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Thursday, December 8, 2022
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मंसूरी चिंतन शिविर में परिवहन मंत्री चंदन राम दास का चिंतन

मंसूरी चिंतन शिविर में परिवहन मंत्री चंदन राम दास का चिंतन

कैबिनेट मंत्री चंदन राम दास जी ने गुरुवार को लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी, मसूरी में  सशक्त उत्तराखंड@25 चिंतन शिविर में प्रतिभाग किया। अपने विभाग की योजनाओं से लेकर विभाग में भविष्य की क्या क्या प्लानिंग की जा रही है चिंतन शिविर में फीडबैक रखते हुए नए संकल्प को कैसे पूरा किया जाए ये सुझाव भी प्रकट किए गए है.

परिवहन मंत्री ने चिंतन शिविर के तीसरे दिन चर्चा के दौरान अपने विभागों के रोडमैप बताते हुए कहा कि हमारा राज्य पर्यटन एवं तीर्थाटन की अपार सम्भावनाओ से परिपूर्ण है, प्रदेश का सड़क परिवहन ही यातायात का मुख्य साधन है।। राज्य का अधिकतर भू-भाग पर्वतीय होने के कारण यहां यात्रियों को सुगम एवं सुरक्षित परिवहन उपलब्ध कराना हमारा उद्देश्य है। राज्य गठन के समय विभाग की राजस्व प्राप्तियां 56.02 करोड़ थी, जिसमे वृद्धि का प्रयास करते हुए वित्तीय वर्ष 2021-22 में 861.10करोड़ राजस्व की प्राप्ति थी, चालू वितीय वर्ष के दौरान माह अक्टूबर तक रुपए 658.36 करोड़ राजस्व की प्राप्ति हुई है। जनता को विभागीय सुविधाएं पारदर्शी व त्वरित रूप से प्रदान करने के लिए 30 सेवाओ को ऑनलाइन की व्यवस्था की गयी है।

प्रदेश में परिवहन निगम 919 निगम बसें तथा 337 अनुबंधित बसें अर्थात कुल 1256 बसें परिवहन निगम के बस बेड़े में शामिल है, जिसमे 1174 साधारण बसें, 51 वॉल्वो बसे एवं 5 इलेक्ट्रानिक वोल्वो बसें तथा 26 ए0सी0 जनरथ बसे है, परिवहन निगम ने माह अप्रैल 2022 से अक्टूबर 2022 तक परिवहन नपरिवहन निगम की कुल आय रु0 415.75 करोड़ की आय अर्जित की है, परिवहन निगम को माह अक्टूबर 2022 तक रु0 17.22 करोड़ का लाभ मिला है। प्रदेश के कार्यशालाओं बस स्टेशनों को आधुनिक किये जाने की कार्यवाही गतिमान है।परिवहन निगम 2025 तक प्रदूषण मुक्त सी0एन0जी0 बसों एवं इलेक्ट्रॉनिक बसों को बेड़े में शामिल कर बस बेड़े में वृद्धि करेगी, निगम के स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त किया जाना, ताकि राज्य में पर्यटक एवं यात्रियों को अधिक से अधिक सुविधाएं प्राप्त हो सके।

समाज कल्याण विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता अनुसूचित जाति, दिव्यांग एवं पिछड़ी जाति के लोगो को गुणवत्तापरक शैक्षिक सुविधा उपलब्ध कराकर उनके शैक्षिक स्तर में गुणात्मक सुधार लाकर समाज मे व्याप्त सामाजिक एवं आर्थिक असमानता को दूर कर समाज के सामान्य वर्ग की बराबरी के स्तर पर लाना है। समाज कल्याण के माध्यम से विभिन्न योजनाओं से इन वर्गों के परिवारों में सुधार लाने का प्रयास किह जा रहा है। समाज कल्याण के द्वारा पति-पत्नी दोनों को वृद्धावस्था पेंशन देना, दिव्यांग व विधवा पेंशन को समय पर प्रदान किया जा रहा है।

मंसूरी चिंतन शिविर में परिवहन मंत्री चंदन राम दास का चिंतन

अल्पसंख्यक वर्गों एवं अनुसूचित जनजातियों की सामाजिक एवं आर्थिक पृष्टभूमि को परिप्रेक्षय में उनकी विशिष्ट समस्याओ के निराकरण करने एवं उनका समाजिक, शैक्षिक एवं आर्थिक विकास करते हुए उनको राष्ट्र एवं समाज की मुख्य धारा में लाने हेतु अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है। समाज कल्याण 2025 तक प्रदेश में मानसिक रूप से दिव्यांग हेतु पुनर्वास गृह का निर्माण कराकर संचालन किया जाएगा, वृद्धाजनों की देखभाल, सुरक्षा भोजन एवं स्वास्थ्य आदि के निमित्त राजकीय वृद्ध एवं अशक्त आवास का निर्माण देहरादून में करेगी। दिव्यांगजनों के UDID कार्ड बना कर उन्हें लाभ दिया जाएगा।।

उद्योग करने से ही सिद्धि मिलती है, इस रूप में सूक्ष्म एवं लघु उद्योग के उद्यम से ही आत्मनिर्भर उत्तराखंड को बल मिलेगा। इस सेक्टर के माध्यम से एक लाख से अधिक इकाइयां कार्यरत है, जिससे चार लाख लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे है, उत्तराखण्ड में मा0 प्रधानमंत्री जी के मंत्र वोकल फ़ॉर लोकल, लोकल फ़ॉर वोकल ग्लोबल थीम के अन्तर्गत राज्य के ऑर्गेनिक उत्पाद एवं परम्परागत शिल्प उत्पादो के विकास एवं विपणन के निरंतर प्रयासरत है। स्टार्टअप नीति के अंतर्गत राज्य में 139 स्टार्टअप को मान्यता प्रदान की जा चुकी है ,तथा 33 स्टार्ट अप को वित्तीय प्रोत्साहन भी उपलब्ध कराया जा चुका है।

मंसूरी चिंतन शिविर में परिवहन मंत्री चंदन राम दास का चिंतन

प्रदेश में कोरोन काल मे राज्य के लोगो को आजीविका उपलब्ध कराने एवं राज्य में वापस आये लोगो के लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना आरम्भ की गई जिससे 10 हजार से अधिक लोगो को स्वरोजगर हेतु बैंक के माध्यम से वित्तीय सहायता उपब्ध कराया गया है, जिससे राज्य सरकार द्वारा सब्सिडी के रूप मे रु0 100 करोड़ उपलब्ध कराए गए। लोगो की आर्थिकी को मजबूत करने के उद्देश्य से एक जनपद दो उत्पाद योजना लागू को गई है, प्रदेश सरकार द्वारा इन उत्पादों से जुड़े सभी किसानों, काश्तकारों एवं शिल्पियों को 50 प्रतिशत तक सीधे आर्थिक सहायता विभिन्न सब्सिडी के रूप में उपब्ध कराएगी। राज्य के 5 हथकरघा/हस्तशिल्प उत्पादों को जियोग्राफिकल इंडिकेशन प्रदान किया गए है, भविष्य में 5 अन्य ओर उत्पादों को जी0आई0 टैग प्रदान किया जाएंगे।

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