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अल्मोड़ा में प्रवासी पंचायत आयोजित, स्वरोजगार और पलायन रोकने पर केंद्रित चर्चा, योजनाओं की जानकारी

अल्मोड़ा प्रवासी पंचायत – अल्मोड़ा में प्रवासी पंचायत की चर्चा अलग है, क्योंकि पहाड़ से जुड़े बड़े सवालों पर बातचीत हुई इसमें सिर्फ बाहर से आया हुआ ही नहीं बल्कि घरेलू लोग अधिकारी भी शामिल हुए। पहाड़ों से लोग रोजगार, पढ़ाई और बेहतर सुविधाओं के लिए बाहर झपटते रहते हैं। इस झुकाव से न तो समाज खुश है न प्रशासन। उम्मीद है कि गांवों में रोजगार के अवसर आएं, योजनाओं की जानकारी सीधे लोगों तक पहुंचे तथा युवाओं को मौका मिले, तो जगह छोड़ना नहीं पड सकती है

स्वरोजगार को बढ़ावा देने पर क्यों दिया गया जोर?

उल्टे-पुल्टे सवालों की बजाय, पंचायत में ध्यान फिर घर वापसी के रास्तों पर टिका। अल्मोड़ा और पास के पहाड़ी इलाकों में आजीविका के नए दरवाजे खोलने की चर्चा सबसे आगे रही खेती से लेकर बागवानी तक, अधिकारियों ने कई ऐसे काम बताए जो यहाँ फल-फूल सकते हैं। इनमें पर्यटन भी शामिल है खासकर होमस्टे के जरिए घर में रहकर कमाई का मौका हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को भी हाथों-हाथ लिया जा सकता है, बस शुरुआत चाहिए। युवाओं को सही रास्ता दिखाया जाए, तो वे शहर छोड़े बिना भी ठीक से जिंदगी चला सकते हैं।

  • स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने पर जोर दिया गया।
  • युवाओं को छोटे उद्योग और स्टार्टअप शुरू करने के लिए प्रेरित किया गया।
  • होमस्टे और ग्रामीण पर्यटन को रोजगार का बड़ा साधन बताया गया।
  • महिला समूहों को स्वरोजगार से जोड़ने की बात कही गई।

पलायन रोकने के लिए किन बातों पर चर्चा हुई?

गांव-गांव में अब आधे से कम लोग रहते हैं बाकी शहरों में काम ढूंढ ले गए ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि यहाँ काम का विकल्प नहीं मिलता। कई खेत बंजर पड़े हैं, क्योंकि जो लोग उन्हें जोतते थे वे दूसरी जगह चले गए। इस पर ग्राम सभा में बातचीत छिड़ी थोड़ी सुविधाएं हों थोड़ा काम मिले तभी कोई ठहरेगा यहाँ।

  • गांवों में रोजगार के स्थानीय साधन बढ़ाने की जरूरत बताई गई।
  • सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और इंटरनेट जैसी सुविधाओं को बेहतर करने पर जोर दिया गया।
  • खाली पड़े खेतों को फिर से उपयोग में लाने की बात कही गई।
  • प्रवासियों को अपने गांव से जुड़ने और निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया।

सरकारी योजनाओं की जानकारी लोगों तक कैसे पहुंचाई गई?

एक बड़ी वजह थी पंचायत के मौके पर लोगों तक सही जानकारी पहुँचाना अक्सर किसी को पता ही नहीं होता कि सरकार क्या कुछ दे रही है, फिर लाभ मिलना दूर की बात हो जाती है। विभाग के अधिकारियों ने आयोजन में खुद के पैर पर खड़े होने के रास्ते, खेती-बाड़ी पशुओं की देखभाल घूमने के अवसरों और औरतों को मजबूत बनाने वाले नियमों को समझाया।

  • लोन और अनुदान से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी गई।
  • युवाओं को प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जुड़ने के लिए कहा गया।
  • महिला स्वयं सहायता समूहों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
  • स्थानीय कारोबार को ऑनलाइन बाजार से जोड़ने की सलाह दी गई।

प्रवासियों की भूमिका क्यों अहम मानी जा रही है?

गांव की बैठक में यह बात धीरे-धीरे सामने आई – जो लोग शहरों में रहकर काम कर चुके हैं, वे पहाड़ के विकास में मदद कर सकते हैं ऐसे इंसान जिन्होंने अलग-अलग जगह काम किया है अपने घर लौटकर नए ख्याल लाए हैं।

  • प्रवासी लोग गांवों में निवेश कर सकते हैं।
  • वे युवाओं को रोजगार और कारोबार से जुड़ी सलाह दे सकते हैं।
  • स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने में मदद कर सकते हैं।
  • गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कार्यों में सहयोग दे सकते हैं।

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