Haridwar Politics New Plan Pushkar Singh Dhami

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    लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की त्रिशताब्दी जयंती पर मुख्यमंत्री धामी का संबोधन — “पाल-धनगर समाज भारत की सांस्कृतिक और आर्थिक नींव” haridwar poltics new plan pushkar singh dhami

    हरिद्वार, ।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को हरिद्वार में धनगर समाज द्वारा आयोजित लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जी की त्रिशताब्दी जयंती समारोह में प्रतिभाग करते हुए लोकमाता को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने ग्राम सभा सलेमपुर का नाम लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर रखने की घोषणा की, बशर्ते आवश्यक प्रस्ताव एवं अनापत्ति पत्र प्राप्त हो जाएं।

    मुख्यमंत्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि पाल-धनगर समाज न केवल पशुपालन और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था का मूल आधार रहा है, बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोने में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

    “लोकमाता अहिल्याबाई: नारी सशक्तिकरण का प्रतीक”

    मुख्यमंत्री धामी ने लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जी को नारी सशक्तिकरण की जीती-जागती मिसाल बताते हुए कहा कि उनका जीवन भारतीय संस्कृति की पुनर्प्रतिष्ठा और सनातन मूल्यों की रक्षा के लिए समर्पित रहा। उनके द्वारा काशी विश्वनाथ, द्वारका, अयोध्या, मथुरा सहित देशभर के प्रमुख तीर्थ स्थलों का पुनर्निर्माण और संरक्षण किया गया। उन्होंने कहा:

    “उस कालखंड में अहिल्याबाई होल्कर जी ने जिस दृढ़ता और नेतृत्व का परिचय दिया, वह आज भी प्रेरणा देता है।”

    प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सांस्कृतिक पुनर्जागरण

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण के अमृतकाल में प्रवेश कर चुका है। वर्षों तक उपेक्षित रहे गौरवशाली इतिहास और महान विभूतियों के योगदान को अब उचित स्थान मिल रहा है। उन्होंने राम मंदिर, केदारनाथ-बद्रीनाथ पुनर्निर्माण, महाकाल लोक, और विश्वनाथ कॉरिडोर जैसे कार्यों को इसका प्रमाण बताया।

    महिला सशक्तिकरण की दिशा में केंद्र व राज्य सरकारों की पहल

    मुख्यमंत्री धामी ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदमों — महिला आरक्षण बिल, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, उज्ज्वला योजना, लखपति दीदी योजना, और ट्रिपल तलाक जैसे कानूनों को देश में महिलाओं की स्थिति सुदृढ़ करने वाला बताया।

    राज्य सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि उत्तराखंड सरकार द्वारा 30% महिला आरक्षण, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना, वात्सल्य योजना, आंचल अमृत योजना और नारी सशक्तिकरण योजना जैसे कार्यक्रम प्रभावी ढंग से चलाए जा रहे हैं।

    राज्य की सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान के संरक्षण पर विशेष बल

    मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि उनकी सरकार लव जिहाद, लैंड जिहाद, धर्मांतरण, और दंगा फैलाने वाली मानसिकताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। दंगारोधी कानून और धर्मांतरण विरोधी कानून राज्य में लागू किए गए हैं ताकि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और डेमोग्राफिक संरचना सुरक्षित रह सके।

    भ्रष्टाचार के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति

    धामी ने राज्य में भ्रष्टाचार के विरुद्ध अपनाई गई ‘जीरो टॉलरेंस नीति’ पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज छोटे कर्मचारियों से लेकर बड़े अधिकारियों तक, हर किसी पर कार्रवाई हो रही है। हाल ही में हरिद्वार भूमि घोटाले में दो आईएएस और एक पीसीएस अधिकारी को निलंबित किया गया है।

    उपस्थित गणमान्य

    कार्यक्रम में आपदा प्रबंधन उपाध्यक्ष विनय कुमार रोहिला, राज्यमंत्री डॉ. जयपाल सिंह चौहान, विधायक आदेश चौहान, पूर्व मंत्री यतीश्वरानंद, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, प्रणव सिंह चैंपियन, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, एसपी प्रमेंद्र सिंह डोभाल, और अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण और धनगर समाज के हजारों लोग उपस्थित रहे।