देहरादून: उत्तराखंड सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को तकनीक से जोड़ते हुए बच्चों की जन्म से लेकर स्कूल शिक्षा पूरी होने तक की पूरी यात्रा को डिजिटल रूप से ट्रैक करने की तैयारी कर रही है। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने बुधवार को सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग को विद्यार्थियों की ट्रैकिंग एवं मैपिंग के लिए एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के सभी बच्चों की ABHA ID और APAAR ID तैयार की जाए तथा इन दोनों प्रणालियों को और अधिक उन्नत बनाकर ऐसा तंत्र विकसित किया जाए, जिससे बच्चे के जन्म से लेकर विद्यालय से पासआउट होने तक का संपूर्ण रिकॉर्ड एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहे।
एक प्लेटफॉर्म पर मिलेगा शिक्षा और स्वास्थ्य का पूरा रिकॉर्ड
सरकार की योजना के तहत बच्चे के जन्म, टीकाकरण, आंगनबाड़ी में प्रवेश, स्कूल नामांकन, शैक्षणिक उपलब्धियों और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को एकीकृत किया जाएगा। इससे विभिन्न विभागों को बच्चों की प्रगति की निगरानी करने में आसानी होगी और योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाया जा सकेगा।
मुख्य सचिव ने कहा कि वर्तमान में ABHA और APAAR ID के माध्यम से स्वास्थ्य और शिक्षा संबंधी जानकारी का रिकॉर्ड रखा जा रहा है, लेकिन अब इसे और अधिक व्यापक बनाकर एक सिंगल डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किया जाएगा।
अभिभावकों को मिलेगा SMS अलर्ट
नई व्यवस्था के तहत अभिभावकों को स्वतः SMS भेजे जाएंगे। यदि कोई बच्चा टीकाकरण, आंगनबाड़ी प्रवेश या स्कूल में दाखिले के लिए पात्र होगा, तो सिस्टम समय रहते अभिभावकों को सूचना देगा।
इससे बच्चों के टीकाकरण, प्रारंभिक शिक्षा और स्कूल नामांकन में होने वाली देरी को कम करने में मदद मिलेगी।
विभाग करेंगे नियमित फॉलोअप
सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा शिक्षा या स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे। डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम के माध्यम से संबंधित विभाग बच्चों की प्रगति का नियमित फॉलोअप कर सकेंगे और जरूरत पड़ने पर समय पर हस्तक्षेप कर पाएंगे।
एनआईसी और आईटीडीए तैयार करेंगे रोडमैप
मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों, National Informatics Centre और Information Technology Development Agency को मिलकर विस्तृत मंथन करने और इस परियोजना का प्रारूप तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल्द ही इस विषय पर दोबारा समीक्षा बैठक आयोजित कर प्रगति की समीक्षा की जाएगी।
क्यों महत्वपूर्ण है यह पहल?
विशेषज्ञों के अनुसार यह पहल शिक्षा, स्वास्थ्य और बाल विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में मददगार साबित हो सकती है। एकीकृत डेटा उपलब्ध होने से ड्रॉपआउट दर कम करने, टीकाकरण कवरेज बढ़ाने और बच्चों तक सरकारी सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।

