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Monday, August 8, 2022
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आईएएस अफसर की मखमली आवाज से गुलजार हुआ हल्द्वानी

आईएएस अफसर की मखमली आवाज से गुलजार हुआ हल्द्वानी Ias Officer Ranbeer Singh Chouhan आईएएस अफसर की मखमली आवाज का पहला बार सार्वजनिक मंच पर जलवा देखने को मिला है अभी तक उनके गाने सिर्फ सोशल मीडिया पर चर्चित रहे है चकराता के रहने वाले आईएएस अफसर रणवीर चौहान संगीत के क्षेत्र में भी अपनी मखमली आवाज का जादू रखते हैं इसका दम सार्वजनिक मंच पर पहली बार देखने को मिला है हालांकि उनके कई वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चित रहे हैं हल्द्वानी के लिटरेचर फेस्टिवल में उनके एक गीत को लॉन्च भी किया गया यह पहला मौका था जब किसी आईएएस अफसर की आवाज में अब सार्वजनिक मंच पर इस गीत को सुना जा सकेगा

हल्द्वानी लिटरेचर फेस्टिवल के दूसरे और समापन के दिन देश की जाने मानी लोक गायिका पदमा श्री मालिनी अवस्थी ने कहा कि लोक कला संस्कृति और साहित्य को संजो के रखना जरूरी है।फेस्ट में आज कथाकार साहित्यकार उपन्यासकार एक मंच में दिखाई दिए।
हल्द्वानी लिटरेचर फेस्टिवल के अंतिम दिन जहां कौस्तुभ आनंद चंदोला की दो पुस्तकों का किया गया तो वही ऋचा अनिरुद्ध के कार्यक्रम में आईएएस रणवीर सिंह चौहान की किताबो की भी चर्चा हुई
हल्द्वानी के डीपीएस स्कूल में आयोजित हल्द्वानी लिटरेचर फेस्टिवल के सुबह प्रथम सत्र में गीतकार विजय अकेला और कवियत्री गौरी मिश्रा ने बॉलीवुड में साहित्य को लेकर विस्तार से चर्चा की। जिसके पश्चात चर्चा नई किताबों की सत्र में लेखक कौस्तुभ आनंद चंदोला अमृता पांडे दीपक उपाध्याय रंजना शाही ने नई किताबों पर चर्चा की साथ ही कौस्तुभ आनंद चंदोला की गर्म रेत और प्रेत मां किताब का विमोचन भी किया गया।
लिटरेचर फेस्टिवल के तीसरे सत्र में महिलाओं की रुचिकर साहित्य को लेकर प्रख्यात लेखक प्रीतपाल कौर सोनाली मिश्रा और सर्जना शर्मा में महिलाओं द्वारा लिखी गई उपन्यास और किताबों पर विस्तार से चर्चा की और महिलाओं के प्रति नजरिए को विस्तार से सुनाया।
वहीं चौथे सत्र में “बात किताबों की” में वरिष्ठ पत्रकार विजय त्रिवेदी,दूरदर्शन के वरिष्ठ एंकर अशोक श्रीवास्तव और वरिष्ठ पत्रकार अनुराग पुनेठा देश में चल रहे नैरेटिव सेट करने के एजेंडे पर विस्तार से चर्चा की।
जिसके पश्चात “जिंदगी विद ऋचा” में आईएएस अधिकारी लेखक रणवीर सिंह चौहान की किताबो पर दिलचस्प संवाद हुआ ,ऋचा अनिरुद्ध ने रणवीर चौहान की लिखी पुस्तक 84 आलमबाग और कुछ कहना था तुमसे, पर
बात की ।श्री चौहान के द्वारा गाया गीत भी इस अवसर पर लॉन्च किया गया।
अगले सत्र में चर्चा करते उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार की पुस्तक खाकी में इंसान पर अशोक कुमार से वरिष्ठ पत्रकार अनुराग पुनेठा के विस्तार से चर्चा की।ips अशोक कुमार ने विस्तार से बताया की उनके जीवन में कैसे कैसे केस सामने आए और उन्होंने पुलिस अधिकारी से पहले एक इंसान के रूप में मदद की।
प्रखर पत्रकारिता के 75 साल सत्र में पाञ्चजन्य के संपादक हितेश शंकर के साथ वरिष्ठ पत्रकार सतीश शर्मा ने विस्तार से पत्रकारिता के सामने चुनौती को लेकर कई प्रश्न किए जिसपर श्री शंकर ने कहा कि पाञ्चजन्य ही एक ऐसी पत्रिका है जोकि सच लिखने का साहस करती है।
जिसके पश्चात पद्मश्री मालिनी अवस्थी के साथ पाञ्चजन्य के संपादक हितेश शंकर द्वारा की गई चर्चा में न सिर्फ कला और साहित्य में बढ़ रही राजनीति को लेकर चर्चा हुई।श्रीमती अवस्थी ने कहा कि लोक कला संस्कृति और साहित्य को संजो के रखने की जरूरत है। मालिनी अवस्थी ने कई लोक गीत सुनाएं जिससे श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए।
अंत में मालिनी अवस्थी ने अपनी सुरीली आवाज में वंदे मातरम गीत गाकर हल्द्वानी लिटरेचर फेस्टिवल के समापन की घोषणा की।
अंत में कार्यक्रम के आयोजको में से पाञ्चजन्य के संवादाता दिनेश मानसेरा की तरफ से आभार प्रकट करते हुए सभी अतिथियों और कार्यक्रम में सहयोग करने वाली टीम का सम्मान किया

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