हरीश रावत की बेटी का कॉपी पैस्ट फार्मूला 28 तो दूर 8 भी जीत से दूर

हरीश रावत की बेटी का कॉपी पैस्ट फार्मूला 28 तो दूर 8 भी जीत से दूर Harish Rawat Doughter Copy Pest Farmula Hindi News Today News देहरादून उत्तराखंड में 2022 विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस चालिश प्रतिशत सीटों पर महिलाओं को टिकट देने की पैरवी में कई नेता सामने आ चुके है पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर ने भी इस मांग का समर्थन किया है पूर्व सी ऍम हरीश रावत की बेटी अनुपमा रावत ने भी महिलाओं को टिकट देने की पैरवी का समर्थन करते हुए सोशल मीडिया पर अपनी आवाज को बुलंद किया है।

उत्तराखंड में जीत की चौखट तक पहुंच रखने वाली महिलाओं की संख्या 28 तो दूर आठ भी नज़र नहीं आती वजह महिलाओं का जनता के बीच राजनैतिक वजन पूरी तरह गायब है। राज्य बनने के बाद आज तक विधानसभा के भीतर महिलाओं की संख्या दहाई के अंक तक नहीं पहुंच पाई है। मामला 6-7 महिला विधायकों तक ही सिमटा रहा है। इस बार क्या सूरत बदल पाएगी, इस पर सबकी निगाहें हैं।

महिलाओं को चालिश प्रतिशत सीटों पर टिकट देने की बात प्रियंका वाड्रा गाँधी ने उत्तर प्रदेश में की है जिसके बाद से लगातार उत्तराखंड में इस मांग को समर्थन मिला रहा है हर बार महिलाओं को टिकट देने की मांग पुरजोर तरह से की जाती है लेकिन उनको टिकट नहीं दिया जाता सख्या बल का आंकड़ा बताता है उत्तराखंड में पिछले वर्ष 2017 में महिलाओं को टिकट का बटवारा मजाक बनकर रहा गया था ऐसी महिलाये जो राजनीती में अपनी किस्मत आजमाने के लिए पार्टी का झंडा डंडा लेकर मेहनत करती है उनको कोई जगह माहि मिली।

उत्तराखंड में अगर बात की जाए तो यहाँ पर महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष सरिता आर्य नैनीताल से टिकट की दावेदारी कर रही है पार्टी उनको टिकट देगी इसकी भी कोई गारंटी नहीं है वो लगातार टिकट देने की पैरवी में उतरी हुई है यशपाल आर्य और संजीव आर्य के कांग्रेस में आने के बाद कांग्रेस संजीव आर्य पर नैनीताल से टिकट देने की कोशिश में जुटी हुई है लेकिन यहाँ पर महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष सरिता आर्य अपने लिए टिकट देने का दवाब बना रही है।

सरिता आर्य इससे पहली भी टिकट नहीं दिए जाने पर फैसला लेने की बात बोल चुकी है इस सीट पर बीजेपी से 2017 में संजीव आर्य को टिकट मिला था उस समय भी बीजेपी में संजीव आर्य का विरोध किया था यही कहानी इस सीट पर फिर से कांग्रेस में नज़र आ रही है अगर कांग्रेस में महिलाओं को चालिश प्रतिशत सीटों पर टिकट देने की बात प्रियंका वाड्रा गाँधी ने उत्तर प्रदेश में की है जिसका राज्य से कोई लेना देना है लेकिन कांग्रेस में इस मांग को राज्य में लागू किये जाने की पैरवी हो रही है।

उत्तराखंड में अगर इस मांग पर टिकट का बटवारा किया गया तो राज्य की 70 विधानसभा सीट में से 28 सीट महिला वर्ग को देनी होगी इतनी बड़ी संख्या में उत्तराखंड में महिला कांग्रेस के पास तो छोड़िये किसी भी राजनैतिक पार्टी के पास ऐसी महिलाये मौजूद नहीं जो चुनाव जीत पर विधानसभा तक पहुंच सके ऐसे में उत्तराखंड में महिलाओं को चालिश प्रतिशत सीटों पर टिकट देने की बात प्रियंका वाड्रा गाँधी ने उत्तर प्रदेश में तो राजनैतिक रूप से बलवान नज़र आती है लेकिन उत्तराखंड में ये बात बेमानी सी लगती है।

बरहाल उत्तराखंड में पूर्व सी ऍम हरीश रावत की बेटी अनुपमा रावत की डिमांड सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रही है राजनैतिक नजरिये वाले पंडितो का कहना है हरीश रावत की बेटी अनुपमा रावत ने पिता के आईडिया को कॉपी पेस्ट किया है जो राज्य में कभी भी पूरा नहीं किया जा सकता है महिलाओं को टिकट उसी हिसाब से दिए जायेगा जब वो जीत के लिए मजिल के करीब हो उत्तराखंड में महिलाओं की जीत का राजनैतिक सर्वे बताता है राजनैतिक पार्टिया 2022 में सिमित महिलाओं को टिकट देगी सिर्फ होर्डिंग पोस्टर वाली महिलाओं को टिकट देने के बजाए जमीनी ताकत वाली महिलाओं को प्रबल राजनैतिक समर्थन मिलता हुआ नज़र आएगा।

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