Google search engine
Monday, July 4, 2022
Google search engine
Homeउत्तराखंडपोस्टरबाज पैराशूट कांग्रेसी उम्मीदवारो की चरण वंदना

पोस्टरबाज पैराशूट कांग्रेसी उम्मीदवारो की चरण वंदना

पोस्टरबाज पैराशूट कांग्रेसी उम्मीदवारो की चरण वंदना Congress Posterbaaj 2022 देहरादून कांग्रेस में 2022 विधानसभा चुनाव को लेकर दावेदारों के कदम ताल देहरादून के कांग्रेस भवन में नज़र आने लगी है सोशल मीडिया में पोस्टरबाज कई नेता भी अपनी राजनैतिक दुकान चलाने के लिए नेताओं की चरण वंदना करते हुए देखे जा रहे है जमीनी हकीकत में भले ही वो चुनाव में जीत दर्ज़ करने का मादा नहीं रखते हो लेकिन नेताओं से मुलाकात के फोटो चर्चे में आकर उनकी विधानसभा में चटकारे लेकर पड़े जा रहे है।

उत्तराखंड में 2022 विधानसभा चुनाव को सबसे अधिक मारामारी टिकट को लेकर देहरादून में स्क्रनिंग कमेटी की बैठक में भी नज़र आई है एक विधानसभा सीट पर कई दावेदार अपनी टिकट पक्की होने का दावा अपने समर्थको से करते हुए नज़र आ रहे है कई दावेदार ऐसे भी जो जमीनी पकड़ विधानसभा में नहीं रखते जबकि वो पैराशूट उम्मीदवार के रूप में जाने जाते है लेकिन वो अपना टिकट पक्का बताकर पोस्टरबाजी में बखूबी नज़र आ रहे है।

2022 विधानसभा चुनाव को देहरादून में उमड़ा उम्मीदवारो का जमावड़ा कांग्रेस में आपसी गुटबाज़ी के रूप में भी साफ तरफ से नज़र आ रहा है अपने अपने पाले में विधानसभा सीट पर अपनी दावेदारी को मजबूत करने के लिए कांग्रेसी उम्मीदवार टिकट के लिए करते हुए देखे जा रहे है सबसे अधिक हरीश रावत कैंप में दावेदारी को लेकर आपसी भीड़ साफ तरह से नज़र आ रही है।

2017 के विधानसभा चुनाव में हरीश रावत को चुनाव हरवाने वाले कई नेता भी टिकट की दौड़ में अपने अपने राजनैतिक आकाओं के दरबार में दस्तक दे रहे है देखना होगा हरीश रावत अपने कितने राजनैतिक विरोधी कांग्रेसी नेताओं के टिकट कटवाना पाने में कामयाब हो पाते है क्योकि उन नेताओं को कांग्रेस के दूसरे नेताओं का समर्थन मिलता हुआ नज़र आ रहा है जो हरीश रावत से राजनैतिक दूरी बनाकर चल रहे है।

विधानसभा चुनाव 2022 में सजाने वाली राजनैतिक बिसात पर हरीश रावत अपने को जननायक घोषित करते हुए सोशल मीडिया पर उनसे जुड़ने की अपील कर चुके है उनके राजनैतिक विरोधी इस मुहीम की हवा निकाले जाने में कामयाब होने की जुगत में जुटे हुए है ऐसा कोई पहली बार नहीं हो रहा जब हरीश रावत अपने को नेता के रूप में तैयार करने के लिए चुनावी मैदान उतर रहे हो।

2017 में वो अपने को बड़ा नेता साबित करने में जुटे थे जिसका नतीजा रहा हरीश रावत को चुनाव में हार का स्वाद चखना पड़ा था आपसी गुटबाज़ी में कांग्रेस के कई नेता चुनाव हार गए थे राज्य में खत्म हो चुकी कांग्रेस को बचाने के लिए कुछ कांग्रेसी नेता लगे रहे लेकिन अब हरीश रावत का वजन बढ़ाये जाने के बाद ऐसे नेता उत्तराखंड में किसी भी कीमत पर हरीश रावत को कांग्रेस का खेवनहार बनाये जाने के पक्ष में नहीं है हालकि हरदा का ग्राफ ऊंचा करने में जुटे कुछ लोग परदे के पीछे से बैटिंग करते हुए भी नज़र आ रहे है ये वही लोग है जो हरीश रावत की सरकार के समय सत्ता का जमकर दखल रखा करते थे बरहाल सोशल मीडिया में पोस्टरबाज कांग्रेसी नेताओं की कांग्रेस भवन में दस्तक नज़र आई है जिसने कांग्रेस भवन को गुलजार कर दिया है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments

error: Content is protected !!