Uttarakhand Sports Colleges – अब उत्तराखंड के खेल कॉलेजों में छोटे बच्चों के लिए नई संभावनाएँ शुरू हुई हैं। महाराणा प्रताप देहरादून, हरि सिंह थापा पिथौरागढ़ और चंपावत का बालिका कॉलेज – ये तीनों जगहें कक्षा 6 में दाखिले के लिए तैयार हैं। पढ़ाई के साथ-साथ खेल पर भी ध्यान दिया जा सकेगा। कल ये बच्चे राष्ट्रीय या वैश्विक पटल पर नाम कमा सकते हैं। चयन तभी होगा जब बच्चे फिटनेस, खेल कौशल और तकनीक में निपुण होंगे। उम्र 11 से 13 साल के बीच होनी चाहिए, साथ ही राज्य का मूल निवासी भी होना ज़रूरी है टेस्ट में दौड़, कूद, शटल रन, गेंद फेंक, लचीलापन और दौड़ की दूरी जैसे हिस्से होंगे
स्पोर्ट्स कॉलेज एडमिशन 2026 के लिए पात्रता
इन छात्रावासी खेल कॉलेजों में दाखिला पाकर बच्चे पढ़ाई के साथ-साथ खेल को भी जीवनमंत बना सकते हैं। फैसला खेल में दिखाए गए हुनर और अंकों को ध्यान में रखकर लिया जाएगा। कक्षा 6 में प्रवेश के लिए प्रक्रिया शुरू की गई है।
- अभ्यर्थी की उम्र 11 से 13 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- उत्तराखंड का मूल या स्थायी निवासी होना अनिवार्य है।
- कक्षा 5 पास करने का प्रमाण पत्र जरूरी होगा।
- जन्मतिथि प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और निवास प्रमाण पत्र मांगा जा सकता है।
- चयन शारीरिक दक्षता, खेल कौशल और खेल प्रवीणता के आधार पर होगा।
स्पोर्ट्स कॉलेज एडमिशन 2026 की जानकारी
| मुख्य जानकारी | विवरण | किसके लिए जरूरी |
|---|---|---|
| एडमिशन शुरू | उत्तराखंड के स्पोर्ट्स कॉलेजों में कक्षा 6 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू की गई है। | खेल में करियर बनाने वाले छात्रों के लिए |
| प्रमुख कॉलेज | महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज देहरादून, हरि सिंह थापा स्पोर्ट्स कॉलेज पिथौरागढ़ और बालिका स्पोर्ट्स कॉलेज चंपावत। | लड़के और लड़कियां दोनों |
| आयु सीमा | कक्षा 6 में प्रवेश के लिए छात्र की उम्र लगभग 11 से 13 वर्ष के बीच होनी चाहिए। | कक्षा 5 पास विद्यार्थी |
| निवास शर्त | अभ्यर्थी का उत्तराखंड का मूल या स्थायी निवासी होना जरूरी है। | उत्तराखंड के विद्यार्थी |
5 टेस्ट पास करने पर मिलेगी एंट्री
| टेस्ट का नाम | क्या जांचा जाएगा | महत्व |
|---|---|---|
| 60 मीटर दौड़ | स्पीड और तेज शुरुआत की क्षमता | फिटनेस और गति का मूल्यांकन |
| स्टैंडिंग ब्रॉड जंप | पैरों की ताकत और जंपिंग क्षमता | शारीरिक शक्ति की जांच |
| शटल रन | फुर्ती, संतुलन और दिशा बदलने की क्षमता | खेल कौशल के लिए जरूरी |
| बॉल थ्रो | हाथों और ऊपरी शरीर की ताकत | थ्रोइंग स्किल की जांच |
| 800 मीटर दौड़ | स्टैमिना और सहनशक्ति | लंबे समय तक प्रदर्शन की क्षमता |
उत्तराखंड के स्पोर्ट्स कॉलेजों मे एंट्री कैसे मिलेगी?
बच्चों की ताकत, हिम्मत देखकर उनके खेल रुझान का पता लगाया जाएगा। इसके बाद तेज़ गति वालों को आगे की परीक्षा में भाग लेने की छूट मिल सकती है
- 60 मीटर दौड़ से स्पीड और स्टार्टिंग क्षमता जांची जाएगी।
- स्टैंडिंग ब्रॉड जंप से पैर की ताकत और विस्फोटक शक्ति देखी जाएगी।
- शटल रन से फुर्ती, संतुलन और दिशा बदलने की क्षमता परखी जाएगी।
- बॉल थ्रो से ऊपरी शरीर की ताकत और थ्रोइंग स्किल देखी जाएगी।
- FBR टेस्ट से शरीर की लचीलापन क्षमता जांची जाएगी।
- 800 मीटर दौड़ से स्टैमिना और सहनशक्ति का मूल्यांकन होगा।
- अंतिम चयन में मेडिकल फिटनेस और दस्तावेज सत्यापन भी जरूरी रहेगा।

