विज्ञान भवन में आयोजित हुआ समाज कल्याण सम्मेलन

0
791

विज्ञान भवन में आयोजित हुआ समाज कल्याण सम्मेलन
नई दिल्ली उत्तराखण्ड के चिकित्साए स्वास्थ्य परिवार कल्याणए आयुष शिक्षाए समाज कल्याण मंत्री सुरेन्द्र सिंह नेगी ने आज दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिकता मंत्रालय की ओर से आयोजित राज्यों के सामाजिक कल्याण मंत्रियों और सचिवों के सम्मेलन में प्रतिभाग किया। उक्त बैठक में सुरेन्द्र सिंह नेगी ने गढ़वाल मण्डल और कुमाॅऊ मण्डल में दिव्यांगजनों के शैक्षिणक उन्नयन के लिए केन्द्र सरकार से आई0टी0आई0 जैसे शैिक्षणक संस्थानों की मांग की। उन्होंने कहा दिव्यांगजनों के लिए चलाई जा रही सुगम्य भारत अभियान के सफलता के लिए केन्द्र सरकार को राज्य सरकारों के ढांचागत विकास के लिए पर्याप्त फंडिंग की व्यवस्था किये जाने की मांग की साथ ही कौशल विकास एवं आमजन में जागरूकता पैदा करने के लिए भी एक विशेष योजना के साथ इसके लिए केन्द्र सरकार द्वारा फंडिंग की जानी चाहिए। उन्होंनें कहा कि विकलांग एवं अन्य पेंशनरों के लिए वर्तमान आय सीमा केन्द्र सरकार द्वारा तय की गयी है। उन्होनंें मांग की कि वर्तमान आय सीमा को मंहगाई के इस दौर में बढाया जाना चाहिए। उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय राज्यों की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए उत्तराखण्ड एवं अन्य पर्वतीय प्रदेशों के मानकों में शिथिलता प्रदान करते हुए विशेष पैकेज दिये जाने की मांग की जिससे दिव्यागंजनों के जीवन स्तर में सुधार लाया जा सके। श्री नेेगी ने सुझाव देते हुये कहा कि मा0 प्रधानमंत्री जीे के संसदीय क्षेत्र बनारस में लगाये गये मेगा कैम्प की भांति अन्य प्रदेशों में भी मैगा कैम्प लगाये जाये। उन्होनें बताया कि उत्तराखण्ड सरकार के द्वारा 18 वर्ष से अधिक आयु के 40 प्रतिशत से अधिक विकलांगता वाले 64921 निःशक्तजनों को जिनकी मासिक आय रूपये 4000रूपये चार हजार मात्रद्ध से कम हैए को आर्थिक सहायता प्रदान किये जाने की उद्देश्य से रूपये 800 प्रतिमाह की दर से पेंशन प्रदान की जा रही है साथ ही मानसिक रूप से विकलांग व्यक्ति के साथ.साथ उसकी देखभाल करने वाले परिवार के सदस्य को भी रूपये 400चार सौ रूपयेद्ध प्रति माह अतिरिक्त दिये जा रहे हंै। उन्होनंे बताया कि उत्तराखण्ड सरकार द्वारा जुलाई 2015 मेें प्रारम्भ की योजना के अन्र्तगत विकलांग बच्चों को 18 वर्ष की आयु तक रूपये 500पांच सौ रूपयेद्ध प्रतिमाह की दर से भत्ता दिया जा रहा है। इस योजना के द्वारा वर्ष 2015.16 में 1166 बच्चों को लाभान्वित किया गया है। श्री नेगी ने सम्मेलन में बताया कि उत्तराखण्ड सरकार द्वारा विकलांग पेंशन की शर्तों में शिथिलता प्रदान करते हुये तीलू रौतेली विशेष पंेशन योजना अपै्रलए 2014 से प्रारम्भ की गयी है। इसका लाभ ऐसे ग्रामीण पुरूष एवं महिला को प्रदान की किया जा रहा है जिनकी विकलंागता का प्रतिशत 20 से 40 के मध्य है तथा वे कृषि व्यवसाय से जुडे़ होए इसमें मासिक आय सीमा का कोई प्रावधान नहीं है। पेंशन की धनराशि रूपये 800आठ सौ रूपयेद्ध प्रतिमाह है। वर्ष 2015.16 मं 372 व्यक्तियों को लाभान्वित किया गया है। इसके अलावा प्रदेश में बौना पेंशन योजनान्तर्गत 21 वर्ष से अधिक आयु के 4 फुट से कम ऊॅचाई के बौनों को रूपये 800आठ सौ रूपयेद्ध मासिक दर से पेंशन दी जा रही हैं। उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रदेश में कक्षा 1 से 10 तक के विकलांग छात्रों को भी छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। म्ंात्री ने बताया कि उनकी अध्यक्षता में दिसम्बरए 2015 से फरवरीए 2016 तक प्रदेश भर में 17 बहुउद्देशीय शिविरों का आयोजन किया गया। शिविर के दौरान 583 विकलांगजनों को कृत्रिम अंगध्सहायक उपकरण का वितरण किया गयाए 1580 विकलांगता प्रणाम.पत्र एवं 97 उत्तराखण्ड परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा सुविधा हेतु परिचय पत्र बनाये गये। उन्होंनंे बताया कि उत्तराखण्ड में विकलांग युवकध्युवती के विवाह करने पर रूपये 25000 की धनराशि प्रोत्साहन अनुदान के रूप में दी जाती है। वर्ष 2015.16 में 60 दम्पत्तियों को लाभान्वित किया गया है। साथ राज्य मेें विकलांगजनों को रोजगार मं 3 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया जा रहा है। नेगी ने बताया कि अभी तक उत्तराखण्ड राज्य में 93410 निःशक्तजनों को विशिष्ट विकलांग पहचान.पत्र दिये गये है

Bhadas 4 India देश के प्रतिष्ठित और नं.1 मीडियापोर्टल की हिंदी वेबसाइट है। भड़ास फॉर इंडिया.कॉम में हमें आपकी राय और सुझावों की जरुरत हैं। आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें bhadas4india@gmail.com पर भेज सकते हैं या हमारे व्हाटसप नंबर 9837261570 पर भी संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज Bhadas4india भी फॉलो कर सकते हैं।

Comments

comments