वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना से लाभान्वित इकाइयों का निरीक्षण।

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वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना से लाभान्वित इकाइयों का निरीक्षण।

बागेष्वर जिला पर्यटन अध्किारी लता बिश्ट ने अवगत कराया है कि विगत दिवस कौसानी तथा गरूड़ क्षेत्र में अवस्थित होमस्टे तथा वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना से लाभान्वित इकाइयों का औचक निरीक्षण किया गया। सभी होमस्टे स्वामियों को अवगत कराया गया है कि अपने भवनों में पूर्व में प्रचलित “पेंइग गैस्ट हाउस” को बदल कर वर्तमान में अनुमन्य “होम स्टे” का बोर्ड लगा दें तथा विजिटर बुक, फार्म सी, अग्निषमन यंत्र, टैरिफ कसर्ड आदि सभी मानकों को भी प्रदर्षित करना सुनिष्चित करें। उन्होंने बताया कि होम स्टे में भवन स्वामी का भवन में अपनी रसोई सहित निवास करना अनिवार्य है तथा 10 गुणा 10 वर्ग फीट के एक से लेकर छः कमरों को “होम स्टे” अन्तर्गत रू0 500.00 (रू0 पांच सौ मात्र) षुल्क के साथ 02 साल के लिए पर्यटन विभाग में पंजीकृत कराया जा सकता है, यह एक गैर वाणिज्यिक योजना है। इस दौरान उनके द्वारा पर्यटन विभाग की महत्वपूर्ण वाणिज्यिक योजना वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना से लाभान्वित इकाइयों का भी स्थलीय निरीक्षण किया, इस योजना से लाभान्वित होटल, मोटल, गैस्ट हाउस, रेस्टोरेंट, लाॅज उद्यमियों को निर्देषित किया गया कि यह योजना वाणिज्यिक है, अगर कोई इकाई गैर वाणिज्यिक कार्यों में लिप्त पायी गयी तो संबंधित राज सहायता आदि की वसूली हेतु नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की जायेगी, षपथ पत्र में दी गयी षर्तों के अनुसार इकाई का संचालन कम से कम 10 वर्शों तक किया जाना अनिवार्य है। सभी उद्यमी अपनीअपनी इकाइयों का आॅन लाइन अनिवार्य पर “उत्तराखण्ड पर्यटन यात्रा व्यवसाय नियमावली 2016 के अन्तर्गत” रू0 1000.00 (रू0 एक हजार मात्र) षुल्क जमा कर सुनिष्चित करें। उन्होंने बताया कि कौसानी में पर्यटन विभाग के निर्माणाधीन भवन का भी निरीक्षण किया गया तथा विभाग की षेश भूमि पर पार्क, बैंच, पर्यटक छतरी एवं म्यूरल आदि लगाने हेतु संभावनाओं को भी तलाषा गया। गरूड़ में निर्मित टैक्सी स्टैण्ड के समीप सुलभ षौचालय के बन्द पाये जाने पर सुलभ इन्टरनेषल से सम्पर्क कर कारण जाना गया तथा खुलवाने हेतु निर्देषित किया गया। सभी उद्यमियों को निर्देषित किया गया हैै कि भविश्य में सभी विभागीय टीमों द्वारा संयुक्त निरीक्षण किया जायेगा, अतः अपनी इकाईयों को वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना अन्तर्गत मोनोग्राम सहित होटल, मोटल, गैस्ट हाउस, लाॅज, रेस्टोरेंट हेतु स्वीकृत वर्श, योजना लागत, ऋण राषि, अषंदान राषि, अनुदान राषि का विवरण भी अवष्य दर्षायें, तथा विजिटर रजिस्टर, फार्म सी, टैरिफ कार्ड, अग्षिमन यंत्र, पार्किंग व्यवस्था, प्रदूशण नियंत्रण बोर्ड का अनापत्ति प्रमाणपत्र भी रखें। निरीक्षण हेतु ऋण स्वीकृत करने वाली बैंक षाखाओं के प्रबन्धकों से भी योजना के सही क्रियान्वयन की माॅनीटरिंग हेतु अनुरोध किया गया। उन्होंने सभी व्यवसायियों को कहा कि पर्यटन व्यवसाय उत्तराखण्ड प्रदेष की रीढ़ है, जनपद बागेष्वर में बेषुमार प्राकृतिक संपदाऐं मौजूद है, पर्यटकों के कौसानी प्रवेष करते ही पर्यटन व्यवसायी उन्हें अपने मृदु व्यवहार एवं उत्कृश्ठ सेवाओं से इतना प्रभावित कर दें, कि पर्यटक बैजनाथ बागनाथ ताकुलाकाण्डा चैकोड़ी कपकोट विजयपुर होकर लौटें या ग्लेषियरों की यात्रा करें, अथवा ग्रामीण पर्यटन उत्थान योजना से चयनित ग्रामोंसूपी, षामा, कीमू, लीती, बड़ीपन्याली, रातिरकेटी से पिथौरागढ़ को जायें। विन्टर पर्यटक सीजन क्रिसमस डे से नव वर्श आगमन तक चलेगा इस लिए सभी व्यवसायी अपने संसाधनों से मसूरी तथा नैनीताल की तर्ज पर “विन्टर कार्निवाल” का आयोजन भी कर सकते हैं। इस दौरान विभागीय कार्मिक श्री कैलाष सिंह कन्याल, कु0 दीपा देवराड़ी मौजूद थे।

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