उत्तराखंड की राजनीति से जुड़ी एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भुवन चंद्र खंडूड़ी, जिन्हें मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी के नाम से जाना जाता था, का आज निधन हो गया। उनके निधन से प्रदेश में शोक की लहर है।
इस बीच उनकी बेटी और उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने भावुक संदेश साझा करते हुए पिता को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने लिखा—
“आज शब्द साथ नहीं दे रहे हैं। मैंने केवल अपने पिता को नहीं खोया, बल्कि अपने जीवन के सबसे बड़े संबल, मार्गदर्शक और उस व्यक्तित्व को विदा किया है जिसकी छाया में मैंने ईमानदारी, कर्तव्यपरायणता, अनुशासन और राष्ट्र सेवा तथा उत्तराखंड का अर्थ समझा।”
1954 में भारतीय सेना की कॉर्प्स ऑफ इंजीनियर्स में कमीशन प्राप्त करने के साथ उन्होंने मातृभूमि की सेवा का जो संकल्प लिया, उसे जीवन भर निभाया। उन्होंने 1962 के भारत–चीन युद्ध, 1965 और 1971 के भारत–पाक युद्धों में देश के लिए अपना कर्तव्य निभाया। सीमाओं पर बिताए वे वर्ष केवल एक सैनिक के साहस की कहानी नहीं थे, बल्कि उन अनगिनत त्यागों की भी कहानी थे जो एक सैनिक का परिवार मौन रहकर करता है।
बीसी खंडूड़ी उत्तराखंड में दो बार मुख्यमंत्री रहे और अपनी सादगी, ईमानदार छवि तथा प्रशासनिक सख्ती के लिए पहचाने जाते थे। उनके निधन पर राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक जगत से शोक संदेशों का सिलसिला जारी है।

