राज्य स्थापना दिवस उत्तराखंड राज्य हुआ सोलह का किशोर बोले हरदा कर रहे विकासः

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राज्य स्थापना दिवस उत्तराखंड राज्य हुआ सोलह का किशोर बोले हरदा कर रहे विकासः
देहरादून राज्य स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय की अध्यक्षता में प्रदेश कांग्रेस बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के तत्वावधान में गोष्ठी का आयोजन किया गया।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री किशोर उपाध्याय ने समस्त उत्तराखण्डवासियों को राज्य स्थापना दिवस पर बधाई देते हुए कहा कि कहा कि हम सर्वप्रथम उत्तराखण्ड के शहीदांें को शत्-शत् नमन करते हैं जिन्होंने अपना भविष्य हमारे वर्तमान के लिए बलिदान कर दिया।
श्री उपाध्याय ने उत्तराखण्ड राज्य निर्माण में उत्तराखण्ड के सभी वर्गो लोगों की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका रही है। राज्य निर्माण आन्दोलन के दौरान उन्होंने उत्तराखण्ड आन्दोलन को तन, मन, धन से पल्लवित और पोशित करने का काम किया है। उत्तराखण्ड राज्य निर्माण आन्दोलन के दौरान देशभर में जहां भी यहां के निवासी रहते हैं उन्होंने अपनी आवाज बुलंद की थी इसलिए उत्तराखण्ड निर्माण में उनके योगदान को नहीं भुलाया जा सकता है।
कंाग्रेस अध्यक्ष श्री उपाध्याय ने कहा कि 9 नवम्बर 2016 को उत्तराखण्ड 16 वर्ष का हो जाएगा। ये 16 वर्ष बहुत ही महत्वपूर्ण थे जिनमें हम राज्य आन्दोलन की भावना और उत्तराखण्ड आन्दोलन के शहीदों की भावना का उत्तराखण्ड बना सकते थ,े लेकिन आज भी उत्तराखण्ड के सामने अनेकानेक चुनौतियां है, विशेषकर महिलाओं एंव युवा पीढ़ी का भविष्य उत्तराखण्ड में सुरक्षित रहे उनके सिर का बोझ कम हो और चेहरों पर मुस्कान आये, इस हेतु अभी बहुत कुछ करना बाकी है। 2012 में बडी़ कठिन परिस्थितियों में उत्तराखण्ड में कांग्रेस की सरकार बनी और 2013 की आपदा ने पूरे प्रदेश को तोड़कर रख दिया था।
2014 में श्री हरीश रावत के मुख्यमंत्री बनने के बाद सरकार के सभी लोगों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं राजनैतिक नेतृत्व ने दिन रात एक कर उत्तराखण्ड के आत्मविश्वास को लौटाया। श्री राहुल गांधी जी ने गौरी कुण्ड से केदारनाथ जी तक पैदल यात्रा कर सुरक्षित उत्तराखण्ड का संदेश दिया, जिससे पुनः सुचारू रूप से चारधाम यात्रा के साथ-साथ पर्यटकों की आवाजाही को भी बढावा मिला और हजारों हजार हाथों को काम मिला। जब हम सही दिशा की तरफ बढ रहे थे तभी हमारे कुछ साथियों, जिन्हें कांग्रेस ने राजनैतिक पटल पर बड़े पदों पर स्थापित कर दिया था, ने कांग्रेस को धोखा देकर भारतीय जनता पार्टी और उत्तराखण्ड विरोधी ताकतों के साथ मिलकर सरकार गिराने का षड़यन्त्र किया और अन्ततः नरेन्द्र मोदी जी सहित पूरी केन्द्र सरकार और भाजपा के पूरे संगठन ने विकास के पहिये को रोकते हुए जनता द्वारा चुनी हुई उस राज्य सरकार को गिराने का काम किया जो जनता की भावनाआंे के अनुरूप काम कर रही थी। संकट की इस घड़ी में वास्तव में सरकार को बचाने का काम ‘‘लोकतंत्र बचाओ’’ कार्यक्रम के माध्यम से आप जैसे निष्ठावान कांग्रेस कार्यकर्ताओं का रहा है, जिन्होंने शेष विधायकगणों का मनोबल बढ़ाकर उन्हें रोकने का काम किया तथा मा0 मुख्यमंत्री जी का भी साहस बढ़ाया जिसके लिए मैं आप सभी का सदैव आभारी रहूंगा। 5 महीने तक उहापोह की स्थिति बनी रही कि उत्तराखण्ड का बजट पारित हुआ या नही, जिसका नकारात्मक असर उत्तराखण्ड के विकास पर पड़ा। नरेन्द्र मोदी जी ने हमारा विशेष राज्य का वह दर्जा भी समाप्त कर दिया, जिसकी आधारशिला अविभाजित उत्तर प्रदेश में श्रीमती इन्दिरा गांधी जी द्वारा रखी गई थी।
श्री उपाध्याय ने कहा कि राज्य निर्माण के उपरान्त राज्य की तत्कालीन भाजपानीत सरकार ने राज्य की स्थायी राजधानी के मुद्दे को लटकाने का काम किया जिसके कारण आज तक राज्य की स्थायी राजधानी का निर्माण नहीं हो पाया है। अब केन्द्र में सत्तासीन होने के उपरान्त भी भाजपानीत केन्द्र सरकार राज्य की स्थायी राजधानी के निर्माण के लिए राज्य सरकार के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान करने में आनाकानी कर रही है।
श्री उपाध्याय ने कहा कि पर्यावरण की रक्षा के लिए जब उत्तराखण्ड के लोगो ने ग्रीन बोनस मांगा तो उसे भी केन्द्र सरकार द्वारा नकार दिया गया, ‘‘नमामी गंगे’’ कार्यक्रम के तहत राज्य द्वारा केन्द्र को प्रस्तुत प्रस्तावों को अभी तक संस्तुति नही मिली। देहरादून से दिल्ली तक कांग्रेसजनों ने उत्तराखण्ड के हितों की रक्षा के लिए क्रमशः तीन मांगे केन्द्र सरकार के सामने रखी थी जिनमें सम्पूर्ण उत्तराखण्ड को आरक्षण की परिधि में लेने, रसोई गैस पर 50 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान करने तथा पर्वतीय क्षेत्रों में गांव खाली न हों उसके लिए किसानों को वृक्ष की खेती की तरफ आकर्षित करने तथा उत्तराखण्ड के किसानों को पेड़ बचाने हेतु कम से कम 2000 रू0 प्रति वृक्ष बोनस दिया जाना चाहिए जिससे पलायन रूकेगा और सीमान्त किसान की कमजोर हालत भी ठीक होगी।
गोष्ठी को संबोधित करने वालों में बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के डाॅ0 प्रदीप जोशी, डाॅ0 हर्ष डोभाल, डा0 के.आर जैन. डा0 मनोज जादौन, पृथ्वींिसह नेगी, एस.पी. सिंह इन्जीनियर, पृथ्वीराज चैहान, विवेकानन्द खण्डूरी, वी.के. नौटियाल, सुरेन्द्र भट्ट, यामीन अंसारी, डाॅ. आनन्द सुमन सिह, विजय लक्ष्मी गुसांई, राजेष पाण्डे, महामंत्री नवीन जोशी, विवेकानन्द खण्डूरी, राजेन्द्र शाह, धीरेन्द्र प्रताप, जयपाल जाटव, हरि भण्डारी, विनोद चैहान, गिरीश पुनेड़ा, नवीन पयाल, सुरेन्द्र रांगड़, लालचन्द षर्मा, प्रणीता बडोनी, षांति रावत, दीप बोहरा, पुश्पलता ममगाई, विषाल मौर्य, राजेष चमोली, मनीष नागपाल, पुश्पा पंवार, कुलदीप कुमार, अनिल नौटियाल, जे.पी. जगूडी, ऋशिपाल षर्मा, महेष जोषी, कंचन रांगड़, आर.के. षर्मा, बलवीर सिंह बब्बर, चरण सिह रावत, सुनील सेठ, अनूप बिश्ट, सत्येन्द्र पंवार, अल्मास सिद्धिकी, सहित अनेक कंाग्रेसजन षामिल थे।

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