विधायकों के खिलाफ एंटी इंकम्बैंसी

विधायकों के खिलाफ एंटी इंकम्बैंसी Mla Usnagar Anti Incumbency Groud Zero देहरादून उत्तराखंड विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा पूरी मुस्तैदी के साथ चुनावी मैदान में डट गई है। अब जबकि कभी भी चुनाव की घोषणा हो सकती है तो पार्टी भी नई रणनीति के साथ चुनाव अभियान को धार देने जा रही है। पार्टी का प्रयास है कि केंद्रीय मंत्रियों और राष्ट्रीय नेताओं के अधिक से अधिक कार्यक्रम राज्य में लगाए जाएं। इसके साथ ही विधानसभा क्षेत्र स्तर पर छोटी-छोटी सभाओं, नुक्कड़ सभाओं के अलावा घर-घर जनसंपर्क के लिए टोलियां तैयार की जा रही हैं।

उत्तराखंड में चुनावी आचार सहिंता का फैसला केंद्रीय चुनाव आयोग को लेना है पांच राज्यों में होने वाले चुनाव को लेकर जनवरी के दूसरे हफ्ते में कभी भी चुनावी डुगडुगी बज जाने की तैयारी देखी जा रही है राजनैतिक दलों की तरफ से मिले फीड बैक के आधार पर विधानसभा चुनाव समय पर करवाने के सकेत मिल रहे है ऐसे में उत्तराखंड बीजेपी भी पूरी तरह चुनावी मोड में नज़र आ रही है कमजोर सीट वाली विधानसभा वाली सीट पर बीजेपी अपनी प्लानिंग में जुटी हुई है।

उत्तराखंड में पहला हफ्ते में बीजेपी ने नए साल पर अपने बड़े नेताओं के कार्यकम राज्य में विधानसभा की ऐसी जगह पर लगाने के लिए रोड मैप तैयार किया है जो कमजोर सीट पर फोकस के रूप में नज़र आ रहा है राज्य में सत्ता में वापिसी के लिए जितनी कोशिश उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करते हुए नज़र आ रहे है बीजेपी में एक्टिव मोड पर हर ज़िले में पुष्कर सरकार ने अपनी सरकार की योजनाओं को धरताल पर उतार देने वाली कोशिश की है इसका लाभ बीजेपी को कितना कामयाबी दिला पाता है ये फैसला राज्य की जनता के पास मतदान के रूप में मौजूद है।

राजनैतिक नजरिया उत्तराखंड में अभी तक पुष्कर सरकार अपने पांच महीने के कार्यकाल में जनता के बीच लोकप्रिय मुख्यमंत्री के रूप में उभरे है खटीमा से लेकर पुरे ज़िले की सीटों पर विजय पताका का शखनाद करने की जिम्मेदारी भी पुष्कर सिंह धामी सहित बीजेपी संघटन को करनी है कुछ सीटों पर कमजोर कड़िया भी ज़िले की विधानसभा सीटों पर मौजूद है। बीजेपी के लिए ज़िले की कई सीट पर समीकरण पक्ष में नज़र नहीं आ रहा है।

जिसमे गदरपुर,रुदरपुर बाजपुर, नानकमत्ता, काशीपुर, किच्छा सीट शामिल बताई जा रही है इन सीट पर लोकल विधायकों के खिलाफ एंटी इंकम्बैंसी का असर साफ तरह से नज़र आ रहा है यहाँ पर अपनी राजनैतिक जमीन को बचाने के लिए कुछ नयी राजनैतिक पारी की तरफ ध्यान राजनैतिक दलों को देना पड़ेगा सिटिंग विधायकों के खिलाफ जिस तरह इन सीट पर विरोध नज़र आ रहा है वो अगले चुनाव 22 में एक बड़ा खतरा बना हुआ है जीत के लिए सरकार बनाए जाने का रास्ता यही विधानसभा सीट तय करेगी। राजनैतिक पडितो के अनुसार ज़िले में कांग्रेस के पक्ष में माहौल यहाँ पर मौजूद है लेकिन कांग्रेस आपसी गुटबाजी की आग में जल रही है।

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