वीडीओ भर्ती परीक्षा स्थगित मामले की जाँच किस पर गिरेगी गाज

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वीडीओ भर्ती परीक्षा स्थगित मामले की जाँच किस पर गिरेगी गाज
भड़ास की खबर का बड़ा असर सबसे पहले खबर लिख कर किया था खुलासा
देहरादून ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (वीडीओ) भर्ती परीक्षा में धांधली के आरोप को लेकर अभ्यर्थियों ने सोमवार को अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में हंगामा काटा। उन्होंने आयोग के अध्यक्ष से नौ बिंदुओं पर जांच की मांग। जिसपर अध्यक्ष ने 15 दिन के लिए प्रक्रिया स्थगित करते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं।
शनिवार को ‘भड़ास फॉर इंडिया ’ ने ‘उत्तराखंड में ग्राम पंचायत विकास अधिकारी पद पर बड़े घोटाले की बू ’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर ग्राम पंचायत विकास अधिकारी भर्ती परीक्षा में धांधली के आरोपों को प्रमुखता से उजागर किया था।सोशल मीडिया पर समाचार आने के बाद ये न्यूज़ वायरल हो गयी थी जिस को बाद में कई समाचार पत्रों ने प्रकाशित किया था यही नहीं इस न्यूज़ को लेकर उत्तराखंड में जनता के बिच भी काफी चर्चा हुई थी ग्राम पंचायत विकास अधिकारी पदों पर तैनाती प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि इसमें आयोग ने कुछ लोगों को लाभ पहुंचाया है। राज्यभर से आधा दर्जन परिवार ऐसे हैं, जिनके दो-दो अभ्यर्थी न केवल परीक्षा में सफल हुए, बल्कि अलग-अलग जनपदों से वरीयता सूची में भी शीर्ष स्थानों पर हैं। भाजपा जिला महामंत्री आदित्य चौहान ने कहा कि अभ्यर्थियों ने एक ही परिवार से दो-दो लोगों के शीर्ष सूची में होने, एक ही नाम से दो-दो आवेदन होने, पूरा परिणाम जारी नहीं किए जाने समेत नौ बिंदुओं पर जांच की मांग करते हुए आयोग के अध्यक्ष को ज्ञापन दिया है। गौरतलब है कि ग्राम विकास अधिकारी के 196 पदों के लिए छह मार्च को उत्तराखंड अधीनस्थ चयन सेवा आयोग ने परीक्षा आयोजित की थी। आयोग ने 30 मार्च को चयनित लोगों की सूची जारी की। सूची में सामने आया कि एक ही परिवार से दो-दो लोग अलग- अलग जिलों से चयनित हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि पिथौरागढ़ के परिवार का एक व्यक्ति का पिथौरागढ़ से और दूसरा पौड़ी से आवेदन करना ही शंका पैदा करता है। उन्होंने कहा कि परीक्षकों ने परीक्षा कक्ष में फोन के माध्यम से कुछ अभ्यर्थियों को मदद की।

भड़ास की खबर का बड़ा असर सबसे पहले खबर लिख कर किया था खुलासा

आगामी परीक्षाओं को और पारदर्शी बनाने के लिए कई अहम फैसले लिया। इसके साथ अब परीक्षक भी परीक्षा कक्ष में मोबाइल फोन नहीं ले जा सकेंगे। आयोग के अध्यक्ष डॉ. आरबीएस रावत ने कहा की परीक्षाओं की शुचिता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। आयोग ने फैसला किया है कि परीक्षा में ओएमआर सीट खाली छोड़ने पर परीक्षक उस पर ही दर्ज कर देंगे कि उक्त अभ्यर्थी का आवेदन रद्द माना जाए। इससे ओएमआर सीट को जांच प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा

अभ्यर्थियों की नौ सूत्रीय मांगों पर 15 दिन में जांच कराई जाएगी। जांच के बाद ही प्रक्रिया को जारी किया जाएगा। परीक्षा में शामिल 87,196 अभ्यर्थियों में से केवल 82,933 ने 50 फीसद प्रश्न भी हल नहीं किए थे।
डॉ. आरबीएस रावत, अध्यक्ष उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग

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