काशीपुर में बलराज बाली भी चुनाव लड़ने को बेक़रार

काशीपुर में बलराज बाली भी चुनाव लड़ने को बेक़रार Kashipur Vidhansabha Election 22 देहरादून / काशीपुर 2022 के विधानसभा चुनाव का रण सजने लगा है ऐसे में चुनाव लड़ने की दावेदारी करने वाले राजनैतिक दलों के नेताओं ने भी अपने-अपने आकाओं के पास चरण वंदना शुरू कर दी है अगर बात जनपद उधम सिंह नगर के ज़िले में विधानसभा सीटों की करें तो यहां पर भाजपा का परचम 2017 के विधानसभा चुनाव में एक इतिहास बनाता हुआ नजर आया था महज जसपुर विधानसभा को छोड़ कर यहाँ खटीमा तक बीजेपी विधायकों को जीत दिलाकर विधानसभा भेजा था

2022 के विधानसभा चुनाव में इसी इतिहास को कायम रखने की चुनौती भाजपा के सामने बनी हुई है हालांकि राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खटीमा विधानसभा सीट से दूसरी बार विधायक चुनकर विधानसभा तक पहुंचे हैं वर्तमान में वह राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में युवा नेतृत्व से भाजपा को फायदा पहुंचाते हुए नजर आ रहे हैं काशीपुर विधानसभा सीट जो अकाली दल के कोटे से हरभजन सिंह चीमा के पास थी वह 2022 के विधानसभा चुनाव में अपने बेटे के लिए टिकट की मांग कर रहे हैं।

यहां से भारतीय जनता पार्टी से चुनावी कदमताल करने वाले बाजपुर के भाजपा नेताओं में शुमार बलराज पासी अपनी चुनावी ताल ठोक चुके हैं बीते दिनों बलराज पासी ने काशीपुर में एक रोड शो के माध्यम से यहां चुनावी कदमताल की है काशीपुर विधानसभा सीट पर चुनाव का गणित किस करवट में बैठता है इसको लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेजी से उफान पर हैं सी ऍम पुष्कर सिंह धामी बीती पांच दिसंबर को काशीपुर विधानसभा सीट पर पहली बार आगमन करते हुए विकास कार्यो में शामिल हो चुके है।

आम आदमी पार्टी यहां पर दीपक बाली के माध्यम से 2022 में विधानसभा चुनाव लड़ने की कोशिश में जुटी है दीपक बाली को कई नेताओं का खास माना जाता है और वर्तमान में आम आदमी पार्टी काशीपुर विधानसभा सीट से दीपक बाली के माध्यम से वहां चुनावी समर में ताल ठोक रही है अगर हम बात भारतीय जनता पार्टी की करें तो यहां से दावेदारी कर रहे हैं बलराज पासी राम लहर के बाद अभी तक कोई भी विधानसभा का चुनाव नहीं लड़े हैं उनका यह राम लहर के बाद काशीपुर से पहला चुनाव हो सकता है जिसमें वह अपनी राजनीतिक जमीन को तैयार करने के लिए काशीपुर विधानसभा के अंदर इंट्री करते हुए नजर आए हैं।

बलराज पासी को वर्तमान में उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडे का राजनीतिक गुरु भी कहा जाता है काशीपुर विधानसभा सीट पर समीकरण को अपने पक्ष में करने के लिए भाजपा में दूसरे दावेदार भी ताल ठोक रहे हैं पुराने भाजपा नेताओं में राम मल्होत्रा और वर्तमान में मेहर उषा चौधरी भी यहां से चुनाव लड़ने की दावेदारों में शुमार बताई जाती है उषा चौधरी को नगर निगम के मेयर चुनाव में जीत दिलाने में पर्दे के पीछे से कई ऐसे साइलेंट नेताओं का साथ मिला हुआ है जो 2022 के मिशन को फतह करने के लिए चुनावी समर में जुटे हुए हैं।

ऐसे में बलराज पार्टी को यहां से भाजपा टिकट देकर क्या चुनाव मैदान में उतारेगी इसको लेकर भी संशय बना हुआ है उधम सिंह नगर काशीपुर विधानसभा सीट पर मुस्लिम मतदाता भी काफी संख्या में है वहां पर दूसरी जाति के वोटों का समीकरण भी 2022 के विधानसभा सीट में मजबूत आंकड़ा रखता है भाजपा को 2022 के विधानसभा चुनाव में काशीपुर की सीट को फिर से जीत की चौखट तक ले जाने के लिए कोशिश को अंजाम देना होगा।

ऐसे में संभावना तलाशी जा रही है कि यहां से किसी बड़े नेता को भी चुनावी समर में भारतीय जनता पार्टी उतार सकती है कांग्रेस में भी चर्चा है कि यहां से कांग्रेस किसी बड़े नेता को चुनावी समर में लाकर चुनाव लड़ने की कोशिश में जुटी हुई है अब देखना होगा काशीपुर विधानसभा सीट पर आखिर किस का राजनैतिक समीकरण 2022 में विधायक को चुनकर विधानसभा तक भेजता है हरीश रावत की नजरें भी इस सीट पर बनी हुई है वो यहाँ से कांग्रेस के पक्ष जीत की कोशिश में जुटे बताए जा रहे है।

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