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Thursday, July 7, 2022
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विधायक बनोगे तब जब मिलेगा बंगाली वोट

विधायक बनोगे तब जब मिलेगा बंगाली वोट Bangali Voters Winning Factor Role Play देहरादून विधानसभा चुनाव-2022 में बंगाली वोटर ज़िले की कई सीट पर बड़ा फैक्टर के रूप में सियासत के विधानसभा की चौखट तक इनका दखल रहने वाला है उत्तराखंड में सितारगंज, गदरपुर दिनेशपुर सीट पर बड़ी सख्या में बंगाली वोटरो की संख्या मौजूद है ये वही वोटर है जो जीत का रास्ता तय करते है दोनों सीट बिना बंगाली वोटरो के जीत पाना आसान नहीं बड़ी सख्या में ज़िले की विधानसभा सीटों पर बनगली वोटर एक बड़ा फैक्टर के रूप में सामने है।

विधानसभा चुनाव-2022 को देखते हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने दो दिवसीय दौरे में पार्टी की तैयारियों को परखा। साथ ही ऊधम सिंह नगर में बंगाली समुदाय के लोगों को साधने का भी काम किया। नड्डा ने कहा कि पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार चरम पर है। टीएमसी के नेता भ्रष्टाचार कर रहे हैं। वहां के हालात कोई ठीक करेगा तो प्रजातांत्रिक तरीके से भाजपा ही करेगी। पहले उत्तराखंड में धामी सरकार बनाओ फिर मिलकर बंगाल पर जीत हासिल करेंगे।

उधम सिंह नगर में 2017 का विधानसभा चुनाव बीजेपी ने प्रचंड सीटों से जीता था इस ज़िले में जशपुर एक ऐसी सीट थी जो कांग्रेस के पास रही बाकि सभी सीट पर काशीपुर से लेकर खटीमा तक कमल खिल गया था ऐसा राजनैतिक इतिहास में कभी नहीं हुआ जब बीजेपी पुरे ज़िले में कांग्रेस को क्लीन स्वीप करती हुई नज़र आई हो वो भी तब जब मुख्यमंत्री हरीश रावत किच्छा से चुनाव लड़े थे जो बुरी तरह हार गए थे।

सितारगंज सीट में शक्तिफार्म का एरिया बंगाली वोटरो से भरा हुआ है यहाँ पर जीत का परचम यही तय करते है विजय बहुगुणा को विधानसभा तक पहुंचाने वाले किरण मंडल भले ही राजनैतिक रूप से पूरी तरह अपना वजूद कायम रख पाने में विफल रहे हो लेकिन यहाँ पर आज भी बहुगुणा की राजनैतिक विरासत को उनके बेटे सौरभ बहुगुणा बीजेपी के टिकट से विधायक के रूप में आगे बड़ा रहे है जो सिर्फ बंगाली वोटरो के बूते संभव हो पाया है।

गदरपुर दिनेशपुर सीट में बंगाली वोटर यहाँ से अरविन्द पाण्डेय का राजनैतिक किला मजबूत रखने में भी भूमिका निभा चुके है बाजपुर से कभी वो विधायक रहते थे लेकिन राजनैतिक समीकरण बदला तो अरविन्द पाण्डेय ने भी अपनी विधानसभा बदल कर गदरपुर की तरफ रुख कर लिया वो बंगाली वोटरो के सहारे आज भी विधायक रहते हुए बीजेपी सरकार में शिक्षा मंत्री के रूप में काम कर रहे है बंगाली वोटरो का राजनैतिक सीढी तक पहुंच बनाना कोई बड़ी बात नहीं पहली बार एक तरफ जीत दिलाने में बंगाली वोटरो का काफी रोल रहा है प्रेमानंद महाजन दो बार इसी विधानसभा सीट से विधायक रहे है।

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