देवस्थानम बोर्ड विपक्षी अंगीठी से मुद्दा लपकती सरकार

देवस्थानम बोर्ड विपक्षी अंगीठी से मुद्दा लपकती सरकार Devasthanam Board Drop Back Decision Uttarakhand देहरादून उत्तराखंड में लम्बे समय से विवादों का ताना बाना बुनता देवस्थानम बोर्ड अधिनियम वापस लेने का फैसला उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य सरकार को मिली रिपोर्ट के आधार पर लेने की बात कही है उत्तराखंड में पिछले दो सालो से विवाद का कारण बना देवस्थानम बोर्ड उत्तराखंड में राजनैतिक नजरिये से विधानसभा चुनाव 22 में बड़ी बाधा बना हुआ नज़र आ रहा था।

उत्तराखंड में देवस्थानम बोर्ड का फैसला कब और कैसे हुआ बता दें कि दो साल पहले 27 नवंबर को श्राइन बोर्ड के गठन का प्रस्ताव पारित हुआ था जिसका नाम बाद में देवस्थानम बोर्ड किया गया लगातार विरोध बढ़ता गया लेकिन तब सी ऍम रहे त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस बोर्ड के बारे में कहा था ये फैसला जनहित में लिया गया निर्णय है लगातार दो सालो से बोर्ड को खत्म किये जाने का दवाब सरकार पर था लेकिन पुष्कर सिंह धामी ने सरकार को मिली रिपोर्ट के आधार पर फैसला लेते हुए अधिनियम वापस लेने का फैसला किया है। फिलहाल ये मामला राजनैतिक 22 के चुनाव में विपक्ष के लिए एक उम्मीद था ।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा है आप सभी की भावनाओं, तीर्थपुरोहितों, हक-हकूकधारियों के सम्मान एवं चारधाम से जुड़े सभी लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए मनोहर कांत ध्यानी जी की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने देवस्थानम बोर्ड अधिनियम वापस लेने का फैसला किया है। दो साल पहले जिस बीजेपी सरकार के मुखिया ने फैसले को लेकर विवाद का कारण बनाया था पुष्कर सरकार ने चुनावी चौखट पर जाने से पहले मुद्दे को लपका कर उसे खत्म करने का काम कर दिया है ।

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