के परिवार को 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की है। उनका कहना है कि परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है और इस कठिन समय में सरकारी मदद परिवार के लिए बड़ा सहारा साबित हो सकती है। यह घटना एक बार फिर उन उत्तराखंडी युवाओं की पीड़ा को सामने लाती है, जो रोजगार की तलाश में घर-परिवार से दूर दूसरे राज्यों में काम करने को मजबूर हैं। प्रकाश चंद्र भट्ट की असामयिक मौत से पूरे क्षेत्र में शोक और संवेदना का माहौल है।

