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Monday, July 4, 2022
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अविनाश का चक्रव्यूह क्या भेद पायेगा पांडेय किला

अविनाश का चक्रव्यूह क्या भेद पायेगा पांडेय किला Gadarpur Arvind Panday Avinash Sharma 2022 गदरपुर उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2022 को लेकर गदरपुर सीट पर मौजूदा विधायक अरविन्द पांडेय के पक्ष में हवा का रुख विपरीत दिशा में नज़र आ रहा है बंगाली वोटरों पर उनकी पकड़ महज कुछ लोगो को साथ में रखने के कारण छिटक सकता है 2017 के विधानसभा चुनाव में बंगाली वोटर ही पांडेय की जीत का बढ़ा आधार बने थे ऐसे में अगर बंगाली वोटर कांग्रेस की तरफ मूव करते है तो समीकरण बदल जाने का रास्ता पलट सकता है राजनैतिक फिजा में सवाल ये की क्या अविनाश का चक्रव्यूह पांडेय का अभेद किला भेद पायेगा।

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2022 को लेकर कांग्रेस के पास जीत का मास्टरमाइंड नेता फिलहाल ऐसी पोजीशन में नहीं नज़र आ रहा जो जीत के लिए कांग्रेस का विधायक विधानसभा तक पंहुचा सके गदरपुर सीट पर अगर बात की जाएं तो यहाँ से राजेंद्र पाल सिंह जो पहले चुनाव लड़कर हार का सामना कर चुके है वो आपकी पकड़ मजूबत करने में नगर के बीच उभर नहीं पाए है

प्रेमानन्द महाजन जो दो बार गदरपुर सीट से विधायक रह चुके है वो बंगाली वोटरों से पहली बार चुनाव जीते थे लेकिन गदरपुर विधानसभा के शहर में उनका विकास को लेकर कोई असर नज़र नहीं आया था जो एक बड़ी कमजोरी बना हुआ है 2017 के विधानसभा चुनाव में रुद्रपुर से चुनाव लड़ने के लिए जाना भी अपनी बड़ी भूल बना था अब एक बार फिर गदरपुर की जनता का विस्वास कायम रखने के लिए वो कोशिश में जुटे हुए है लेकिन बंगाली वोटरो में उनका भरोसा कम हुआ है।

युवा नेता सुमितर भुल्लर जो पहली बार अपनी राजनैतिक जमीन को तैयार करने के लिए जुटे हुए है लेकिन उनको अपनों से कड़ी टक्कर मिल रही है जो कांग्रेस के लिए बढ़ा खतरा है वो पहली बार युवा मोर्चा के अध्यक्ष के नाते अपनी दावेदारी को मजबूत मान रहे है राहुल गाँधी की गुड बुक में शामिल भुल्लर अभी तक गदरपुर के जमीनी नेताओं की परिक्रमा पूरी तरह से नहीं कर पाए है समय अधिक नहीं होने के कारण वो फिलहाल गदरपुर विधानसभा के दिनेशपुर के बंगाली वोटरो में पानी पकड़ बना पाने में जुटे हुए है।

महिला दावेदारों में प्रमुख रूप से शिल्पी अरोरा जो पहले भी चुनाव में ताल ठोक चुकी थी लेकिन किच्छा और गदरपुर में नामांकन के बाद हरीश रावत से उनका विरोध राजनैतिक सतह पर देखा गया था जिसके बाद शिल्पी अरोरा ने चुनाव नहीं लड़ा ऐसे में हरीश रावत चुनाव संचालन समिति के अध्यक्ष के रूप में उत्तराखंड में मौजूद है जो गदरपुर में किस पर अपना भरोसा कायम करेंगे ये भी बढ़ा सवाल खड़ा हुआ है।

यहाँ से चुनाव में दावेदारी करने वाली रीना कपूर कांग्रेस की महिला जिला अध्यक्ष के रूप में गदरपुर सीट से टिकट की डिमांड कर रही है वो हरीश रावत कैंप के करीबी लोगो में शुमार की जाती है रीना कपूर भी 2017 के विधानसभा चुनाव से कांग्रेस की टिकट की दावेदारी कर रही है हरीश रावत अपनी राजनैतिक ताकत से उनको अपनी पसंद के नेता को चुनाव लडवाने में माना सकते है।

बाजपुर से आकर चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर दावेदारी कर रहे अविनाश शर्मा भी हरीश रावत कैंप में मजबूत पकड़ रखते है वो अपनी पत्नी सुरेशी शर्मा के लिए दावेदारी करते हुए विधानसभा चुनाव में पिछले कुछ समय से जुटे हुए है अरविन्द पांडेय को टक्कर देने का वो दम रखते है बंगाली वोटरों से लेकर मुस्लिम वोटरों में उनकी पकड़ के लिए वो मजबूत नज़र आ रहे है राजनैतिक पंडितो के अनुसार गदरपुर सीट पर अविनाश शर्मा का दखल इस सीट को कब्जे में लेने के लिए बड़ी प्लानिंग का हिस्सा कांग्रेस के लिए हो सकता है।

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