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Thursday, July 7, 2022
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किच्छा में अजय पर डिपेंड विजय श्री

किच्छा में अजय पर डिपेंड विजय श्री Kiccha Vidhansabha 2022 Ajay Tiwari किच्छा उत्तराखंड में 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले किच्छा विधानसभा सीट पर समीकरण भगवा रंग के पक्ष में नजर नहीं आ रहा इसके पीछे समीकरण साफ है कि वर्तमान विधायक राजेश शुक्ला की छवि को लेकर किच्छा विधानसभा सीट में भाजपा नेताओं के सुर एक सुर में नजर नहीं आते सिटिंग विधायक राजेश शुक्ला का किच्छा विधानसभा में बड़े पैमाने पर विरोध नजर आ रहा है

इसकी बानगी कई मोर्चों पर साफ तरह से नजर आ चुकी है यहां से दावेदारी कर रहे ब्लाक प्रमुख पति विपिन जल्होत्रा चुनावी समर में हाथ आजमाने को तैयार बैठे हैं वो किच्छा विधानसभा सीट पर लगातार मेहनत करते हुए नजर आ रहे हैं वर्तमान में वह सांसद अजय भट्ट के प्रतिनिधि के रूप में भी मौजूद हैं ऐसे में टीचर सीट पर दावेदारी कर रहे विपिन की दावेदारी कितनी मजबूत संगठन स्तर पर रहने वाली है यह भी देखने वाली बात है

लेकिन अगर किच्छा विधानसभा सीट का समीकरण देखें तो 2017 के विधानसभा चुनाव में राजेश शुक्ला ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को चुनावी समर में हराकर अपनी राजनीतिक जमीन को मजबूत किया था लेकिन अब की इच्छा विधानसभा सीट पर तिलक राज बेहड़ के कांग्रेस से चुनाव लड़ने के बाद समीकरण बदला सा है किच्छा की राजनीतिक सियासत में तिलक राज बेहड़ अपने वजन को बढ़ाकर यहां पर दावेदारी ठोक रहे हैं हालांकि उनका विरोध कांग्रेस में ही बड़े पैमाने पर हो रहा है और 7 दावेदारों ने उनके खिलाफ ताल ठोकी हुई है ऐसे में उनको एक राय होकर मनाना भी तिलकराज बेहड़ के लिए काफी कठिन डगर माना जा रहा है

सातों दावेदारों का साफ कहना है कि वह स्थानीय नेता को 2022 के विधानसभा चुनाव में टिकट देने की मांग कांग्रेस संगठन से कर रहे हैं लेकिन उनकी मांग को नजरअंदाज अगर किया जाता है तो इसके परिणाम कांग्रेस को भुगतने होंगे किच्छा की राजनीतिक बिसात को अगर देखा जाए तो यहां पर हमेशा से ही टिकट स्थानीय नेता को दिए जाने पर वह जीत का परचम लहरा पाने में कामयाब रहा है ऐसे में सेटिंग विधायक राजेश शुक्ला के सामने मुश्किल यह खड़ी हुई है कि भाजपा के अंदर ही उनका जिस तरह से विरोध हो रहा है उसको देखते हुए संगठन भी काफी फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है

माना जा रहा है कि किच्छा में अगर भाजपा अपने समीकरण को बदलती है तो ऐसे में सिटिंग विधायक का टिकट काटकर किसको टिकट दिया जाएगा इस पर भी सस्पेंस बरकरार है इस सीट से दावेदारी में युवा नेता के रूप में अजय तिवारी भी उभर रहे हैं वह किच्छा विधानसभा सीट में पिछले 5 साल से लगातार मेहनत करते हुए नजर आ रहे हैं उनकी दावेदारी भाजपा ने मजबूत मानी जा रही है युवा चेहरे के दम पर भाजपा की किच्छा से अगर अजय तिवारी को चुनावी समर में उतारती है तो वह एक मजबूत स्थिति में भारतीय जनता पार्टी को लेकर खड़े रखने का दम भरते हैं

राजनीतिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यह समीकरण भी खुले तौर पर आसमान में तैर रहा है कि किच्छा से अजय तिवारी अगर चुनाव लड़ते हैं तो वह अगर भाजपा से टिकट नहीं मिला तो किसके पक्ष में माहौल बनाने में कामयाब रहेंगे राजनीतिक फिजा बताती है कि अगर की किच्छा से अगर अजय ने चुनाव लड़ने की ताल ठोकी तो इसका सीधा फायदा किच्छा विधानसभा सीट पर कांग्रेस को मिलना है माना जा रहा है मतलब साफ है कि यहां से तिलक राज बेहड़ अपना राजनीतिक किला मजबूत करने में कामयाब होंगे

2022 में कांग्रेस किच्छा सीट से चुनाव जीतने में कोई भी ताकत नहीं रोक सकती ऐसे में राजेश शुक्ला के सामने सबसे बड़ी मुश्किल यही आ खड़ी हुई है कि वह किस तरीके से नाराज बीजेपी नेताओं को मनाए अब देखना होगा राजनीतिक 2022 के समीकरण में किच्छा का रुझान किस तरफ नज़र आएगा या फिर तिलक राज बेहड़ अपने राजनीति को मजबूत करने में बाजी मारते हैं बरहाल जो भी हो फैसला राजनीतिक रूप से अब भाजपा संगठन को लेना है कि वह इस सीट को जीतने के लिए यहां पर किस मजबूत नेता को चुनावी समर में 2022 का अपना प्रत्याशी बनाती है

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