Monday, March 4, 2024
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नकलरोधी कानून लागू उत्तराखंड बना पहला राज्य गवर्नर की मंजूरी जज की निगरानी में होगी पटवारी भर्ती परीक्षा की जांच

नकलरोधी कानून लागू उत्तराखंड बना पहला राज्य गवर्नर की मंजूरी जज की निगरानी में होगी पटवारी भर्ती परीक्षा की जांच 12 फरवरी रविवार होने जा रही पटवारी-लेखपाल परीक्षा व अन्य सभी भर्ती परीक्षाएं नए कानून के तहत ही आयोजित होने जा रही है।

 

शुक्रवार शाम सरकार ने जारी बयान में कहा कि बेरोजगार संघ की मांगों पर सहमति बन गई है।बेरोजगार संघ की सभी मांगों पर गंभीरता से विचार करने के बाद राज्य सरकार ने फैसला किया है कि पटवारी भर्ती पेपर लीक की एसआईटी जांच हाईकोर्ट के जज की निगरानी में कराई जाएगी। उधर, राज्यपाल ले.ज. गुरमीत सिंह (सेनि.) ने नकलरोधी कानून के अध्यादेश को मंजूरी दे दी है। इसी के साथ यह कानून पूरे प्रदेश में लागू हो गया।

 

12 फरवरी को होने जा रही पटवारी-लेखपाल परीक्षा व अन्य सभी भर्ती परीक्षाएं नए कानून के तहत ही आयोजित होंगी। देर शाम सरकार ने जारी बयान में कहा कि बेरोजगार संघ की मांगों पर सहमति बन गई है। सरकार ने कहा सीबीआई जांच की मांग को उत्तराखंड हाईकोर्ट अस्वीकार कर चुका है।

हाईकोर्ट कह चुका है कि जांच सही दिशा में चल रही है, इसलिए इस प्रकरण की सीबीआई जांच नहीं कराई जा सकती। कहा गया कि आंदोलनकारी युवाओं की मांग थी कि पटवारी भर्ती का प्रश्नपत्र बदला जाए। आयोग पहले ही पुराने प्रश्नपत्र रद्द कर नए प्रश्नपत्र तैयार कर चुका है। नकलरोधी कानून भी लागू हो गया है और परीक्षा नियंत्रक को भी हटाया जा चुका है। इसलिए अब आंदोलन का कोई औचित्य नहीं।

 

अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी से शुक्रवार को सचिवालय में उत्तराखण्ड बेरोजगार संघ के सदस्यों ने भेंट की। बेरोजगार संघ के सदस्यों ने अपर मुख्य सचिव श्रीमती रतूड़ी को अपने मुद्दों से अवगत कराया। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि बेराजगार संघ द्वारा रखे गये मुद्दों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि युवा अपनी बात शांतिपूर्वक तरीके से रखें। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि बिल्कुल निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से भर्ती परीक्षाएं आयोजित की जाए। इसी उद्देश्य से उत्तराखण्ड में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लाया गया है।

गत दिवस उत्तराखण्ड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम व निवारण के उपाय) अध्यादेश -2023 के प्रख्यापन हेतु मुख्यमंत्री द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया है। इतना सख्त कानून बनाने का उद्देश्य है कि राज्य के युवाओं का भविष्य उज्ज्वल रहे। युवाओं को अपनी मेरिट के आधार पर नौकरी मिलें। देश में इतना सख्त कानून किसी भी अन्य राज्य में नही है। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि गत एक वर्ष से परीक्षाओं में धांधली से सम्बन्धित शिकायतों पर पूरी निष्पक्षता से जांच हुई है। जांच के परिणामस्वरूप कई दोषी जेल की सलाखों के पीछे हैं। सरकार ने अत्यन्त त्वरित कार्यवाही की है। बहुत सख्ती से जांच हुई है। भर्ती परीक्षाओं में अनुचित कार्य करने की मंशा रखने वाले लोगों के लिए एक कड़ा संदेश गया है।

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