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Thursday, December 8, 2022
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यस के बजाए नो कहने वाले अफसर वीआरएस ले :मुख्य सचिव

बदलती परिस्थितियों के हिसाब से हमें परिवर्तन लाने होंगे : मुख्य सचिव सकारात्मक दृष्टिकोण से काम करना होगा फिलहाल मुख्य सचिव का बयान अफसरों के बीच तेजी से वायरल हो गया है बयान के बाद अफसर लॉबी में जहां हड़कंप मचा हुआ है तो वहीं इस बयान के कई मायने भी निकाले जा रहे हैं उत्तराखंड में अफसर काम के बजाय उसे टालमटोल करने का अपना रुतबा नहीं छोड़ रहे और यह सत्य है कि ऐसे अफसर जो काम को लटकाने की कोशिश करते हैं.

उनकी वजह से उत्तराखंड के विकास में बाधक साबित होता है यह बातें मसूरी में उत्तराखंड के मुख्य सचिव एसएस संधू ने चिंतन शिविर के दौरान व्यक्त की उनकी बातें सोलह आने सच हैं और हकीकत भी यही है कि उत्तराखंड में ऐसे अफसर जो राज्य का विकास नहीं चाहते वह काम को लटकाने की कोशिश कर रहे हैं तो 2 कुल लफ्जों में मुख्य सचिव ने ऐसे अफसरों को नसीहत देते हुए कहा कि वह अपनी नौकरी छोड़कर कोई दूसरा काम कर ले.

देहरादून। सशक्त उत्तराखंड@25 चिंतन शिविर के उदघाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव डॉ एसएस संधू ने कहा कि आगामी तीन दिनों तक हम राज्य को लेकर महत्वपूर्ण मंथन करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमें मंथन केवल तीन दिन नहीं बल्कि समय-समय पर करते रहने चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया अब तेजी से बदल रही है। बदलती परिस्थितियों के हिसाब से हमें परिवर्तन लाने होंगे। पहले पंच वर्षीय योजना बनती थी लेकिन समय के साथ हमें इस मॉडल से बाहर आना पड़ा है। यही वजह है कि पंच वर्षीय कार्यक्रम की जगह नीति आयोग की जरूरत पड़ी है। उन्होंने कहा कि हमें नियमित चिंतन शिविरों की बहुत आवश्यकता है।

मुख्य सचिव ने कहा कि कई बार देखने में आता है कि अफसर फैसले लेने से डरते हैं और यस के बजाए नो कहने में अधिक दिलचस्पी लेते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी सोच रखने वाले नौकरशाहों को स्वैच्छिक रिटायरमेंट ले लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी काम के प्रति बेहद सकारात्मक हैं। अगर कोई शासनादेश या नियम किसी विकास योजना या अच्छे कार्य में आड़े आ रहा है तो उसको बदलना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारी आदेशों को आम भाषा उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति क़ानून को मिसयूज न कर पाए इस सोच के चलते 99 लोगों को फायदा न होने देने की सोच गलत है। उन्होंने कहा कि नौकरशाह एक मुद्दा रोज लें कर फिर उसको सुलझाएं। उन्होंने कहा कि कायर नौकरशाह ही ज्यादा आपत्ति लगाते हैं। किसी चीज पर फैसला न लेना जनता को परेशान करने के समान है।

मुख्य सचिव ने कहा कि पर्यटन, योगा, हाइड्रो पावर, हॉर्टिकल्चर वो तमाम क्षेत्र हैं जिनमें अभी बहुत कुछ करने की गुंजाइश है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण से लोग भाग रहे हैं। जिस तरह से सड़कों का जाल बिछ रहा है हम दिल्ली एनसीआर का हिस्सा होंगे। इस लिहाज से हमें अपने देहरादून व अन्य शहरों में सुविधाओं को विकसित करना होगा। उन्होंने कहा कि चिंतन हमें केवल तीन दिन नहीं बल्कि हर रोज करना है। उन्होंने कहा कि काम करने का एटीट्यूड बहुत महत्वपूर्ण है।

इस अवसर लाल बहादुर प्रशाशनिक अकादमी के निदेशक श्रीनिवास आर कतीकीथला ने अकादमी में चलाई जा रही गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने कहा कि आधी आबादी को ध्यान में रखकर हमें योजनाएं बनानी होंगी। उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण पर बल दिया और समाज में होने वाली घटनाओं के अनूरूप नीतियों को बनाने पर बल दिया। नियोजन सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने राज्य की अर्थव्यवस्था पर अपना प्रेजेंटेशन दिया। इस अवसर पर सभी वरिष्ठ अधिकारी गण उपस्थित रहे।

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