Google search engine
Monday, July 4, 2022
Google search engine
Homeराष्टीयशिखंडी को आगे कर प्रीतम सिंह की हत्या असंभव

शिखंडी को आगे कर प्रीतम सिंह की हत्या असंभव

शिखंडी को आगे कर प्रीतम सिंह की हत्या असंभव Preetam Singh Uttarakhand Congress देहरादून उत्तराखंड में आपसी लड़ाई से जूझ रही कांग्रेस विधानसभा चुनाव 2022 में गुटबाजी की आग में जलकर राज्य से ख़त्म होने की कगार पर पहुंच गयी है कांग्रेस के लिए एक ऐसे नेता को जिम्मेदार माना जा रहा है जो हमेशा बरगद का पेड़ कहा जाता है बरगद की खासियत रहती है वो अपने नीचे किसी भी पेड़ को पनपने नहीं देता उत्तराखंड में कांग्रेस नेता को दबी जुबान से बरगद की संज्ञा दी जा रही है।

कांग्रेस के पूर्व नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने भाजपा में जाने की अटकलों को खारिज करते हुए कहा उत्तराखंड में सोशल मीडिया का एक गुट उनको भाजपा में भेजे जाने के ठोस विहीन समाचार को वायरल करने का काम कर रहा है जबकि वो कांग्रेस को छोड़ कर कही नहीं जा रहे पिछले कुछ समय से उत्तराखंड में हार की जिम्मेदारी उनके ऊपर परोसी जा रही है। आपको बता दे सोशल मीडिया के ये महारथी अपने नेता का प्रचार करने में चरण भाट बनकर सामने आए है पिछले काफी समय से वो अपने नेता का बखान कर रहे है

उत्तराखंड में कांग्रेस को खत्म किये जाने के पीछे एक वर्ग हमेशा हरीश रावत को राज्य की कमान देने की पुरज़ोर वकालत करता रहा है हरीश रावत की सरकार के समय वही लोग आगे रहे जो हरदा के साथ थे जबकि जमीनी पकड़ वाले नेताओं को सरकार के दरबार में पीछे किया जाता रहा जिसका नतीजा रहा 2017 और फिर 2022 में कांग्रेस सत्ता से दूसरी बार पीछे रही आपसी लड़ाई के चलते उत्तराखंड में कांग्रेस का आगामी समय कैसे बदल पायेगा ये बड़ा सवाल है।

कांग्रेस के पूर्व नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने भाजपा में जाने की अटकलों को खारिज तो किया ही, साथ में इसके पीछे साजिश का अंदेशा भी जता दिया। आहत प्रीतम सिंह ने किसी का नाम तो नहीं लिया, लेकिन तल्खी के साथ कहा कि शिखंडी को आगे कर प्रीतम सिंह की हत्या नहीं की जा सकती।

सोमवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में पत्रकारों से वार्ता में प्रीतम सिंह ने उनके कांग्रेस छोड़ने की अटकलों को लेकर तीखे तेवर दिखाए। उन्होंने कहा कि पहले सतपाल महाराज और फिर 2016 में विजय बहुगुणा, हरक सिंह रावत, सुबोध उनियाल समेत कांग्रेस के कई साथियों के जाने से पार्टी को बड़ी क्षति हुई। इससे पार्टी को 2017 में हार का सामना करना पड़ा था।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments

error: Content is protected !!