सीएम ने किया पोखरी मेले को राजकीय मेला घोषित

सीएम ने किया पोखरी मेले को राजकीय मेला घोषित Cm Pushkar Singh Dhami Rajkiya Mela Pokhari सीएम पुष्कर सिंह धामी ने पोखरी में हिमवंत कवि चन्द्रकुंवर बर्त्वाल खादी ग्रामोद्योग एवं पर्यटन शरदोत्सव मेले का शुभारम्भ किया पोखरी में 97.30 लाख लागत से निर्मित पर्यटक आवास गृह का लोकार्पण करते हुए पोखरी मेले को राजकीय मेला घोषित किया

पोखरी में हिमवंत कवि चन्द्रकुंवर बर्त्वाल खादी ग्रामोद्योग एवं पर्यटन शरदोत्सव मेले का रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ आगाज हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पोखरी नगर पंचायत द्वारा आयोजित इस पांच दिवसीय मेले का उद्घाटन किया। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक महेन्द्र प्रसाद भट्ट, जिप अध्यक्ष रघुवीर सिंह बिष्ट, नगर पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मी प्रसाद पंत, कॉपरेटिव बैंक अध्यक्ष गजेंद्र सिंह बिष्ट एवं वरिष्ठ क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री के पोखरी पहुंचने पर क्षेत्रवासियों ने उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पोखरी में 97.30 लाख लागत से निर्मित पर्यटक आवास गृह का लोकार्पण करने के साथ ही पोखरी मेले को राजकीय मेला घोषित करते हुए इस वर्ष 2 लाख की राशि देने और क्षेत्र के विकास के लिए विभिन्न विकास योजनाओं की घोषणाएं भी की। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बेनीताल में 7 दिसंबर की सांय से आयोजित होने वाले तीन दिवसीय स्टार गेजिंग व एस्ट्रो फोटोग्राफी इवेंट का उद्घाटन भी किया। मेले में खादी, उद्योग एवं अन्य विभागों के स्टॉल, चर्खी, बच्चों के झूले, सर्कस, खेलकूद व सांस्कृतिक कार्यक्रमों सहित अनेक मनोरंजक गतिविधियां सहसा ही लोगों को आकर्षित कर रही है।

मुख्यमंत्री ने मेलार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रकृति के चितेरे कवि चन्द्र कुंवर बर्त्वाल ने मात्र 28 साल की उम्र में हिंदी साहित्य को अनमोल कविताओं का समृद्ध खजाना दे दिया था। उनकी कविताओं में अटूट प्रकृति प्रेम झलकता है। जीवन के इस छोटे सफर में उन्होंने सात सौ से भी ऊपर कविताएं, गीत, मुक्तक, निबंध आदि लिखकर एक इतिहास रचा है। काफल पाक्यों के अमर गायक चन्द्र कुंवर बर्त्वाल ने अपनी कालजयी कविताओं में हिमालय का जीवन साकार किया है।

हिमाच्छादित शैल शिखर, सदानीरा कल कल करती नदियां, लंबे चौड़े लहलहाते चारागाह, दूर दूर तक फैले चीड, बांज, बुरांश, देवदार के घने जंगल, रंग बिरंगे फूलों से लदालद भरी घाटियां, पशु पक्षी, ऋतुओं का पट-परिवर्तन, घन गर्जन सभी का चमत्कारिक चित्रण उनकी कविताओं में मिलता है।

error: Content is protected !!