चम्पावत उपचुनाव कांग्रेसी बूथों पर कार्यकर्ताओं का टोटा

चम्पावत उपचुनाव कांग्रेसी बूथों पर कार्यकर्ताओं का टोटा Champawat By Election 2022 चम्पावत उपचुनाव में कांग्रेस आपसी लड़ाई में उलझ कर चम्पावत में अपना राजनैतिक बूथ पर भी खोती हुई नज़र आ रही है कांग्रेस को कई बूथ पर अपना एजेंट नहीं मिल रहे है राजनैतिक पंडितो के अनुसार कांग्रेस के ये हालात आपसी लड़ाई के चलते बने है जबकि राज्य के युवा सी ऍम पुष्कर सिंह धामी के पक्ष में उनका मिलनसार व्यवहार जनता को पसंद आ रहा है जिसके कारण उपचुनाव में माहौल भाजपा के पक्ष में देखा जा रहा है वैसे भी यहाँ की जनता विधायक बनाकर अपने राज्य के युवा सी ऍम पुष्कर सिंह धामी के लिए तैयार देखी जा रही है

चम्पावत उपचुनाव में बीजेपी ने जिस तरह से बूथ पर अपना मजबूत पकड़ वाला फार्मूला तैयार किया है उसके बूते कई बूथ पर एक तरफा माहोल बीजेपी के पक्ष में बना हुआ है बीजेपी के अपने बूथ पर कार्यकर्ताओं से लेकर पब्लिक तक पहुंच आसानी से बना ली है जबकि कांग्रेस अभी अपनी बूथ टीम में कार्यकर्ता खोज रही है जो कांग्रेस में अपनी कलाई को खोल रहा है नामांकन में कांग्रेस प्रत्याशी को सपोर्ट करने के लिए प्रीतम सिंह हरीश रावत दूरी बना कर रहे जिसके कारण कांग्रेस में आपसी लड़ाई की आग को हवा दे दी है

चम्पावत उपचुनाव में अगर विधानसभा की बात करे तो व्यवहार के मामले पर कांग्रेस प्रत्याशी निर्मला गहतोड़ी का रवैया कांग्रेस के लोकल कार्यकर्ता पसंद नहीं करते जिसके कारण कांग्रेस को लोकल वर्कर को अपने पास विधानसभा चुनाव तक पकड़ कर रखने की चूनौती भी बड़ा सवाल खड़ा कर रही है कांग्रेस की हालत बिना कार्यकर्ता के उपचुनाव में किस तरह होगी इसको आसानी से समझा जा सकता है हलाकि कांग्रेस के पास महिला दावेदार को उतारे जाने की मज़बूरी थी

यहाँ से पुरुष दावेदार हेमेश खर्कवाल पहले ही मैदान छोड़ कर चुनाव नहीं लड़ने का मन बना चुके थे वो दो बार इसी विधानसभा से बीजेपी के हाथो लगातार चुनाव हार चुके थे ऐसे में तीसरी बार उपचुनाव को लेकर राज्य के युवा मुखिया के सामने चुनाव लड़ने की हिम्मत वो नहीं कर सके इसके पीछे कुछ राजनैतिक मज़बूरी भी देखी जा रही है चम्पावत उपचुनाव में कांग्रेस महज अचार सहिता के उलघन का ढोल पीट रही है हकीकत में यहाँ राजनैतिक जमीं पर फसल के लिए कांग्रेस फिस्सडी देखी जा रही है

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