तराई के शेर का चक्रव्यूह पंच प्यारे एक जुट

तराई के शेर का चक्रव्यूह पंच प्यारे एक जुट Congress 2022 Vidhansabha Election गदरपुर विधानसभा चुनाव 2022 में टिकट किसको मिलेगा इसको लेकर बड़ा सवाल खड़ा होता हुआ नज़र आ रहा है कांग्रेस से करीब एक दर्जन दावेदार गदरपुर सीट पर चुनावी ताल ठोक रहे है नए साल में नया गुल इस सीट पर खिलता हुआ नज़र आएगा वजह इस सीट पर कांग्रेस में आपसी विवाद का बड़ा कारण पटाने के लिए यहाँ पर समीकरण अपने पक्ष में करने को कहा गया है गोपनीय खबर है गदरपुर सीट पर युवा दावेदार को टिकट नहीं देने के लिए पंच प्यारे एक जुट हुए है आग में घी का काम पांच लोगो के एक दावेदार के खिलाफ एक जुट होने वाले पत्र की चर्चा है

गदरपुर विधानसभा चुनाव 2022 को अपने पक्ष में करने के लिए सत्ता पक्ष के अरविन्द पांडेय ने अपनी राजनैतिक जमीन पर फसल बौने वालो के लिए बड़ी कोशिश करते हुए समीकरण बनाया है लेकिन अपनों से वो मात खाने का आभास पहले ही कर चुके है बाजपुर में इसका ट्रायल देखा जा चूका है गदरपुर में अरविन्द पांडेय के राजनैतिक किले को गिराने के लिए कांग्रेस में तराई के शेर ने भी अपना चक्रव्यूह तैयार कर लिया है

गदरपुर सीट पर इस बार शिक्षा मंत्री अरविन्द पांडेय के सामने अपनी सीट को बचाने की कोशिश को बीजेपी कितनी मजबूती से खड़ी रहेगी ये भी देखना होगा कहा जाता है शिक्षा मंत्री कभी भी चुनाव नहीं जीतते आए है ऐसे में इस मिथक को तोड़ने के लिए इस बार गदरपुर सीट पर राजनैतिक लड़ाई देखने लायक बनी हुई है चुनाव 22 में अगर शिक्षा मंत्री अपनी राजनैतिक हार को बचाने में कायमाब रहते है तो वो का नया मिथक बनाने वाले राजनैतिक चाणक्यं बन सकते है

गदरपुर सीट पर विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए कांग्रेस के पास दावेदारों के रूप में मजबूत पैरवी के रूप में युवा दावेदार सुमित्तर भुल्लर,बंगाली वोटरों का दम भरने वाले प्रेमानन्द महाजन,बाजपुर के मजूबत दावेदार जो अपना राजनैतिक समीकरण तेजी से बदल रहे है अविनाश शर्मा जो अपनी पत्नी सुरेशी शर्मा के लिए कांग्रेस को गदरपुर में अपने पक्ष में करने में जुटे हुए है ऐसा माना जा रहा है बीजेपी के कद्दावर नेता अरविन्द पांडेय को राजनैतिक टक्कर देने के लिए सबसे मजबूत दावेदार के रूप में सामने आ रहे है गदरपुर विधानसभा सीट पर कांग्रेस के बाकि दावेदार सीरियस रूप में चुनावी ताल ठोकते हुए नज़र नहीं आ रहे है

गदरपुर सीट पर कांग्रेस के बाकि दावेदार जिसमे शिल्पी अरोरा, रीना कपूर जिनमे आपसी विवाद भी गूलरभोज महिला नगर अध्यक्ष नजमा बेगम द्वारा पद छोड़े जाने को लेकर समाने आ चूका है दोनों पक्षों के पास अपनी अपनी राजनैतिक पॉवर मौजूद रहती है जिसके बूते बड़े नेताओं तक संपर्क है बाकि दावेदार जिसमे राजेंदर पाल सिंह जो चुनाव हार भी चुके है उनका सहयोग युवा दावेदार की तरफ होने की चर्चा भी तेजी से नगर में हो रही है कांग्रेस के पास इस सीट पर इतने दावेदार वर्तमान समय में मौजूद है जो आसानी से एक दूसरे का राजनैतिक नुकसान करने का मन बनाकर बैठे हुए है ऐसे समीकरण को पटाने के लिए कांग्रेस को सामूहिक कोशिश करने की जरुरत है तभी इस सीट पर वर्षो से हारती कांग्रेस को संजीवनी मिल सकती है

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