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उत्तराखंड में एग्री स्टैक पर मुख्य सचिव सख्त, किसान पंजीकरण और डिजिटल क्रॉप सर्वे में तेजी लाने के निर्देश

उत्तराखंड में एग्री स्टैक मिशन पर सरकार सख्त, किसान पंजीकरण नहीं हुआ तो अटक सकती हैं योजनाएं

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने किसानों से जुड़े डिजिटल डाटाबेस तैयार करने वाली महत्वाकांक्षी एग्री स्टैक परियोजना को लेकर सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट किया है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक करते हुए स्पष्ट किया कि किसान पंजीकरण और डिजिटल क्रॉप सर्वे के कार्यों में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।

मुख्य सचिव ने कहा कि एग्री स्टैक किसानों को केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में अंश निर्धारण और पंजीकरण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

किसान पंजीकरण से जुड़ा होगा उर्वरक वितरण

बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि भविष्य में उर्वरकों का वितरण किसान पंजीकरण के आधार पर किया जाएगा। ऐसे में सभी जिलाधिकारी विशेष अभियान चलाकर शत-प्रतिशत किसान पंजीकरण सुनिश्चित करें।

उन्होंने निर्देश दिए कि गांव स्तर पर विशेष शिविर आयोजित कर किसानों का पंजीकरण कराया जाए और प्रतिदिन प्रगति की समीक्षा की जाए।

पीएम किसान योजना पर पड़ सकता है असर

मुख्य सचिव ने चेतावनी दी कि यदि किसान पंजीकरण समय पर पूरा नहीं हुआ तो प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) समेत कई सरकारी योजनाओं का लाभ प्रभावित हो सकता है। साथ ही उर्वरक वितरण प्रक्रिया में भी बाधा आ सकती है।

उन्होंने कहा कि किसानों के हितों को देखते हुए यह कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाना चाहिए।

डिजिटल क्रॉप सर्वे में छात्रों और स्वयं सहायता समूहों की मदद

प्रदेश में डिजिटल क्रॉप सर्वे की गति बढ़ाने के लिए मुख्य सचिव ने नवाचार आधारित रणनीति अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण कर्मियों की कमी को देखते हुए स्वयं सहायता समूहों, युवा मंगल दलों और उच्च शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को प्रशिक्षित कर इस अभियान से जोड़ा जा सकता है।

इससे सर्वेक्षण कार्य तेजी से पूरा होगा और कृषि संबंधी आंकड़े अधिक सटीक रूप से उपलब्ध हो सकेंगे।

किसानों को जागरूक करने के निर्देश

मुख्य सचिव ने कहा कि एग्री स्टैक परियोजना की सफलता के लिए किसानों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। जिला प्रशासन को गांव-गांव जागरूकता अभियान चलाकर किसानों को पंजीकरण और डिजिटल सर्वे के महत्व की जानकारी देनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि एग्री स्टैक से जुड़े कार्य समय पर पूरे नहीं होने पर केंद्र सरकार की कई योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचने में कठिनाई हो सकती है।

डिजिटल कृषि व्यवस्था की ओर बड़ा कदम

एग्री स्टैक परियोजना के माध्यम से किसानों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है, जिससे योजनाओं का लाभ सीधे पात्र किसानों तक पहुंचाया जा सकेगा। इसके साथ ही फसल सर्वेक्षण, उर्वरक वितरण और कृषि प्रबंधन की प्रक्रियाएं अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेंगी।

राज्य सरकार का लक्ष्य है कि सभी किसानों को डिजिटल कृषि प्रणाली से जोड़कर उन्हें आधुनिक तकनीक आधारित सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए।

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